रोज़गार

इथियोपिया के अदीस अबाबा में युवा महिला कामगार बीन्स की पैकिंग कर रही हैं.
© ILO/Sven Torfinn

बढ़ती महंगाई, लुढ़कती आय से निर्धनता व सामाजिक अशान्ति गहराने का जोखिम, ILO रिपोर्ट

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने बुधवार को प्रकाशित अपनी एक नई रिपोर्ट में सचेत किया है कि बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण अनेक देशों में, वास्तविक मासिक आय में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे करोड़ों घर-परिवारों की क्रय क्षमता पर असर हुआ है. इसके मद्देनज़र, यूएन एजेंसी ने निर्धनता, असमानता और सामाजिक अशान्ति की रोकथाम के लिये तत्काल ठोस नीतियाँ अपनाए जाने का आग्रह किया है.

मैक्सिको के सैंटियागो डी क्वेरेटारो की गलियों में गुड़िया बेचती, मैक्सिको के आदिवासी समूह की एक महिला.
Unsplash/Bernardo Ramonfaur

यूक्रेन सहित अनेक वैश्विक संकटों के कारण श्रम बाज़ार में बिगड़ते हालात

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि आपस में गुँथे हुए अनेक आर्थिक व राजनैतिक संकटों का असर, यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण और अधिक गहराया है. इससे विश्व भर में श्रम बाज़ार के लिये ख़तरा पनप रहा है और बेरोज़गारी व विषमता बढ़ने की आशंका है.

वैश्विक महामारी के दौरान, बड़ी संख्या में लोगों ने घर से ही काम करना शुरू किया.
© UNSPLASH/Sigmund

कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटना अहम, यूएन एजेंसियों का आग्रह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने कामकाजी आबादी के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति उपजी चिन्ताओं से निपटने के लिये, ठोस उपाय किये जाने की पुकार लगाई है. एक अनुमान के अनुसार, हर वर्ष, मानसिक अवसाद और बेचैनी के कारण, 12 अरब कामकाजी दिनों का नुक़सान होता है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था को क़रीब एक हज़ार अरब डॉलर का घाटा होता है. 

भूटान में एक महिला, छत पर सौर ऊर्जा पैनल को स्थापित करते हुए. सौर ऊर्जा का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है.
© ADB

दैनिक वीडियो बुलेटिन, 23 सितम्बर 2022

कोविड की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा स्थिति की समाप्ति निकट, रोज़गार सृजन, ऊर्जा तक बेहतर पहुँच व बेहतर भविष्य सुरक्षित करने पर - संयुक्त राष्ट्र में नेताओं की बैठक में समाधानों पर चर्चा. दैनिक वीडियो बुलेटिन...

यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैण्डी ने यूक्रेन के इरपिन का दौरा किया, जहाँ एक हज़ार इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 115 पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं.
© UNHCR/Andrew McConnell

यूक्रेन: युद्ध प्रभावितों के लिये सर्दियों में कठिनाइयाँ और बढ़ने की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को आगाह किया है कि यूक्रेन में युद्ध से प्रभावित लाखों लोगों के लिये सर्दी के महीने बेहद कठिनाई भरे साबित हो सकते हैं. यूएन एजेंसी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में भीषण लड़ाई के बीच रूसी सैन्य बल आगे बढ़ रहे हैं.

इण्डोनेशिया के सिकारांग में एक इलैक्ट्रॉनिक्स फ़ैक्टरी में काम करते हुए एक महिला.
© ILO/Asrian Mirza

वैश्विक रोज़गार व कामकाज पुनर्बहाली, पीछे की ओर पलटी, ILO

संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी (ILO) ने सोमवार को कहा है कि दुनिया भर में रोज़गार और कामकाज बाज़ार में पुनर्बहाली पीछे की और जा रही है जिसके लिये कोविड-19 और अन्य अनेक तरह के संकट ज़िम्मेदार हैं जिन्होंने देशों के भीतर और देशों के बीच, विषमताएँ बढ़ा दी हैं.

चीन में एक जहाज़ पर महिला प्रशिक्षु नाविक.
© IMO

समुद्री सैक्टर में महिलाओं की भागीदारी व सशक्तिकरण पर बल

समुद्री समुदाय में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने के इरादे से, बुधवार, 18 मई को संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहली बार अन्तरराष्ट्रीय दिवस (International Day for Women in Maritime) मनाया जा रहा है. इस दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के ज़रिये लैंगिक समानता की समीक्षा और उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जा रहा है, जहाँ बेहतरी की आवश्यकता है. 

यूक्रेन के स्कवीरा में अनाज प्रसंस्करण फ़ैक्टी में कार्यरत कामगार.
© FAO/Genya Savilov

यूक्रेन संकट: 48 लाख रोज़गार हानि की आशंका, ILO का नया विश्लेषण

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 48 लाख रोज़गार समाप्त हो जाने की आशंका है. यूएन एजेंसी के अनुसार, अगर ये टकराव और अधिक बढ़ता है, तो रोज़गार हानि का आँकड़ा 70 लाख तक पहुँच सकता है.

केनया में एक महिला अपने बच्चे की देखभाल करते हुए ही, सिलाई का काम करते हुए.
ILO/Marcel Crozet

कार्यस्थल पर सामूहिक समझौतों के ज़रिये, विषमता से लड़ाई में मिली मदद

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने कहा है कि तेज़ी से बदल रही कामकाजी दुनिया में, कोविड-19 के पश्चात वैश्विक पुनर्बहाली, विषमता से निपटने और वेतन को न्यायसंगत बनाये रखने के लिये, कामगारों और प्रबन्धन के बीच सम्वाद व सामूहिक समझौते बेहद अहम हैं.

तुर्की में एक युवक को रोज़गार प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.
© ILO/Berke Arakli

कोविड-19: महामारी से पुनर्बहाली के लिये, व्यक्ति-केन्द्रित उपायों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के मुद्दे पर आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए, व्यक्ति-केन्द्रित उपायों को प्राथमिकता दिये जाने का आहवान किया है. उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सामाजिक संरक्षा के वादे को साकार किया जाना होगा और लोगों को उपयुक्त व शिष्ट रोज़गार उपलब्ध कराए जाने होंगे.