पर्यावरण

कोविड-19 के प्रभावों के बावजूद, कार्बन उत्सर्जन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी

विश्व मौसम संगठन (WMO) ने कहा है कि वर्ष 2019 में वातावरण में कार्बनडाय ऑक्साइड का स्तर 410.5 अंश प्रति 10 लाख (PPM) के नए ऊँचे रिकॉर्ड पर पहुँच गया था, और इस वर्ष भी इस स्तर के बढ़ते रहने की सम्भावना है. संगठन ने ग्रीन हाउस समूह की गैसों पर अपने वार्षिक बुलेटिन में सोमवार को ये जानकारी दी. 

प्राकृतिक पर्यावरण को उठाना पड़ता है युद्ध का ख़ामियाज़ा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी तन्त्र का बेहतर प्रबन्धन किये जाने का आहवान करते हुए ध्यान दिलाया है कि ऐसा करने से युद्धग्रस्त समाजों में शान्ति स्थापना करने और संकट प्रभावित देशों में टिकाऊ विकास में जान फूँकने का रास्ता निकल सकता है.

पुराने वाहनों के निर्यात से वायु गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को ख़तरा

अमेरिका, योरोप और जापान में अनेक वर्षों तक इस्तेमाल की जा चुकी लाखों कारों, वैन और मिनी बसों का निर्यात विकासशील देशों को किया जाता है, लेकिन ख़राब गुणवत्ता होने के कारण उनसे वायु प्रदूषण फैलता है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के प्रयासों में बाधाएँ पैदा होती हैं. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है जो सोमवार को जारी की गई.

आपदा जोखिम प्रबन्धन के बिना हालात बद से बदतर होते हैं, यूएन प्रमुख

ऐसे में जब तमाम देश एक साथ अनेक संकटों का सामना कर रहे हैं और हाल के दशकों में मौसम की चरम घटनाओं में बहुत तेज़ बढ़ोत्तरी हुई है, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एक ज़्यादा मज़बूत, अनुकूलन में निपुण व सुरक्षित विश्व का निर्माण करने के लिये आपदा जोखिम प्रबन्धन मज़बूत किये जाने का आहवान किया है.

जैवविविधता और प्रकृति संरक्षण के लिये तात्कालिक कार्रवाई का आहवान

पर्यावरण जगत के संरक्षण के लिये प्रयासों में जुटे संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस सप्ताह हो रही एक महत्वपूर्ण जैवविविधता शिखर वार्ता से ठीक पहले तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है. इस बैठक में विश्व नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षा के लिये अपने संकल्पों को मज़बूती दिये जाने की उम्मीद है. 

नीले व चमकीले आकाश की ख़ातिर

सोमवार, सात सितम्बर को दुनिया भर में प्रथम “नीले आसमानों के लिये स्वच्छ वायु का अन्तरराष्ट्रीय दिवस” मनाया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सभी इनसानों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी और स्वास्थ्य के लिये स्वच्छ वायु की अहमियत को ध्यान में रखते हुए ये दिवस मनाए जाने की मंज़ूरी दी है. 

खेतों में आग: बदली-बदली सी है फ़िजाँ, बदलनी होंगी आदतें भी

वर्ष 2019 में, भारत की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास, इतना धुँधलका छा गया था कि विमानों की उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा, हज़ारों स्कूल बन्द करने पड़े और देश की राजधानी में लोगों को या तो घरों के भीतर ही रहने या फिर फ़ेस मास्क पहनने की सलाह दी गई. सवाल है कि आख़िर ऐसी नौबत क्यों आई?

खेत से मुँह तक: भोजन व जलवायु कार्रवाई

जलवायु कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि देशों में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति प्रणालियों में सुधार करने के लिये अगर कुछ विशिष्ठ उपाय किये जाएँ तो जलवायु लक्ष्य हासिल करने और वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने में मदद मिल सकती है.

जलवायु मुद्दे पर एकल शुरूआत ने खोले बदलाव के विशाल दरवाज़े

अमेरिका की एक 18 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता सोफ़िया कियान्नी ने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा है वो पर्यावरण रुचि नहीं रखने वाले हर व्यक्ति को जलवायु कार्यकर्ता के रूप में तब्दील कर देने की ख़्वाहिशमन्द हैं. सोफ़िया कियान्नी का परिवार मूलतः ईरान से है और वो ख़ुद उन सात युवाओं में शामिल हैं जिन्हें दुनिया भर से महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के पर्यावरण पर युवा सलाहकारों के समूह में शामिल किया गया है.

सीसा धातु से 80 करोड़ बच्चों के दिमाग़ों पर असर, आधे बच्चे दक्षिण एशिया में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ और ‘प्योर अर्थ’ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि  दुनिया भर के लगभग तीन चौथाई बच्चे सीसा धातु के ज़हर के साथ जी रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में  बच्चों के सीसा धातु से प्रभावित होने के मद्देनज़र एसिड बैटरियों को लापरवाही से फेंकने के ख़तरनाक चलन को बन्द करने का आहवान भी किया गया है.