प्रैस आज़ादी

सैन्सरशिप, धमकियाँ, हमले - कोविड-19 संकट काल में प्रैस आज़ादी पर ख़तरे

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने आगाह किया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान मीडिया के समक्ष सैन्सरशिप, दमन, धमकियों और हमलों जैसी चुनौतियाँ और ज़्यादा गम्भीर हुई हैं और कुछ देशों में सरकारें कोविड-19 सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का इस्तेमाल आलोचना और असहमति पर रोक लगाने के लिये कर रही हैं जो किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने दोहराते हुए कहा कि लोगों को सटीक और भरोसेमन्द सूचना पाने का अधिकार है और यह कई अन्य मूलभूत अधिकारों की बुनियाद है.