शांति

'यमन दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ सकता'

यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 के और ज़्यादा गंभीर होते जाने के कारण अब बिल्कुल सही वक़्त है कि युद्धरत पक्ष अपनी अदावत ख़त्म करके लड़ाई बन्द कर दें. यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कही.  

वैश्विक युद्धविराम की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 के विश्व व्यापी ख़तरे को देखते हुए दुनिया भर में किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़ों और युद्धक गतिविधियों को तुरंत रोककर वैश्विक युद्धविराम लागू करने की अपील की है. एक वीडियो संदेश में उन्होंने इस महामारी को पूरी मानव जाति की असल चुनौती बताया...

विश्व पर गहरी छाप छोड़ने वाले पूर्व महासचिव हावियर पेरेज़ डि कुएयर के निधन पर शोक

संयुक्त राष्ट्र के पाँचवें महासचिव रहे हावियर पेरेज़ डि कुएयर का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. दो बार महासचिव रहे पेरेज़ डी कुएयर को शांतिवार्ता के रास्ते निकालने और कठिन दौर में विश्व संगठन का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है.

आईसिल अब भी एक गंभीर आतंकवादी ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के अध्यक्ष व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी समूह आईसिल के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट रहने का आहवान करते हुए कहा है कि ये गुट अफ्रीका, योरोप और एशिया तक अपनी पहुँच बनाए हुए है. उन्होंने शुक्रवार को आईसिल पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश करते हुए ये अपील की.

सीरिया: रोकना होगा जानमाल का नुक़सान और विशाल विस्थापन

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गियर पीडरसैन ने कहा है कि सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े – इदलिब में हवाई और ज़मीनी हमलों में आई तेज़ी के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की बाढ़ सी आ गई है और जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है.

हथियारों की बेरोक-टोक आपूर्ति और उपलब्धता से होती हैं लाखों मौतें

संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामीत्सू ने कहा है कि दुनिया भर में साल 2010 से 2015 के बीच हिंसक कारणों से जितनी मौतें हुईं उनमें से लगतभग 50 फ़ीसदी मौतों के लिए छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ. नाकामीत्सू ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि दुनिया भर में हर साल दो लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हिंसक कारणों से हो जाती है.

शरणार्थी पुनर्वास: अभी कम हैं मददगार हाथ!

दुनिया भर में वैसे तो लगभग 14 लाख शरणार्थी ऐसे हैं जिन्हें पुनर्वास की तुरंत ज़रूरत है मगर केवल 63 हज़ार 696 को ही वर्ष 2019 में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के ज़रिए फिर से ज़िन्दगी शुरू करने का मौक़ा मिला. ये शरणार्थियों की कुल संख्या का केवल साढ़े चार प्रतिशत हिस्सा है. कारण है कि दुनिया भर में सरकारों की तरफ़ से इन शरणार्थियों को पुनर्वास की समुचित पेशकश नहीं हो रही है.

'पागलपन की आँधी से बढ़ती अस्थिरता के संकेत'

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि पूरी दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनपेक्षित भू-राजनैतिक तनावों ने पागलपन की एक आँधी को जन्म दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों के लिए अपनी मुख्य वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही.

बोलीविया में भरोसेमन्द, पारदर्शी व समावेशी चुनाव के लिए भरपूर मदद

बोलीविया के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत ज्याँ अरनॉल्ट ने कहा है कि देश चुनावी प्रक्रिया में इस सप्ताह एक निर्णायक मुक़ाम पर पहुँच रहा है और संयुक्त राष्ट्र ये सुनिश्चित करने में भरपूर मदद करेगा कि देश में मतदान भरोसेमन्द, पारदर्शी और समावेशी हो.

सीरिया: इदलिब में भड़की ताज़ा लड़ाई पर 'गहरी चिन्ता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े में युद्ध गतिविधियों में आई तेज़ी पर गहरी चिन्ता जताते हुए तमाम सैन्य गतिविधियां तुरंत रोके जाने की पुकार लगाई है.