संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

नाममि गंगे परियोजना, भारत की पावन मानी जाने वाली गंगा नदी को स्वच्छ करने की भारत सरकार की एक महत्वाकाँक्षी योजना है.
Vis M/Wikimedia Commons

भारत: गंगा नदी को फिर से जीवन्त करने की पहल को संयुक्त राष्ट्र सम्मान

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की पवित्र गंगा नदी को फिर से जीवन्त करने की एक पहल, नमामि गंगे की सराहना करते हुए, उसे प्राकृतिक जगत को पुनर्जीवित करने पर केन्द्रित 10 अग्रणी प्रयासों में स्थान दिया है.

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में जैव-विविधता ख़तरे में है.
Unsplash/Zdeněk Macháček

पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के अग्रणी प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र सम्मान

संयुक्त राष्ट्र ने, विश्व की दस पहलों को ग्रह पर प्राकृतिक आवासों का क्षरण रोकने और उलटने में उनकी भूमिका के लिये मान्यता दी है, जो कुल मिलाकर 6 करोड़ 80 लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि व तटरेखाओं को पुनर्बहाल करने के प्रयासों में लगे हैं.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बाढ़ के पानी के नीचे पानी की आपूर्ति लाइन से युवा लड़के पीने का पानी इकट्ठा करते हैं.
© UNICEF/Asad Zaidi

तीव्र बाढ़ से स्वच्छता लक्ष्य पीछे धकेल दिए जाने का ख़तरा

पाकिस्तान, नाइजीरिया और हाल ही में चाड में आई भयंकर बाढ़ ने न केवल फ़सलों, घरों और बुनियादी ढाँचे को नष्ट कर दिया, बल्कि इससे शौचालयों, सीवरों और खुले स्थानों में शौच स्थलों में भी पानी भर गया, जिससे रोगजनक कीचड़ के पीने के पानी की आपूर्ति में मिलने से बीमारी के प्रकोप भड़के. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप), दुनिया भर में बाढ़ग्रस्त इलाक़ों में लोगों की सहनसक्षम स्वच्छता प्रणालियों व शौचालय सुविधाओं तक पहुँच हासिल कराने हेतु प्रयासरत है.

दक्षिण जॉर्जिया और दक्षिण सैंडविच द्वीपों पर जूवेनाइल किंग पेंग्विन.
© Unsplash/Ian Parker

2022 के यूनेप पृथ्वी चैम्पियन्स: पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के लिये प्रयासरत

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने मंगलवार को 2022 के ‘चैम्पियन्स ऑफ़ द अर्थ’ पुरस्कारों की घोषणा की है. इस वर्ष, इन पुरस्कारों के तहत, एक संरक्षणवादी, एक उद्यमी, एक अर्थशास्त्री, एक महिला अधिकार कार्यकर्ता, एवं एक वन्यजीव जीवविज्ञानी को, पारिस्थितिकी तंत्र की हानि रोकने और उलटने की उनकी परिवर्तनकारी कार्रवाई के लिये सम्मानित किया गया है.

टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज, दुनिया भर में प्लास्टिक प्रदूषण से लड़ने के लिये, यूनेप का एक वैश्विक युवा आन्दोलन है.
Sneha Shahi

टाइड टर्नर चुनौती: छह युवा प्लास्टिक प्रदूषण कार्यकर्ताओं की सक्रियता

प्लास्टिक प्रदूषण पर स्रोत से समुद्र तक केन्द्रित 'टाइड टर्नर्स चैलेंज’, संयुक्त राष्ट्र की अब तक की सबसे बड़ी युवा-प्रमुख वैश्विक प्लास्टिक पहल है, जिसमें 32 देशों में 50 हज़ार से अधिक युवजन, दुनिया भर में प्लस्टिक प्रदूषण से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

कुरुवितु के कुछ ग्रामीण, सीमेंट कोरल को एकान्त समुद्र में स्थापित करने के लिये, नाव में ले जाने के लिये तैयार कर रहे हैं.
UN/Thelma Mwadzaya

केनया: स्थानीय संरक्षण अभियान के ज़रिये, कुरुवितु कोरल की पुनर्बहाली

केनया के एक छोटे, शान्त गाँव में, एक सफल समुद्री प्रवाल संरक्षण परियोजना के ज़रिये, मछली पकड़ने के उद्योग को एक नया उद्देश्य मिला है, जो हिन्द महासागर के पश्चिमी हिस्से के समुद्री संरक्षित क्षेत्रों में अपनी तरह की पहली,अनूठी पहल है.

फिलीपींस जैसे देशों में चावल जैसी फ़सलों की खेती के लिये बड़ी मात्रा में ताज़े पानी की आवश्यकता होती है, जिसका पर्यावरणीय असर पड़ता है.
© FAO/Lena Gubler

खेतीबाड़ी के अस्तित्व के लिये अति अहम पानी पर मंडराते कुछ जोखिम

1950 के दशक से, सिन्थेटिक उर्वरकों, रासायनिक कीटनाशकों और उच्च उपज वाले अनाज जैसे नवाचारों ने मानवता को अनाज उत्पादन की मात्रा में नाटकीय रूप से वृद्धि करने में मदद की है. लेकिन ये आविष्कार, कृषि की सबसे क़ीमती वस्तु - ताज़े पानी के बिना बेकार होंगे. और शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अब ख़तरे में है.