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रोहिंज्या शरणार्थी

म्याँमार के राख़ीन प्रान्त में चक्रवाती तूफ़ान मोका से हुई तबाही का एक दृश्य.
OCHA/Pierre Lorioux

मोका तूफ़ान से म्याँमार में भारी विनाश, अनेक मौतों की भी आशंका

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत समन्वय कार्यालय OCHA ने गत सप्ताहान्त, म्याँमार में चक्रवाती तूफ़ान मोका के टकराने के बाद, बेहद कमज़ोर परिस्थितियों वाले समुदायों के लिए उत्पन्न हुए हालात व चुनौतियों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है.

लिंग आधारित हिंसा पर आयोजित एक बैठक में भाग लेती रोहिंज्या शरणार्थी, हसीना बेगम और समुदायिक स्वयंसेवक. हसीना बेगम, कुतुपालोंग शरणार्थी शिविर में, महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और हिंसा को रोकने के लिये काम करती हैं.
© UNHCR/Saikat Mojumder

बांग्लादेश: रोहिंज्या शिविरों में लिंग आधारित हिंसा से मुक़ाबला

बांगलादेश के भीड़-भरे रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) समर्थित कार्यक्रम के ज़रिये, युवा रोहिंज्या पुरुष और महिलाएँ, अपने साथियों के व्यवहार में बदलाव लाकर, लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम के प्रयास कर रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

समुद्र में फँसे लोगो में रोहिंज्या समुदाय के लोग भी हैं.
UNHCR/Christophe Archambault

श्रीलंका : समुद्री मार्ग में फँसे, 100 से अधिक रोहिंज्या शरणार्थियों को बचाया गया

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - UNHCR ने, पिछले सप्ताहांत श्रीलंका की नौसेना और स्थानीय मछुआरों द्वारा, जोखिमपूर्ण हालात में फँसी एक नाव से रोहिंज्या शरणार्थियों को बचाने और उन्हें तट पर सुरक्षित उतारने की कार्रवाई की सराहना की है.

यौन हिंसा से बची रोहिंग्या शरणार्थी महिलाएं उन 800,000 से अधिक रोहिंग्याओं में सबसे अधिक हाशिए पर हैं, जिन्हें अगस्त के बाद से म्यांमार से बांग्लादेश भेज दिया गया था.
यूनिसेफ/ब्रायन सोकोली

रोहिंज्या संकट के पाँच साल: अन्तराष्ट्रीय समुदाय से पीड़ितों के लिये एकजुटता से काम जारी रखने की अपील

संघर्षों की स्थितियों में यौन हिंसा पर यूएन प्रमुख की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने रोहिंज्या संकट के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर अन्तराष्ट्रीय समुदाय से रोहिंज्या लोगों के साथ एकजुटता जारी रखने का आहवान किया है. उन्होंने साथ ही यौन हिंसा के पीड़ितों के लिये न्याय व जवाबदेही से सम्बन्धित प्रयासों का दायरा बढ़ाने का आग्रह भी किया है.

म्याँमार के लिये, यूएन प्रमुख की विशेष दूत नोएलीन हेयज़ेर, बांग्लादेश के एक शरणार्थी शिविर में, एक शिक्षा केन्द्र का दौरा करते हुए.
Office of the Special Envoy on Myanmar

'रोहिंज्या संकट को भुलाकर नहीं छोड़ा जा सकता'

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नोएलीन हेयज़ेर ने, रोहिंज्या लोगों के दर्दनाक पलायन के पाँच वर्ष होने के मौक़े पर उनकी तकलीफ़ों की तरफ़ ध्यान आकर्षित करने के लिये, बांग्लादेश की अपनी चार दिन की यात्रा के दौरान कहा है कि, “हम इसे एक भुला दिया गया संकट बनकर नहीं रहने दे सकते हैं.”

कुटुपलाँग महाशिविर में 23 मार्च को भीषण आग लगने के बाद प्रभावित इलाक़े में एक बच्चा.
UNICEF/Salman Saeed

रोहिंज्या शरणार्थी शिविर में भीषण आग

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार के कुटुपलाँग शिविर में, 22 मार्च को भीषण आग लगने से, कम से कम 15 लोगों की मौत हुई और 560 से ज़्यादा घायल हुए. महाशिविर में आग लगने से 45 हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें अधिकतर लोग, पड़ोसी देश म्याँमार से शरण लेने वाले रोहिंज्या शरणार्थी हैं. एक वीडियो रिपोर्ट.

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार के महा शिविर के कुटुपलाँग शिविर में, 22 मार्च को लगी भीषण आग के बाद, मलबा हटाते रोहिंज्या स्वेच्छाकर्मी.
WFP/Mehedi Rahman

बांग्लादेश: यूएन एजेंसियों के आग उपरान्त सहायता प्रयास तेज़

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने बांग्लादेश के दक्षिणी हिस्से में स्थित कुटुपलाँग शरणार्थी शिविर में, 22 मार्च को लगी भीषण आग के बाद बेघर हुए हज़ारों रोहिंज्या शरणार्थी परिवारों की मदद के लिये प्रयास तेज़ कर दिये हैं.

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में, कुटुपलोंग शरणार्थी महाशिविर के चार शिविरों में लगी आग से हुए विनाश का एक दृश्य.
IOM Photo

बांग्लादेश: कुटुपलाँग शरणार्थी महाशिविर में भीषण आग लगने से भारी तबाही

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में, कुटुपलाँग शिविर में, विनाशकारी आग लगने के बाद, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायताकर्मी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हैं और आग से प्रभावित हज़ारों रोहिंज्या शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं. कॉक्सेस बाज़ार बाज़ार, दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है.