प्रदूषण

सीसा धातु से 80 करोड़ बच्चों के दिमाग़ों पर असर, आधे बच्चे दक्षिण एशिया में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ और ‘प्योर अर्थ’ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि  दुनिया भर के लगभग तीन चौथाई बच्चे सीसा धातु के ज़हर के साथ जी रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में  बच्चों के सीसा धातु से प्रभावित होने के मद्देनज़र एसिड बैटरियों को लापरवाही से फेंकने के ख़तरनाक चलन को बन्द करने का आहवान भी किया गया है.

भोपाल त्रासदी: रसायन उद्योग जगत को ‘मानवाधिकारों का सम्मान करना होगा’

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने भारत में भोपाल गैस त्रासदी के 35 साल पूरे होने पर रसायन निर्माताओं से अपनी ज़िम्मेदारी समझने और मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर बास्कुट तुनचक ने कहा है स्वैच्छिक मानवाधिकार मानकों को अपनाने की प्रक्रिया में कमज़ोरियां नीहित हैं और इसलिए मज़बूत क़ानूनी विकल्पों की तत्काल आवश्यकता है.

लड़ाई-झगड़ों में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने के चलन को रोकना होगा

अगर दुनिया को इस पृथ्वी और इस पर बसने वाले सभी इंसानों और जीव-जंतुओं के लिए एक टिकाऊ भविष्य का लक्ष्य हासिल करना है तो युद्धों और संघर्ष के हालात में पर्यावरण को महफ़ूज़ रखने के लिए ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. ये चेतावनी भरे शब्द संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की मुखिया इन्गा एंडरसन ने बुधवार को युद्ध व सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने से रोकने के लिए मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर कहे.

हर जगह उपस्थित है माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण

माइक्रोप्लास्टिक कहे जाने वाले प्लास्टिक के छोटे कण हमारे पीने के पानी सहित हर जगह फैले हुए हैं और उनसे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों पर चिंता जताई जाती रही है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि यह ज़रूरी नहीं है कि माइक्रोप्लास्टिक के कण मानव स्वास्थ्य के लिए किसी ख़तरे का कारण हों.

‘जल गुणवत्ता के अदृश्य संकट’ से मानवता और पर्यावरण को बड़ा ख़तरा

विश्व बैंक की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि जल की गुणवत्ता बदतर होती जा रही है जिससे भारी प्रदूषण के शिकार इलाक़ों में आर्थिक संभावनाओं पर बुरा असर पड़ेगा. मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि जल की ख़राब गुणवत्ता एक ऐसा संकट है जिससे मानवता और पर्यावरण के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है.

पर्यावरणीय कार्रवाई के अभाव में मानव स्वास्थ्य को गंभीर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि पर्यावरण को इतनी गंभीर क्षति पहुंची है कि अगर ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए तो लोगों के स्वास्थ्य पर इसके दुष्परिणाम बढ़ते जाएंगे. पिछले पांच सालों में पर्यावरण की मौजूदा स्थिति पर तैयार की जाने वाली यह सबसे व्यापक समीक्षा है.

'ख़ामोश हत्यारा' बन गया है वायु प्रदूषण

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने  कहा है कि दुनिया में छह अरब लोग नियमित रूप से प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं जिससे उनके जीवन, स्वास्थ्य और कल्याण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. नवीनीकृत ऊर्जा का इस्तेमाल इस सदी के अंत तक 15 करोड़ जिंदगियों को बचाने में सहायक साबित हो सकता है.