रोहिंज्या

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविर में कोरोनावायरस की दस्तक

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों वाले इलाक़ों में वैश्विक महामारी कोविड-19 के मामले की पुष्टि होने के बाद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसियों ने राहत और ऐहतियात के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है. साथ ही बीमारी के व्यापक फैलाव को रोकने के लिए 32 करोड़ डॉलर की धनराशि की अपील की है. 

रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

म्याँमार में 2017 में भड़की हिंसा व सुरक्षा बलों के दमन से बचकर भागे लगभग साढ़े सात लाख रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. वहाँ पहले से लाखों अन्य रोहिंज्या शरणार्थी भी रहे हैं जिन्हें मिलाकर ये विशालतम शरणार्थी बस्ती बन गई है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस भीड़ भरी बस्ती में कोविड-19 महामारी के फैलने की आशंका के बीच यूएन ख़ास तैयारियाँ की हैं. देखें वीडियो फ़ीचर...

रोहिंज्या मामले पर आईसीजे का म्याँमार को 'अस्थाई आदेश'

संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने  म्याँमार से देश में अल्पसंख्यक रोहिंज्या समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव क़दम उठाने को कहा है.  कोर्ट ने गुरूवार को एक 'अस्थाई आदेश' जारी करके जनसंहार के अपराधों से संबंधित तथ्यों को नष्ट होने से बचाने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया. उन उपायों के बारे में पहली रिपोर्ट चार महीने के भीतर और फिर इस मामले में कोर्ट का अंतिम फ़ैसला आने तक हर छह महीने में रिपोर्ट जारी करके इन उपायों का ब्यौरा कोर्ट को देने का भी आदेश दिया गया है...

आँग सान सू ची - आईसीजे में

म्याँमार के रख़ाइन प्रान्त में रोहिंज्या आबादी के जनसंहार करने के कथित अपराधों के आरोप में गांबिया ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मुकदमा दायर किया. इस मुक़दमे पर दिसंबर 2019 में सुनवाई हुई. म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने न्यायालय में पेश होकर अपने देश का बचाव किया.

आंग सान सू ची ने जनसंहार के आरोपों में किया म्याँमार का बचाव

म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश होते हुए कहा है कि उनका देश राख़ीन प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को क़तई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर युद्धापराध हुए हैं तो सेना पर मुक़दमा चलाया जाएगा. ग़ौरतलब है कि गांबिया ने म्याँमार की सेना पर रोहिंज्या लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करने और युद्धापराधों के आरोपों में आईसीजे में मुक़दमा दायर किया है.