प्रवासी

समुद्री श्रमिकों की बेहतरी के लिये

संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण पूर्व एशिया में योरोपीय संघ के साथ मिलकर, मछली पालन और समुद्री खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में सुरक्षित श्रम प्रवास व शिष्ट कामकाज जारी रखने में सहयोग कर रहा है... (वीडियो स्टोरी)

एशिया प्रशान्त के मछली और समुद्री खाद्य श्रमिकों के लिये शिष्ट कामकाज

संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण पूर्व एशिया में योरोपीय संघ के साथ मिलकर, मछली पालन और समुद्री खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में सुरक्षित श्रम प्रवास व शिष्ट कामकाज जारी रखने में सहयोग कर रहा है.

शरणार्थियों को समर्पित इमोजी

आइवरी कोस्ट के एक युवा कलाकार और डिज़ाइनर गैब्रे ओ'प्लेरुओ ने विविधता व एकजुटता का संगम दिखाने के लिए अदभुत इमोजी बनाई हैं. उन्होंने शरणार्थियों की तकलीफ़ों को बयान करने वाली 365 इमोजी भी बनाई हैं, यानि साल में हर दिन के लिए एक इमोजी. गैब्रे का कहना है कि उनके परिवार के जानने वाले बहुत से लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा इसलिए वो शरणार्थियों के हालात के बारे में जागरूकता फैलाने में इच्छुक हैं...

विश्व शरणार्थी दिवस

दुनिया भर में लगभग आठ करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्हें संघर्षों, हिंसा व अन्य कारणों से बेघर व विस्थापित होना पड़ा है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व शरणार्थी दिवस पर तमाम देशों को विस्थापितों व शरणार्थियों की हिफ़ाज़त करने की ज़िम्मेदारी याद दिलाई है. महासचिव का वीडियो सन्देश...

शरणार्थियों और विस्थापितों के साथ हमदर्दी दिखाने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम देशों को संघर्षों, उत्पीणन और अन्य कारणों से बेघर और विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाया है. दुनिया भर में इन कारणों से लगभग 8 करोड़ लोग विस्थापित या शरणार्थी हैं. 

प्रवासी पक्षियों की दुनिया

दुनिया भर में ऐसे हज़ारों-लाखों पक्षी हैं जिनकी फ़ितरत प्रवासी है, यानि वो अपने अस्तित्व के लिए किसी एक जगह नहीं ठहर सकते और प्रवासन के लिए अक्सर हज़ारों मील का सफ़र तय करते हैं, अक्सर अदृश्य रास्तों से. ये एक अनोखी दुनिया है कि प्रवासी पक्षी किस तरह अपनी ज़िन्दगी जीते हैं. एक झलक पेश करती ये वीडियो जिसका फ़िल्मांकन कुछ समय पहले  किया गया था, और अब इसे नए अंदाज़ में पेश किया गया है...

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...

यूएन महासचिव के रूप में पहली पाकिस्तान यात्रा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस हैसियत में अपनी पहली पाकिस्तान यात्रा के पहले दिन रविवार को अफ़ग़ान शरणार्थियों से मुलाक़ात की. उन्होंने जम्मू कश्मीर की स्थिति का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने की ज़रूरत भी व्यक्त की.

'समाजों का अटूट हिस्सा हैं प्रवासी'

प्रवासी समाजों का अटूट हिस्सा हैं, वो आपसी समझ बढ़ाने और अपने रहने के स्थान व मूल स्थानों - दोनों ही जगह के टिकाऊ विकास में योगदान करते हैं.

सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सभी के हित में है. प्रवासन मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए सर्वश्रेष्ठ तरीक़े से हासिल होती हैं.

सभी प्रवासियों को अपने सभी मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करने का बराबर अधिकार है.

ये सिद्धांत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट में वर्णित हैं.

फिर भी, हमें प्रवासियों के बारे में ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो हानिकारक व झूठी होती हैं.

और हम अक्सर देखते हैं कि तथ्यों पर आधारित होने के बजाय डर के प्रभाव में बनाई गई नीतियों की वजह से प्रवासियों को असीम मुश्किलें उठानी पड़ती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, मैं दुनिया भर में सभी नेताओं और आमजनों से आग्रह करता हूँ कि प्रवासियों के बारे में तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करें ताकि प्रवासन हम सभी के लिए कारगर साबित हो सके.

मुश्किल समय में आशा की उजली किरण:यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा है कि दुनिया कई खतरों से जूझते हुए एक मुश्किल दौर से गुजर रही है .  पिछले साल 2018 के आगमन पर दिए अपने संदेश में जारी एक रेड अलर्ट की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की कई चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं लेकिन आशा का दामन थामे रखने के भी कई कारण हैं.