वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

सना

यमन में ताइज़ नगर की एक बस्ती का दृश्य, जहाँ युद्ध के दौरान भारी तबाही हुई है.
© WFP/Mohammed Awadh

यमन: क़ैदियों की रिहाई का स्वागत, युद्ध के राजनैतिक समाधान का आग्रह

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने, देश में अनेक वर्षों से जारी युद्ध से सम्बन्धित क़ैदियों का एक बड़ा आदान-प्रदान, शुक्रवार को शुरू होने के मौक़े पर, युद्धरत पक्षों से एक शान्तिपूर्ण भविष्य की तलाश जारी रखने का आग्रह किया है.

यमन में 2015 से जारी गृह युद्ध के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. विस्थापितों के एक शिविर में कुछ बच्चे शिक्षा हासिल करते हुए.
© UNICEF

यमन: सऊदी-हूथी शान्ति-वार्ता ‘एक स्वागत योग्य क़दम’

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने, यमन में गत सप्ताहान्त के दौरान सऊदी अरब और ओमान के प्रतिनिधिमंडलों के दरम्यान हुई बातचीत का स्वागत किया है, जिसमें यमन में हूथी विद्रोही आन्दोलन के अधिकारियों ने भी शिरकत की है.

यमन के मारिब शहर के पास विस्थापितों के लिये बनाए गए एक शिविर में कुछ बच्चियाँ.
© WFP/Annabel Symington

यमन: बच्चों की सुरक्षा के लिये हूथियों के नए संकल्प का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र ने यमन में सशस्त्र संघर्ष से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिये एक कार्रवाई योजना पर दस्तख़त किये जाने की सराहना की है.

यमन के साआदा में, एक ध्वस्त वाहन के पास खड़े दो लड़के.
© WFP/Jonathan Dumont

यमन: पिछले सप्ताह गठबन्धन के हमले में 91 की मौत और सैकड़ों घायल

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को कहा है कि यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबन्धन ने पिछले सप्ताह उत्तरी शहर – साआदा में एक बन्दीगृह पर जो हवाई हमले किये थे, उनमें, आरम्भिक ख़बरों के अनुसार 91 लोग मारे गए और अनेक अन्य घायल हुए हैं. 

यमन के नागरिक इब्राहीम अब्दुल्लाह और उनका परिवार एक ऐसे शिविर में रहता है जिसकी कोई छत नहीं है और बारिश में पानी सीधा उनके ऊपर आता है.
© UNICEF/Saleh Hayyan

यमन: तेज़ होती लड़ाई के बीच, संयम, शान्ति व सम्वाद पर ज़ोर

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हान्स ग्रण्डबर्ग ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि देश, सैन्य गतिविधियों व संघर्ष में बढ़ोत्तरी के हालात में, एक बिखरे हुए व रक्तरंजित युद्ध के एक नए दौर से गुज़र रहा है.

यमन के अदन में स्थित एक अस्पताल में, एक डॉक्टर एक बच्चे की कृत्रिम टांग का निरीक्षण करते हुए.
© UNICEF Yemen

यमन: मारे गए या अपंग हुए बच्चों की संख्या पहुँची - दस हज़ार से ऊपर

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि यमन में मार्च 2015 में भड़के गृहयुद्ध में एक और शर्मनाक पड़ाव पार हो गया है जब इस लड़ाई में मारे गए या अपंग हुए बच्चों की संख्या 10 हज़ार को पार कर गई है.

यमन में फ़ज अट्टन बस्ती का एक दृश्य जहाँ लगातार हवाई हमले होते रहे हैं. यहाँ की ज़्यादातर आबादी ने ये इलाक़ा छोड़ दिया है.
UNOCHA/Charlotte Cans

यमन: लगातार बढ़ रहा है भय का माहौल, सभी पक्ष हैं ज़िम्मेदार

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक पैनल ने बुधवार को कहा है कि यमन में, छह साल से जारी गृहयुद्ध में कोई कमी होती नज़र नहीं आ रही है और युद्ध के कारण, आम आबादी में डर का माहौल लगातार बढ़ रहा है.

यमन में, गृह युद्ध के कारण, लाखों लोगों को अपने घर छोड़कर, अस्थाई शिविरों में रहने के लिये मजबूर होना पड़ा है.
© UNICEF/Hisham Al-Helali

यमन: गृह युद्ध जल्दी ख़त्म होने के आसार नहीं नज़र आते

मध्य पूर्व क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ख़ालेद ख़ैरी ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि यमन में, सम्बद्ध पक्षों के बीच, गृहयुद्ध समाप्त करने के लिये किसी राजनैतिक समझौते पर कोई सहमति नहीं बन सकी है. ध्यान रहे कि यमन में, गृहयुद्ध सातवें वर्ष में दाख़िल हो गया है.

यमन की राजधानी सना में प्रवासियों को हिरासत में रखने के लिये बनाए गए एक बन्दीगृह का दृश्य, इस केन्द्र में अत्यधिक भीड़ रही है.
United Nations

यमन: भीषण आग लगने के बाद, तत्काल मानवीय सहायता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन मामलों की एजेंसी – IOM ने यमन की राजधानी सना में, उस अत्यधिक भीड़ भरे बन्दीगृह में तुरन्त मानवीय सहायता पहुँचाए जाने का आहवान किया है जहाँ बीते सप्ताहान्त भीषण आग लगने से, अनेक लोगों की मौतें होने की ख़बरें आई हैं. इस बन्दीगृह में प्रवासियों को रखा जाता है.

यमन में घरेलू विस्थापन का शिकार एक बच्चा.
UNOCHA/Mahmoud Fadel

यमन: अमेरिकी फ़ैसले से लाखों लोगों को मिल सकेगी अहम राहत , यूएन

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यमन में हूथी आन्दोलनकारी संगठन (अन्सार अल्लाह) को, अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने वाला फ़ैसला पलट किये जाने से, देश में लाखों लोगों को बहुत अहम राहत मिल सकेगी. ये वो लोग हैं जो जीवित रहने के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता और आयात पर निर्भर हैं.