प्रैस आज़ादी

पत्रकारों पर हमलों में दण्ड निडरता

वर्ष 2020 में पत्रकारों के ख़िलाफ़ अपराधों के मामलों में दण्ड निडरता की दर में मामूली गिरावट तो आई है लेकिन अब भी विश्व भर में ऐसे 87 फ़ीसदी मामले अनसुलझे हैं. प्रैस स्वतन्त्रता की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाने वाली यूएन एजेंसी - संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. 

सैन्सरशिप, धमकियाँ, हमले - कोविड-19 संकट काल में प्रैस आज़ादी पर ख़तरे

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने आगाह किया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान मीडिया के समक्ष सैन्सरशिप, दमन, धमकियों और हमलों जैसी चुनौतियाँ और ज़्यादा गम्भीर हुई हैं और कुछ देशों में सरकारें कोविड-19 सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का इस्तेमाल आलोचना और असहमति पर रोक लगाने के लिये कर रही हैं जो किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने दोहराते हुए कहा कि लोगों को सटीक और भरोसेमन्द सूचना पाने का अधिकार है और यह कई अन्य मूलभूत अधिकारों की बुनियाद है. 

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की महानिदेशक ऑड्री अज़ोले ने विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों के ख़िलाफ़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिन्ता जताई है. यूनेस्को प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी लोकतन्त्र का एक बेहद अहम अंग है और पत्रकारों द्वारा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग प्रैस की आज़ादी और सूचना के अधिकार के लिए अतिआवश्यक है. इसलिए उनके काम करने की आज़ादी और सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है.

कोविड-19: 'ग़लत जानकारी की महामारी' से मुक़ाबले में पत्रकारों की अहम भूमिका 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के संबंध में ग़लत जानकारियों की महामारी ख़तरनाक ढंग से फैलने की रोकथाम के प्रयासों में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वैश्विक संकट के दौरान प्रैस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को आयोजित एक वर्चुअल संवाद के दौरान यह बात कही है.

कोविड-19 की आड़ में प्रैस की आज़ादी पर पाबंदियों से उपजी चिंता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने चिंता जताई है कि कोरोनावायरस महामारी से उपजे हालात में अनेक देशों में प्रैस की आज़ादी के लिए नए ख़तरे पैदा हो गए हैं. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भरोसेमंद व सटीक रिपोर्टिंग हम सभी के लिए जीवन-रेखा के समान है.