प्रकृति

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

मानवता, पृथ्वी व समृद्धि के लिये वन संरक्षण ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सरकारों और लोगों का आहवान किया है कि वनों की रक्षा करने और वन समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रयास तेज़ किये जाने होंगे. यूएन प्रमुख ने, बुधवार, 3 मार्च, को विश्व वन्यजीवन दिवस (World Wildlife Day) के अवसर पर अपने सन्देश में, वन संसाधनों के अरक्षणीय प्रयोग और वन्यजीवों की तस्करी से उपजते ख़तरों के प्रति भी आगाह किया है.  

यूएन प्रमुख का आग्रह - आर्थिक नीतियों में परिलक्षित हो 'प्रकृति का वास्तविक मूल्य'

सयुंक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि एक टिकाऊ भविष्य के लिये यह ज़रूरी है कि आर्थिक प्रगति से पर्यावरण को होने वाली क्षति का भी आकलन किया जाए और अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य की पहचान की जाए. यूएन प्रमुख ने मंगलवार को एक अपील जारी कर, प्रकृति के प्रति नज़रिये में बदलाव लाने और नीतियों व आर्थिक प्रणालियों में उसके योगदान को पहचाने जाने की बात कही है.

विश्व वन्यजीवों की संरक्षा के लिये प्रयास बढ़ाएँ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव, एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व वन्यजीव दिवस पर सन्देश में, देशों, कारोबारों और हर जगह के आमजन का आहवान करते हुए कहा है कि वो वनों और वन्य जीव-जन्तुओं की संरक्षा के लिये अपने प्रयास बढ़ाएँ, और वन समुदायों की आवाज़ सुनने व उसे बुलन्द करने में सहयोग दें.
 

जलवायु आपदा: 'प्रकृति के साथ सुलह करने की घड़ी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु आपदा के ख़िलाफ़ लड़ाई को 21वीं सदी की सर्वोच्च प्राथमिकता क़रार दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क के कोलम्बिया विश्वविद्यालय में दिये गए अपने एक उत्साहपूर्ण और स्पष्ट भाषण में ये बात कही.

आपदा जोखिम प्रबन्धन के बिना हालात बद से बदतर होते हैं, यूएन प्रमुख

ऐसे में जब तमाम देश एक साथ अनेक संकटों का सामना कर रहे हैं और हाल के दशकों में मौसम की चरम घटनाओं में बहुत तेज़ बढ़ोत्तरी हुई है, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एक ज़्यादा मज़बूत, अनुकूलन में निपुण व सुरक्षित विश्व का निर्माण करने के लिये आपदा जोखिम प्रबन्धन मज़बूत किये जाने का आहवान किया है.

सूखे व मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए प्रकृति के साथ नए रिश्ते की दरकार

संयुक्त राष्ट्र ने मरुस्थलीकरण व सूखे से निपटने और प्रकृति की रक्षा के लिए एक ऐसा नया सम्बन्ध स्थापित करने की पुकार लगाई है जिससे भूमि क्षरण के कारण उत्पन्न होने वाली जबरन विस्थापन, भुखमरी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का असरदार ढँग से मुक़ाबला किया जा सके. मरुस्थलीकरण व सूखा से निपटने के लिए मनाए जाने वाले विश्व दिवस (World Day to Combat Desertification and Drought) के अवसर पर इस वर्ष टिकाऊ उत्पादन और खपत की अहमियत पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है. 

‘प्रकृति का स्पष्ट सन्देश’: महामारियों की रोकथाम के लिए पर्यावरण की रक्षा अहम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मानवीय गतिविधियों से प्रकृति को पहुँचने वाली क्षति को हर हाल में रोकना होगा और पर्यावरण सरंक्षण के लिए वैश्विक समुदाय को अपना रास्ता बदलना होगा. शुक्रवार, 5 जून, को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पृथ्वी व मानव स्वास्थ्य के बीच सम्बन्ध और मानव जीवन को सहारा देने वाली जैवविविधता की रक्षा की अहमियत को रेखांकित किया जा रहा है. 

जैव विविधता दिवस

यूएन महासचिव ने 22 को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के मौक़े पर कहा है कि इन्सानों के तमाम समाधान प्रकृति में समाहित हैं इसलिए बेहतर वांछित भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर कलयाण के लिए प्रकृति के साथ बेहतर सन्तुलन बनाना बहुत ज़रूरी है. वीडियो सन्देश...

प्रवासी पक्षियों की दुनिया

दुनिया भर में ऐसे हज़ारों-लाखों पक्षी हैं जिनकी फ़ितरत प्रवासी है, यानि वो अपने अस्तित्व के लिए किसी एक जगह नहीं ठहर सकते और प्रवासन के लिए अक्सर हज़ारों मील का सफ़र तय करते हैं, अक्सर अदृश्य रास्तों से. ये एक अनोखी दुनिया है कि प्रवासी पक्षी किस तरह अपनी ज़िन्दगी जीते हैं. एक झलक पेश करती ये वीडियो जिसका फ़िल्मांकन कुछ समय पहले  किया गया था, और अब इसे नए अंदाज़ में पेश किया गया है...