सामाजिक संरक्षा

अत्यधिक निर्धनता व मानवाधिकारों पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर ओलिवियर डे शुटर लेबनान की यात्रा के दौरान.
Marwan Tahtah

नस्लवाद और लैंगिकवाद की तरह, ‘निर्धनतावाद’ भी ग़ैरक़ानूनी हो, यूएन विशेषज्ञ

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ओलिवियर डे शुटर ने सचेत किया है कि विश्व भर में जीवन-यापन की लागत में वृद्धि से उपजे वैश्विक संकट के कारण, वर्ष 2030 तक निर्धनता उन्मूलन के प्रयासों में अवरोध पैदा हुआ है. इसके बावजूद, टिकाऊ विकास एजेंडा के इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज कर पाना सम्भव है.   

मैक्सिको के सैंटियागो डी क्वेरेटारो की गलियों में गुड़िया बेचती, मैक्सिको के आदिवासी समूह की एक महिला.
Unsplash/Bernardo Ramonfaur

यूक्रेन सहित अनेक वैश्विक संकटों के कारण श्रम बाज़ार में बिगड़ते हालात

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि आपस में गुँथे हुए अनेक आर्थिक व राजनैतिक संकटों का असर, यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण और अधिक गहराया है. इससे विश्व भर में श्रम बाज़ार के लिये ख़तरा पनप रहा है और बेरोज़गारी व विषमता बढ़ने की आशंका है.

टिकाऊ विकास का 2030 एजेण्डा, सर्वजन के लिये एक बेहतर व टिकाऊ भविष्य प्राप्ति का ब्लूप्रिन्ट है.
© UNDP

टिकाऊ विकास फ़ोरम: विविध चुनौतियों की पृष्ठभूमि में आशावाद का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के अध्यक्ष कॉलेन विक्सेन केलापिल ने टिकाऊ विकास पर केन्द्रित एक वार्षिक फ़ोरम का उदघाटन करते हुए, एक शान्तिपूर्ण व समृद्ध विश्व के सृजन के लिये साझेदारियों को संवारने पर बल दिया है. 

कोविड-19 महामारी के कारण घरेलू कर्मचारियों के लिये स्थिति और भी कठिन हुई है.
ILO

केवल 6% कर्मचारियों को हासिल हैं, सामाजिक सुरक्षा लाभ

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि विश्व भर में केवल छह प्रतिशत घरेलू कर्मचारियों को ही, व्यापक तौर पर, चिकित्सा देखभाल, बेरोज़गारी भत्ता, मातृत्व अवकाश समेत अन्य सामाजिक संरक्षा लाभों तक पहुँच है.

यूक्रेन के स्कवीरा में अनाज प्रसंस्करण फ़ैक्टी में कार्यरत कामगार.
© FAO/Genya Savilov

यूक्रेन संकट: 48 लाख रोज़गार हानि की आशंका, ILO का नया विश्लेषण

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 48 लाख रोज़गार समाप्त हो जाने की आशंका है. यूएन एजेंसी के अनुसार, अगर ये टकराव और अधिक बढ़ता है, तो रोज़गार हानि का आँकड़ा 70 लाख तक पहुँच सकता है.

थाईलैण्ड टिकाऊ विकास लक्ष्यों के तहत टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दे रहा है.
UN Women/Pornvit Visitoran

टिकाऊ विकास: विकासशील देशों के लिये वित्त पोषण सुनिश्चित किये जाने पर बल

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि अनेक विकासशील देशों को कर्ज़ लेने के बाद उसे चुकाने की भारी क़ीमत का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके लिये कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के रास्ते में अवरोध पैदा हुए हैं और उन्हें विकास मद में व्यय में कटौती के लिये भी मजबूर होना पड़ा है. यूक्रेन में युद्ध के कारण ईंधन और खाद्य क़ीमतों में उछाल की वजह से आर्थिक परिदृश्य और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की आशंका व्यक्त की गई है. 

तुर्की में एक युवक को रोज़गार प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.
© ILO/Berke Arakli

कोविड-19: महामारी से पुनर्बहाली के लिये, व्यक्ति-केन्द्रित उपायों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के मुद्दे पर आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए, व्यक्ति-केन्द्रित उपायों को प्राथमिकता दिये जाने का आहवान किया है. उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सामाजिक संरक्षा के वादे को साकार किया जाना होगा और लोगों को उपयुक्त व शिष्ट रोज़गार उपलब्ध कराए जाने होंगे.

विकलांगजन को अपने जीवन के लगभग हर पहलू में अक्सर चुनौतियों व मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
UNDP Moldova/ Ion Buga

विकलांगजन के समक्ष मौजूद अवरोधों को दूर करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विकलांगजन के अधिकारों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर एक बैठक को सम्बोधित करते हुए ध्यान दिलाया है कि विकलांगजन अक्सर समाज के सर्वाधिक निर्धन और वंचित समुदायों में होते हैं. यूएन प्रमुख ने विश्व के हर कोने और जीवन के हर पहलू में विकलांगजन के अधिकारों को बढ़ावा दिये जाने के लिये निवेश की पुकार लगाई है.

मोलदोवा के चिज़िनाउ में एक महिला अपने बच्चे को गोद में लिये हुए भीख माँग रही है.
ILO/Marcel Crozet

चार अरब लोग सामाजिक संरक्षा दायरे से बाहर – यूएन श्रम एजेंसी की चेतावनी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 संकट काल में सामाजिक संरक्षा के दायरे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, मगर इसके बावजूद, चार अरब से अधिक लोगों को अब भी ये उपाय उपलब्ध नहीं हैं. 

यूएन विकास कार्यक्रम ने कोविड-19 के दौरान बांग्लादेश में परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है.
UNDP/Fahad Kaizer

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा उपाय जीवनदायक, मगर धनी व निर्धन देशों के बीच खाई 

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, अभूतपूर्व संख्या में सामाजिक संरक्षा उपाय शुरू किये गए हैं, मगर इससे धनी व निर्धन देशों के बीच बढ़ती खाई को पाट पाने में सफलता नहीं मिल पाई है.