सैन्य तख़्तापलट

म्याँमार में युवजन, लोकतंत्र के समर्थन में हो रहे एक प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए.
Unsplash/Pyae Sone Htun

म्याँमार: यूएन विशेष दूत की प्रथम देश यात्रा

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नोएलीन हेयज़ेर ने अक्टूबर 2021 में अपनी यह ज़िम्मेदारी संभालने के बाद, पहली बार देश की यात्रा की है.

म्याँमार में, देश के भीतर ही विस्थापित हुए लोगों के लिये बनाए गए एक शिविर में, कुछ लड़कियाँ पानी भरते हुए.
UNOCHA/Z. Nurmukhambetova

म्याँमार: नौ लाख से अधिक आन्तरिक विस्थापितों के समक्ष कठिन चुनौतियाँ

संयुक्त राष्ट्र ने अपने एक नए अपटेड में बताया है कि म्याँमार में टकराव और अस्थिरता के कारण देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या 9 लाख 12 हज़ार से अधिक पहुँच गई है. इनमें साढ़े पाँच लाख से अधिक लोग फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद से विस्थापित हुए हैं. 

म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट के विरोध में जन प्रदर्शन
Unsplash/Pyae Sone Htun

म्याँमार: मानवाधिकार हनन के अति-गम्भीर मामले, पुख़्ता व समन्वित कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने मंगलवार को बताया है कि म्याँमार में फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद से अब तक, सुरक्षा बलों के हाथों एक हज़ार 600 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि साढ़े 12 हज़ार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

यूएन के विशेष रैपोर्टेयर के अनुसार, म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद हालात बद से बदतर हुए हैं.
Asian Development Bank

म्याँमार: 'आम लोगों पर हमलों में इस्तेमाल' किये गए हथियारों पर पाबन्दी की मांग  

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने मानवाधिकार परिषद के लिये अपनी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि देश के सैन्य नेतृत्व को ऐसे हथियार मुहैया कराए जाने पर तुरन्त रोक लगानी होगी, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से - आम लोगों के विरुद्ध हमले करने में किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार म्याँमार को हथियार आपूर्ति करने वाले देशों में, सुरक्षा परिषद के दो स्थाई सदस्य देश भी हैं.

म्याँमार में युवजन, लोकतंत्र के समर्थन में हो रहे एक प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.
Unsplash/Pyae Sone Htun

म्याँमार: आम लोगों की आवाज़ सर्वोपरि, यूएन प्रमुख का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट का एक वर्ष पूरे होने के मौक़े पर, आम लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है, और देश के समावेशी व लोकतांत्रिक समाज की दिशा में लौटने के लिये क़दम बढ़ाने का आहवान किया है. म्याँमार में सैन्य नेतृत्व ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई आंग सान सू ची सरकार को, एक फ़रवरी 2021 को बेदख़ल कर दिया था, जिसके बाद से देश राजनैतिक संकट से जूझ रहा है. 

म्याँमार में यंगून शहर का एक दृश्य.
Unsplash/Alexander Schimmeck

म्याँमार: हमले में पत्रकार की मौत की निन्दा, पूर्ण जाँच की मांग 

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने म्याँमार में सरकार से, गत दिसम्बर में, देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक सैन्य हमले के दौरान, एक पत्रकार के मारे जाने की घटना की विस्तृत जाँच कराए जाने का आग्रह किया है. 

म्यांमार में कोविड-19 महामारी और असुरक्षा ने सर्वाधिक निर्बलों को निर्धनता की ओर धकेल दिया है.
© UNICEF/Nyan Zay Htet

म्याँमार: स्थानीय जनता के लिये, 2022 में 'अभूतपू्र्व' संकट पैदा होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र का एक विश्लेषण दर्शाता है कि म्याँमार की जनता के लिये, वर्ष 2022 में एक अभूतपूर्व राजनैतिक, सामाजिक-आर्थिक, मानवाधिकार व मानवीय संकट पैदा हो सकता है. यूएन के मुताबिक़, कोविड-19 की गम्भीर तीसरी लहर और सैन्त तख़्तापलट के बाद से ज़रूरतमन्दों की संख्या बढ़ी है. 

 

म्याँमार के यंगून शहर में, एक मन्दिर में लोग प्रार्थना करते हुए
Unsplash/Matteo Massimi

म्याँमार: सुरक्षा परिषद ने हमले में आम लोगों के मारे जाने की निन्दा की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने म्याँमार के कायाह प्रान्त में हमले में कम से कम 35 लोगों के मारे जाने की निन्दा करते हुए कहा है कि इस घटना के दोषियों की जवाबदेही तय की जानी होगी. मृतकों में चार बच्चे, और ‘सेव द चिल्ड्रन’ नामक संगठन के दो कर्मचारी भी हैं.   

म्याँमार में यंगून शहर का एक दृश्य.
Unsplash/Alexander Schimmeck

म्याँमार: हमले में बच्चों, राहतकर्मियों व आम नागरिकों के मारे जाने की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने म्याँमार में कम से कम 35 लोगों को मार दिये जाने के बाद, उनके शवों को कथित रूप से जलाये जाने की घटना को स्तब्धकारी बताया है. मृतकों में चार बच्चे और एक मानवीय राहत संगठन के दो कर्मचारी भी हैं. 

माली में संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षा और स्थिरता मिशन के शान्तिरक्षक, पूर्वोत्तर इलाक़े में ग्रामीणों के साथ बातचीत करते हए.
MINUSMA/Harandane Dicko

2021 पर एक नज़र: हिंसा की आग में झुलसते देशों की मदद के लिये प्रयास

लम्बे समय से हिंसक संघर्ष में झुलस रहे सीरिया और यमन में, हिंसा इस वर्ष भी जारी रही. वहीं, म्याँमार, अफ़ग़ानिस्तान, इथियोपिया और सूडान में नए सिरे से पसरी अशान्ति व अस्थिरता के कारण, हालात गम्भीर हो गए. यूएन शान्तिरक्षा मिशनों, विशेष रूप से माली व मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में शान्तिरक्षा अभियानों को जानमाल की हानि हुई. संयुक्त राष्ट्र ने शान्ति व सुरक्षा की मौजूदा चुनौतियों के बीच, हिंसा की चपेट में आए लोगों की सुरक्षा के लिये अपने संकल्प को पुष्ट किया.