रोहिंज्या

76वाँ सत्र: बांग्लादेश ने कहा, म्याँमार में ही मिलेगा रोहिंज्या संकट का समाधान

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने रोहिंज्या शरणार्थी संकट के स्थाई समाधान के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सक्रिय समर्थन का आग्रह किया है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह संकट अपने पाँचवे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और देश में राजनैतिक अनिश्चितताओं के बावजूद, म्याँमार को शरणार्थियों की सुरक्षित व गरिमामय वापसी के लिये अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करना होगा.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 27 अगस्त 2021

इस सप्ताह के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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रोहिंज्या शरणार्थियों की सुरक्षित व स्वैच्छिक वापसी के लिये कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रोहिंज्या शरणार्थियों की सुरक्षित, इच्छानुसार और गरिमामय ढँग से म्याँमार वापसी के लिये अनुकूल परिस्थितियों के निर्माण व तत्काल कार्रवाई का आहवान किया है. 

रोहिंज्या शरणार्थियों के लिये जानलेवा साबित हुईं समुद्री मार्ग से यात्राएँ - UNHCR

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि बंगाल की खाड़ी और अण्डमान सागर में जोखिम भरे समुद्री मार्गों से यात्राएँ करने वाले शरणार्थियों के लिये, वर्ष 2020 अब तक का सबसे घातक साल साबित हुआ है. 

बांग्लादेश: रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में कोविड-19 टीकाकरण हुआ शुरू

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में शरणार्थी शिविरों में चार हज़ार से अधिक रोहिंज्या लोगों को, कोविड-19 वैक्सीन की पहली ख़ुराक मिल गई है. बांग्लादेश में जानलेवा वायरस के फैलाव पर नियंत्रण पाने के लिये, राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत मंगलवार को ये टीके लगाए गए हैं. 

बांग्लादेश: जानलेवा बाढ़, भूस्खलन से रोहिंज्या शरणार्थियों की मुसीबतें बढ़ीं

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में विशाल शरणार्थी बस्तियाँ, पिछले तीन दिनों से तेज़ हवाओं और मॉनसून की भारी बारिश की चपेट में हैं, जिससे रोहिंज्या शरणार्थियों की ज़िन्दगियों पर भीषण असर हुआ है. 

रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान स्पष्ट प्रक्रिया का पालन हुआ - UNHCR

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि दुनिया भर में, शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान एकत्र जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के लिये उसके पास स्पष्ट नीतियाँ हैं, और रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान उनका पालन किया गया.

रोहिंज्या द्वारा, रोहिंज्याओं के लिये, एक अनूठा फ़िल्म स्कूल

फ़ारुक़ मोहम्मद एक रोहिंज्या शरणार्थी हैं, और बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में ‘उमर फ़िल्म स्कूल’ के सह-संस्थापक हैं. यह स्कूल, अनौपचारिक रूप से युवा रोहिंज्या शरणार्थियों को फ़ोटोग्राफी और वीडियोग्राफ़ी में प्रशिक्षित करता है, ताकि वे अपनी कहानियों को ख़ुद बयाँ करने में सक्षम हो सकें. कोविड-19 महामारी की शुरूआत से ही, यह फ़िल्म स्कूल, शरणार्थी समुदाय में वायरस के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिशों में जुटा है. 33-वर्षीय फ़ारुक़ मोहम्मद ने यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के साथ अपने सफ़र और भविष्य के लिये उम्मीदों को साझा किया है...

बांग्लादेश: रोहिंज्या शरणार्थियों व मेज़बान समुदाय की मदद के लिये अपील

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बांग्लादेश सरकार के नेतृत्व में 94 करोड़ डॉलर की एक सहायता अपील जारी की है. इसका लक्ष्य बांग्लादेश में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों और उनके मेज़बान समुदायों की सुरक्षा, गरिमा व उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है.