पृथ्वी

ओज़ोन सन्धियाँ: राजनैतिक इच्छाशक्ति के प्रेरणादायक उदाहरणों की स्रोत

संयुक्त राष्ट्र ने पृथ्वी के चारों तरफ़ सुरक्षात्मक परत – ओज़ोन को बहाल करने के लिये हुए तमाम वैश्विक समझौतों की कामयाबी को पहचान देने के लिये बुधवार को अन्तरराष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षा दिवस मनाया है. 

प्रतिष्ठित पर्यावरण पुरस्कार के लिये 35 युवा होनहार पहुँचे फ़ाइनल में

संयुक्त राष्ट्र के एक सर्वाधिक प्रतिष्ठित पर्यावरण पुरस्कार के लिये अनोखी रचनाशीलता व नवाचार निर्माणशील विचारों के लिये 35 युवाओं को क्षेत्रीय स्तर पर सूचीबद्ध किया गया है. इनमें अमेज़ॉन की आदिवासी भूमि का खोजी व साहसिक यात्राओं के ज़रिये संरक्षण, अमेरिका में हानिकारक कार्बन उत्सर्जन को मूल्यवान उपभोग संसाधानों में तब्दील करना, नाईजीरिया में पानी से बिजला उत्पादन जैसे नवीन विचार व प्रयोग शामिल हैं जिनके लिये इन युवाओं को नामांकित किया गया है.

पृथ्वी का ख़याल करें, तुरन्त!

भारत की अनेक आस्था व धार्मिक हस्तियों ने इस वर्ष पर्यावरण दिवस के मौक़े पर पृथ्वी की धरोहर को सहेजने के लिए विभिन्न उपाय करने की अपील की है. इनमें प्रकृति को नुक़सान नहीं पहुँचाना और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना शामिल है. पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों की बेहतरी के लिए ऐसा करना बहुत ज़रूरी है. इन धार्मिक हस्तियों का वीडियो सन्देश...

पृथ्वी दिवस पर डिजिटल कॉन्सर्ट

पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने 22 अप्रैल को एक 'डिजिटल कॉन्सर्ट - रिकी केज एट वन पेज स्पॉटलाइट' का आयोजन किया. इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य, वैश्विक समुदाय को एकजुट करना और करुणा, बलिदान व आशा का संदेश फैलाने में मदद करना था. इसमें यूनेस्को, एमझीआईईपी, यूएनसीसीडी, यूनीसेफ़ इंडिया, समेत 5 ग्रैमी पुरस्कार विजेताओं समेत 44 संगीतकार शामिल हुए.

'पृथ्वी को भी बचाना होगा'

यूएन महासचिव एंतोनियो गुूटेरेश ने कहा है कि हमें अपने ग्रह को कोरोनावायरस और हमारे वजूद के लिए एक ख़तरा बन चुके जलवायु संकट दोनों से ही बचाने के लिए निर्णायक कार्रवाई करनी होगी और मौजूदा संकट हमारी आँखें खोलने के लिए एक अभूतपूर्व अलार्म है. 22 (बुधवार) अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस पर वीडियो संदेश...

विश्व तापमान वृद्धि की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय मोहापात्रा के साथ विशेष बातचीत... 

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

पहाड़ों का महत्व, ख़ासकर युवाओं के लिए!

पृथ्वी के लगभग 27 प्रतिशत हिस्से पर पहाड़ विराजमान हैं और ये भी ध्यान देने की बात है कि ये पहाड़ एक टिकाऊ आर्थिक विकास की तरफ़ दुनिया की बढ़त में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. भविष्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019 के अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया है. बुधवार, 11 दिसंबर को मनाए गए इस दिवस के मौक़े पर इस वर्ष की थीम रखी गई है - Mountains matter for Youth.

तापमान 3 डिग्री के उछाल की राह पर, जलवायु लक्ष्य हासिल हुए तब भी

वर्ष 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों और संकल्पों को हासिल भी कर लिया जाए तो भी दुनिया तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी की राह पर आगे बढ़ रही है.  जिसका मतलब होगा कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन के और भी ज़्यादा व्यापक व विनाशकारी प्रभाव होंगे, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने ये चेतावनी वार्षिक कार्बन अंतर रिपोर्ट में मंगलवार को जारी की है.

जलवायु परिवर्तन का असर बहुत तेज़ और गहरा - सम्मेलन से पहले विशेषज्ञों की चेतावनी

शीर्ष वैज्ञानिकों ने रविवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान समद्रों का बढ़ता जल स्तर, गरम होती ज़मीन, सिकुड़ती बर्फ़ चादरें और कार्बन प्रदूषण ने विश्व के राजनैतिक नेताओं से जलवायु कार्रवाई की पुकार को और ज़्यादा ज़ोरदार बना दिया है.