प्रवासी

शरणार्थियों को समर्पित इमोजी

आइवरी कोस्ट के एक युवा कलाकार और डिज़ाइनर गैब्रे ओ'प्लेरुओ ने विविधता व एकजुटता का संगम दिखाने के लिए अदभुत इमोजी बनाई हैं. उन्होंने शरणार्थियों की तकलीफ़ों को बयान करने वाली 365 इमोजी भी बनाई हैं, यानि साल में हर दिन के लिए एक इमोजी. गैब्रे का कहना है कि उनके परिवार के जानने वाले बहुत से लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा इसलिए वो शरणार्थियों के हालात के बारे में जागरूकता फैलाने में इच्छुक हैं...

विश्व शरणार्थी दिवस

दुनिया भर में लगभग आठ करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्हें संघर्षों, हिंसा व अन्य कारणों से बेघर व विस्थापित होना पड़ा है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व शरणार्थी दिवस पर तमाम देशों को विस्थापितों व शरणार्थियों की हिफ़ाज़त करने की ज़िम्मेदारी याद दिलाई है. महासचिव का वीडियो सन्देश...

शरणार्थियों और विस्थापितों के साथ हमदर्दी दिखाने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम देशों को संघर्षों, उत्पीणन और अन्य कारणों से बेघर और विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाया है. दुनिया भर में इन कारणों से लगभग 8 करोड़ लोग विस्थापित या शरणार्थी हैं. 

कोविड-19 संकट काल में प्रवासियों को सहारा देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि प्रवासियों द्वारा अपने घरों व समुदायों को भेजे जाने वाली रक़म में कोविड-19 महामारी के कारण भारी गिरावट आने की आशंका है और इन हालात में प्रवासियों की हर सम्भव मदद की जानी होगी. एक अनुमान के अनुसार धन प्रेषण में 100 अरब डॉलर से ज़्यादा की गिरावट आ सकती है जिससे लाखों-करोड़ों परिवारों के कल्याण पर भारी असर होगा.

कोविड-19: शरणार्थियों, प्रवासियों, विस्थापितों पर तिहरी गाज

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आशा व्यक्त करते हुए कहा है कोविड-19 संकट के कारण पूरी दुनिया इस मुद्दे पर पुनर्विचार कर सकेगी कि शरणार्थियों, प्रवासियों और देशों के ही भीतर विस्थापित लोगों को किस तरह से समर्थन दिया जाए. 

यूरो, पाउण्ड, डॉलर - प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली रक़म पर गाज

कहीं से यूरो, कहीं से पाउँड और कही से डॉलर, विदेशों में रहने वाले प्रवासी कामगार अपने मूल स्थानों पर रहने वाले अपने परिवारों को धन भेजते रहे हैं. इस धन से करोड़ों लोगों को अत्यन्त ग़रीबी से उबारने में मदद मिलती है और अन्ततः टिकाऊ विकास लक्ष्यों का दिशा में प्रगति होती है. उसके बाद आ गई कोविड-19 नामक महामारी, जिसने इस धन पर गहरी छाया छोड़ दी है.

'केवल वेनेज़ुएला के लोग ही संकट का हल निकाल सकते हैं'

विश्व में राजनैतिक व शान्तिरक्षा मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि वेनेज़ुएला में मौजूदा राजनैतिक गतिरोध को दगूर करने का एक मात्र रास्ता बातचीत ही बचा है, विशेषकर कोविड-19 महामारी के मौजूदा प्रकोप के दौर में. राजनैतिक और शान्तिरक्षा मामलों की प्रभारी और अवर महासचिव रोज़मैरी डी कार्लो ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को लैटिन अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए ये बात कही.

प्रवासी पक्षियों की दुनिया

दुनिया भर में ऐसे हज़ारों-लाखों पक्षी हैं जिनकी फ़ितरत प्रवासी है, यानि वो अपने अस्तित्व के लिए किसी एक जगह नहीं ठहर सकते और प्रवासन के लिए अक्सर हज़ारों मील का सफ़र तय करते हैं, अक्सर अदृश्य रास्तों से. ये एक अनोखी दुनिया है कि प्रवासी पक्षी किस तरह अपनी ज़िन्दगी जीते हैं. एक झलक पेश करती ये वीडियो जिसका फ़िल्मांकन कुछ समय पहले  किया गया था, और अब इसे नए अंदाज़ में पेश किया गया है...

‘दुनिया भर में फँसे’ हैं प्रवासी और कोविड-19 के कारण हैं ख़तरे में भी

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी, आईओएम के प्रमुख ने गुरुवार को कहा है कि हज़ारों प्रवासी "दुनिया भर में" फँसे हुए हैं, और कोविड-19 के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे का सामना कर रहे हैं. आईओएम प्रमुख एंतोनियो विटोरिनो ने नए कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए कुछ देशों द्वारा तथाकथित इम्युनिटी पासपोर्ट जारी करने और मोबाइल फ़ोन ऐप का उपयोग करने के प्रस्तावों का हवाला देते हुए कहा, "स्वास्थ्य ही अब नई संपदा है."

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...