सामाजिक संरक्षा

चार अरब लोग सामाजिक संरक्षा दायरे से बाहर – यूएन श्रम एजेंसी की चेतावनी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 संकट काल में सामाजिक संरक्षा के दायरे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, मगर इसके बावजूद, चार अरब से अधिक लोगों को अब भी ये उपाय उपलब्ध नहीं हैं. 

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा उपाय जीवनदायक, मगर धनी व निर्धन देशों के बीच खाई 

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, अभूतपूर्व संख्या में सामाजिक संरक्षा उपाय शुरू किये गए हैं, मगर इससे धनी व निर्धन देशों के बीच बढ़ती खाई को पाट पाने में सफलता नहीं मिल पाई है.

महिला आयोग: कोविड-19 ने उजागर की लैंगिक विषमताएँ, महासचिव 

वैश्विक महामारी कोविड-19 का महिलाओं व लड़कियों पर विनाशकारी प्रभाव हुआ है और इसके दुष्प्रभावों से सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक प्रणालियों में गहराई तक समाईं लैंगिक विषमताएँ उजागर हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को, महिलाओं की स्थिति पर आयोग (Commission on the Status of Women) के सत्र को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

कोविड-19: धनी देशों में बच्चों के लिये पर्याप्त वित्तीय समर्थन का अभाव 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कड़े शब्दों में कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान धनी देशों द्वारा बच्चों के लिये आबंटित वित्तीय संसाधनों का स्तर पूर्ण रूप से अपर्याप्त है. बाल निर्धनता पर शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है. 

कोविड-19: अधिकाँश देश आर्थिक व सामाजिक दुष्प्रभावों से महिलाओं की रक्षा करने में विफल 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण महिलाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन अधिकाँश देश उनके लिये पर्याप्त सामाजिक और आर्थिक संरक्षा उपाय करने में नाकाम साबित हो रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के लिये संयुक्त राष्ट्र की संस्था (UN Women) की प्रमुख पुमज़िले म्लाम्बो-न्गुका ने सोमवार को यह बात कही है. 

कोविड-19: निर्धनों को दासता के आधुनिक रूपों से बचाने की पुकार

देशों की सरकारों द्वारा समय रहते सहायता के समुचित प्रयास नहीं किये जाने के कारण विश्व भर के लाखों-करोड़ लोग कोविड-19 महामारी के कारण दासता व शोषण के समकालीन रूपों के शिकार हो सकते हैं. यह चेतावनी दासता के समकालीन रूपों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर तोमोया ओबोकाता की ओर से जारी की गई है जिन्होंने बुधवार को मानवाधिकार परिषद के वर्चुअल सत्र के दौरान अपनी पहली रिपोर्ट पेश की है. 

कामकाजी दुनिया को ज़्यादा हरित व सुदृढ़ बनाने का ब्लूप्रिन्ट 

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया भर में रोज़गारों, आजीविका के साधनों और कामगारों, उनके परिवारों और व्यवसायों के कल्याण पर असर लगातार जारी है. संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को एक नया नीति-पत्र जारी किया है जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर कोरोनावायरस सँकट के भयावह दुष्परिणामों को दर्शाते हुए हरित, समावेशी और सुदृढ़ पुनर्बहाली की नींव तैयार रखने की कार्ययोजना पेश की गई है.

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा व्यापक व मज़बूत करनी होगी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि विकासशील देशों में कोविड-19 ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज में ख़ामियों को उजागर कर दिया है जिसके कारण महामारी से उबरने के प्रयासों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और करोड़ों लोग ग़रीबी के गर्त में धकेले जा सकते हैं. ऐसा हुआ तो इसी तरह के संकटों का सामना करने की वैश्विक तैयारी भी प्रभावित होगी.