पत्रकारिता

2020 में 62 पत्रकारों को, अपने पेशे के कारण खोनी पड़ी अपनी ज़िन्दगी

संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक संगठन – UNESCO के अनुसार, केवल वर्ष 2020 के दौरान ही, 62 पत्रकारों की हत्या, उनके कामकाज के कारण कर दी गई थी. ये संगठन मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिये भी काम करता है. संगठन के अनुसार वर्ष 2006 और 2020 के बीच, 1200 से भी ज़्यादा मीडियाकर्मियों को, अपना कामकाज करने के लिये अपनी जान गँवानी पड़ी.

‘सत्ता के सामने सच कहने वाले’ दो पत्रकार, नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित

रूस और फ़िलीपीन्स के दो पत्रकारों को वर्ष 2021 के नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जिस पर, यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ये पुरस्कार, इस सच्चाई को मान्यता देता है कि एक स्वतंत्र प्रैस “शान्ति, न्याय, टिकाऊ विकास और मानवाधिकारों के लिये अनिवार्य है – स्वतंत्र व निष्पक्ष संस्थान निर्माण की एक बुनियाद भी है.”

अफ़ग़ानिस्तान: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान व पत्रकारों की सुरक्षा बेहद अहम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने, अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में, अफ़ग़ान नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने का आहवान किया है.