शिक्षा

यूक्रेन के ख़ारकीव में यूनीसेफ़ द्वारा संचालित एक केन्द्र में विस्थापित खेल व पढ़ रहे हैं.
© UNICEF/Christina Pashkina

शिक्षा में रूपान्तरकारी बदलाव के लिए सकंल्प, ज़मीनी स्तर पर लागू करने होंगे

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ध्यान दिलाया है कि पिछले वर्ष यूएन सम्मेलन के दौरान, शिक्षा में रूपान्तरकारी बदलाव लाने के लिए जो संकल्प लिए गए थे, अब उन पर ज़मीनी स्तर पर करना होगा.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में, पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए. (फ़ाइल)
UN Photo

अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस: व्यक्तियों में निवेश, शिक्षा को प्राथमिकता देने की पुकार

अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस (24 जनवरी) पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का वीडियो सन्देश. यूएन प्रमुख के अनुसार, इस वर्ष की थीम हमें याद दिलाती है की हम व्यक्तियों में निवेश करें, शिक्षा को प्राथमिकता दें.” अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर यूनेस्को ने ज़ोर देकर कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सभी लड़कियों व युवा महिलाओं की स्कूलों व विश्वविद्यालयों में वापसी और उनके लिए शिक्षा अवसरों की सुलभता सुनिश्चित की जानी होगी.

11 वर्षीय कात्या इरपिन स्कूल के क्षेत्र में खड़ी है, जिस पर मार्च 2022 में भारी बमबारी की गई थी.
UNICEF

यूनीसेफ़: यूक्रेन युद्ध के कारण, पचास लाख से अधिक बच्चों की शिक्षा बाधित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने मंगलवार को कहा है कि यूक्रेन में 11 महीने के युद्ध के कारण, 50 लाख से अधिक लड़कों और लड़कियों की शिक्षा बाधित हुई है. यूएन एजेंसी ने बच्चों के लिये सीखने के अवसर जारी रखने के लिये, अन्तरारष्ट्रीय समुदाय से अधिक समर्थन की अपील की है.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रान्त में स्थित एक स्कूल में छात्राएँ. (फ़ाइल)
© UNICEF/Mark Naftalin

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान से महिलाओं व लड़कियों से पाबन्दियाँ हटाने, अधिकार हनन रोकने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद और महिला सशक्तिकरण मामलों के लिए प्रयासरत यूएन संस्था (UN Women) की प्रमुख सीमा बहोउस ने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान नेतृत्व से, उन आदेशों व नीतियों को वापिस लेने का आग्रह किया है, जिनसे देश में महिलाएँ व लड़कियाँ अपने घरों तक सीमित रह गई हैं, उनके अधिकारों का हनन हुआ है, और उनकी सेवाओं से समुदाय वंचित हो रहे हैं.

यूरी प्राइमरी स्कूल, डेल्टा स्टेट, नाइजीरिया में पढ़ने वाले स्कूली बच्चे.
© UNICEF/Apochi Owoicho

यूनीसेफ़: अत्यन्त निर्धन शिक्षार्थियों को सार्वजनिक शिक्षा ख़र्च का न्यूनतम लाभ

यूनीसेफ़ की एक नई रिपोर्ट के अनुसार देशों की सरकारें, उन बच्चों में पर्याप्त संसाधन निवेश नहीं कर रही हैं जिन्हें शिक्षा की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. निर्धन बच्चों का सार्वजनिक शिक्षा ख़र्च अधिक प्राप्त करने वाली उच्च शिक्षा में भी, निर्धन बच्चों का प्रतिनिधित्व कम है. आँकड़ों से पता चला है कि सबसे ग़रीब शिक्षार्थियों की तुलना में, सबसे धनी परिवारों के बच्चों को सार्वजनिक शिक्षा निधि की राशि का छह गुना अधिक लाभ मिलता है. इस रिपोर्ट में प्रत्येक शिक्षार्थी तक शिक्षा संसाधनों की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आहवान किया गया है. (वीडियो फ़ीचर)

भारत के गुजरात राज्य में एक लड़की, घर पर पढ़ाई कर रही है.
© UNICEF/Panjwani

निर्धनतम शिक्षार्थियों को सार्वजनिक शिक्षा का न्यूनतम लाभ: यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा है कि देशों की सरकारें उन बच्चों में पर्याप्त संसाधन निवेश नहीं कर रही हैं जिन्हें शिक्षा की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

अफ़ग़ानिस्तान के नूरिस्तान प्रान्त के एक हाई स्कूल में, कुछ छात्राएँ अपनी कक्षा में बैठे हुए. तालेबान के शासन में लड़कियों की शिक्षा पर अनेक तरह की पाबन्दियाँ लगी हैं.
© UNICEF/Sayed Bidel

अफ़ग़ानिस्तान: 'तालेबान द्वारा महिला अधिकारों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद की एकता अनिवार्य'

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि रोज़ा ओटुनबायेवा ने शुक्रवार को कहा है कि देश में महिलाओं और लड़कियों के बुनियादी अधिकारों को लुप्त करने वाली तालेबान की नीतियों का विरोध करने के लिए सुरक्षा परिषद को एकजुट होना होगा.

एंडीज़ पर्वतीय क्षेत्र में स्थानीय महिलाएँ.
SGP-GEF-UNDP Peru/Enrique Castro-Mendívil

2022 पर एक नज़र: अधिकारों की लड़ाई लड़ रही महिलाओं को पुरज़ोर समर्थन

संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिये, विश्व भर में साझीदार संगठनों के साथ मिलकर अपने प्रयास 2022 में जारी रखे, जिनके केन्द्र में महिला अधिकारों के लिये समर्थन सुनिश्चित करना, उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार व शोषण से बचाव, महिलाओं व लड़कियों की सहायता पर केन्द्रित स्वास्थ्य उपायों का समर्थन करना और उनके जीवन में बेहतरी सुनिश्चित करना था.

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दाहार में एक पोलियो अभियान के तहत, बच्चे का टीकाकरण किया जा रहा है.
© UNICEF/Frank Dejongh

अफ़ग़ानिस्तान: ग़ैर-सरकारी संगठनों में महिलाओं के काम करने पर रोक की कठोर निन्दा

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों और नागरिक समाज संगठनों के प्रमुखों ने गुरूवार को एक स्वर में, अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान प्रशासन से आग्रह किया है कि ग़ैर-सरकारी संगठनों में महिलाओं के काम करने पर लगाई गई पाबन्दी को हटाया जाना होगा.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रान्त में लड़कियों के एक स्कूल में, महिला अधिकार पैरोकार जागरूकता प्रसार में जुटी हैं. (फ़ाइल)
UNAMA/Fraidoon Poya

अफ़ग़ानिस्तान: महिला अधिकारों पर पाबन्दियाँ ‘समझ से परे’, देश की स्थिरता के लिये जोखिम

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान प्रशासन से उन नीतियों को वापिस लिये जाने की मांग की है, जिनसे महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों को गहरी ठेस पहुँची है. उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से महिलाओं के जीवन पर भयावह असर होगा, जिससे देश की स्थिरता के लिये भी जोखिम पैदा होने की आशंका है.