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पाकिस्तान: पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काये जाने पर चिन्ता 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने पाकिस्तान में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, विशेषत: महिलाओं व अल्पसंख्यकों, के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काये जाने के बढ़ते मामलों पर चिन्ता जताई है. यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने कथित ईशनिन्दा के आरोपों को ख़ास तौर पर चिन्ताजनक क़रार दिया है और हिंसा के लिये ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय किये जाने का आग्रह किया है. 

महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ लैंगिक हिंसा का ख़ात्मा ज़रूरी

महिला पत्रकारों को अपने कामकाज के दौरान विशेष ख़तरों का सामना करना पड़ता है, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषज्ञ ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को बताया है कि सरकारों को महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए और अधिक क़दम उठाने की ज़रूरत है. 

भारत: पत्रकार की हत्या की निन्दा, दोषियों को सज़ा की माँग

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, सांस्कृतिक एवँ वैज्ञानिक संगठन (UNESCO) की महानिदेशक ऑड्री अज़ोले ने भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त में पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर मुक़दमा चलाने की पुकार लगाई है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में 19 जून को दो हमलावरों ने शुभम मणि त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 

प्रैस की आज़ादी व सुरक्षा की पुकार

यूएन महासचिव ने 3 मई को विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर के देशों से पत्रकारों को काम करने की आज़ादी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी देने की पुकार लगाई है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के माहौल में स्वतंत्र प्रैस की भूमिका और भी ज़्यादा अहम हो जाती है क्योंकि दुष्प्रचार, झूठ और अफ़वाहों के माहौल में पत्रकार ही तथ्यपरक व प्रासंगिक जानकारी सामने ला रहे हैं. वीडियो सन्देश...

पत्रकारों के लिए दुनिया में हर स्थान है जोखिम भरा

दुनिया भर में लोक हित के लिए आवाज़ बुलन्द करने वाले पत्रकारों को सभी स्थानों पर बहुत जोखिम का सामना करना पड़ रहा है और पत्रकारों की असुरक्षा के मामले में सबसे ज़्यादा ख़तरनाक़ लैटिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र रहे जहाँ साल 2019 में 22 पत्रकारों की हत्याएँ हुईं. इस तरह प्रेस के लिए ये सबसे ज़्यादा ख़तनाक़ स्थान रहे. उनके बाद एशिया-प्रशांत में 15 ओर अरब देशों में 10 पत्रकारों की हत्याएं हुईं.

ख़शोग्जी हत्या मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

सऊदी अरब मूल के पत्रकार जमाल ख़शोग्जी की हत्या के मामले में रियाद की एक अदालत ने पांच अभियुक्तों को मौत की सज़ा और तीन को जेल भेजे जाने का फ़ैसला सुनाया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोर्ट के निर्णय के बाद मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता दोहराई है.  

'पूरे समाज को चुकानी पड़ती है पत्रकारों को निशाना बनाए जाने की क़ीमत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी और स्वतंत्र मीडिया की मौजूदगी टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा को हासिल करने के लिए बेहद आवश्यक है. पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों के लिए दंडमुक्ति समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जब निशाना बनाया जाता है तो उसका ख़ामियाज़ा पूरे समाज को भुगतना पड़ता है.