परिवार

सीरिया: 10 साल के दौरान, औसतन हर आठ घण्टे में एक बच्चा हताहत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि सीरिया में, 10 वर्ष से चल रहे गृहयुद्ध के कारण, देश के लगभग 90 प्रतिशत बच्चों को मदद की ज़रूरत है, क्योंकि हिंसा, आर्थिक मुसीबतों और कोविड-19 महामारी ने, परिवारों को गहरी मायूसी के कगार पर धकेल दिया है. एजेंसी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के दौरान, गृहयुद्ध में, औसतन हर आठ घण्टे में, एक बच्चा हताहत हुआ है.

महिलाओं की स्थिति: परिवारों में ही है बदलाव की बुनियाद

महिलाओं की अधिकारों की स्थिति में हाल के दशकों के दौरान अलबत्ता काफ़ी सुधार देखा गया है लेकिन पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता (लिंग भेद) और परिवारो में ही महिलाओं के अन्य बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मामले अब भी सामने आते हैं.

विधवाओं को क़तई बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के अवसर पर कहा है कि विधवाओं के नाज़ुक हालात के बारे में सभी को संवेदनशील तरीक़े से सोचना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि उनकी आर्थिक व भावनात्मक मुश्किलें कहीं उनके लिए और ज़्यादा मुश्किलें ना पैदा कर दें. अंतरराषट्रीय विधवा दिवस हर वर्ष 23 जून को मनाया जाता है. इस मौक़े पर महासचिव ने सभी का आहवान करते हुए कहा कि ये सभी इंसानों की ज़िम्मेदारी है कि विधवाएं कहीं अकेली और बेसहारा ना रह जाएँ और उन्हें पीछे ना छोड़ दिया जाए.

नौनिहालों और माता-पिता को बेहतर माहौल मिलना ज़रूरी

कामकाज और पारिवारिक जीवन के बीच स्वस्थ संतुलन क़ायम करने और दोनों स्थानों पर आनंदपूर्वक जीवन जीने में सहायक नीतियाँ बनाने में अनेक विकसित और धनी देश बहुत पीछे हैं. जबकि स्वीडन, नॉर्वे, आइसलैंड, एस्तोनिया और पुर्तगाल ऐसे देश हैं जहाँ कामकाजी जीवन के साथ परिवारिक जीवन जीने और माता-पिता के लिए छोटे बच्चों के साथ ज़्यादा समय बिताना आसान होता है.