सैन्य नेतृत्व

म्याँमार में हिंसा के अन्त की मांग को लेकर वॉशिंगटन डीसी में जुटे प्रदर्शनकारी.
Unsplash/Gayatri Malhotra

म्याँमार: गोपनीय सैन्य अदालतों ने 130 लोगों को सुनाई मौत की सज़ा

म्याँमार में सैन्य अदालतों ने, फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद से अब तक, बन्द दरवाज़ों के भीतर हुई सुनवाई में 130 से अधिक लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने इस सप्ताह इन अदालतों द्वारा सुनाए गए नवीनतम फ़ैसलों की पृष्ठभूमि में यह जानकारी दी है.

म्याँमार के राखीन प्रान्त में हिंसक टकराव की वजह से विस्थापित एक परिवार.
© UNICEF Myanmar

म्याँमार संकट के हल की तलाश में, कोरिया गणराज्य की अहम भूमिका रेखांकित

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि म्याँमार संकट से निपटने में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय अब तक विफल रहा है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने कोरिया गणराज्य की अपनी छह-दिवसीय आधिकारिक यात्रा के समापन पर देश से इस चुनौती का हल ढूँढने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया है.

म्याँमार में आर्थिक व राजनैतिक संकट के बीच, बाल अधिकारों के लिये संकट गम्भीर रूप धारण कर रहा है.
World Bank/Tom Cheatham

म्याँमार में मानवाधिकारों के लिये 'हालात बद से बदतर, भयावह हुए'

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने मानवाधिकार परिषद को बताया है कि देश में फ़रवरी 2021 में, सैन्य तख़्तापलट के बाद से अब तक, किसी भी पैमाने से, हालात बद से बदतर हुए है.

म्याँमार में आर्थिक व राजनैतिक संकट के बीच, बाल अधिकारों के लिये संकट गम्भीर रूप धारण कर रहा है.
World Bank/Tom Cheatham

म्याँमार: बच्चों के लिये गहराता संकट, यूएन समिति की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति ने जिनीवा में बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि म्याँमार में संकटग्रस्त परिस्थितियों में जीवन गुज़ारने को मजबूर बच्चों की एक पूरी पीढ़ी की, जल्द से जल्द रक्षा सुनिश्चित की जानी होगी. समिति ने देश में मौजूदा हालात से त्रस्त बच्चों को राहत प्रदान करने के लिये, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

म्याँमार के यंगून शहर में, विभिन्न नस्लीय व धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग, प्रार्थना सभा में शिरकत करते हुए.
Unsplash/Zinko Hein

म्याँमार: आम नागरिकों पर दुखद हमलों की पारदर्शी जाँच कराये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र में मानवीय राहत मामलों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने म्याँमार के कायाह प्रान्त में आम नागरिकों के विरुद्ध हाल के दिनों में किये गए घातक हमलों की जाँच कराये जाने का आग्रह किया है.

म्याँमार के यंगून शहर का एक नज़ारा.
Asian Development Bank/Lester Ledesma

म्याँमार: ‘कोविड युद्धविराम’ लागू करने, यूएन प्रस्ताव पारित किये जाने की मांग 

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने देश में मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनज़र, सुरक्षा परिषद और सदस्य देशों से आपात ‘कोविड युद्धविराम’ लागू किये जाने पर केन्द्रित एक प्रस्ताव पारित करने की पुकार लगाई है. 

म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट के विरोध में अमेरिकी शहर वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन.
Unsplash/Gayatri Malhotra

म्याँमार: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये विकट हालात, कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने म्याँमार में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये उपजी कठिन परिस्थितियों पर गहरी चिन्ता जताते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

म्याँमार में सैन्य तख़्ता पलट के विरोध में वॉशिन्गटन में व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन.
Unsplash/Gayatri Malhotra

म्याँमार: 'बड़े पैमाने पर मौतों' की रोकथाम के लिये कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में व्यापक पैमाने पर मौतों को टालने के लिये जल्द से जल्द अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा किये जा रहे हमलों से बचने के लिये, बड़ी संख्या में लोगों ने जंगलों में शरण ली है, उनके पास भोजन, पानी व दवा का सहारा नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

म्याँमार में सैन्य तख़्ता पलट के विरोध में वॉशिन्गटन में व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन.
Unsplash/Gayatri Malhotra

म्याँमार: सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध प्रतिबन्धों का स्वागत, अन्य देशों से कार्रवाई का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इस सप्ताह, चँद देशों की सरकारों द्वारा, म्याँमार में सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध समन्वित प्रतिबन्ध लगाये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने गुरुवार को जारी अपने वक्तव्य में अन्य देशों से अमेरिका, ब्रिटेन और कैनेडा की राह पर चलने का आहवान किया है.

म्याँमार के यंगून के एक बाज़ार में किताब का स्टॉल, जिसमें आँग सान सू ची के जीवन पर आधारित किताबें भी हैं.
Unsplash/Alexander Schimmeck

म्याँमार: सेना की पूरी कोशिश, 'दुनिया के सामने सच्चाई ना आए'

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर सयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास इण्टरव्यू में बताया है कि सैन्य नेतृत्व पूरी कोशिश कर रहा है कि देश से सच को बाहर जाने से रोका जा सके. उनके मुताबिक़ सेना नहीं चाहती है कि म्याँमार में हालात के बारे में, दुनिया को सही जानकारी मिल सके. यूएन विशेषज्ञ ने उन उपायों का इस्तेमाल किये जाने की सिफ़ारिश की है कि जोकि अतीत में सफल साबित हो चुके हैं.