पोषण

म्याँमार: 20 लाख लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाने की तैयारी

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने गुरूवार को कहा है कि म्याँमार में मौजूदा राजनैतिक संकट के कारण उत्पन्न हालात में, लगभग 20 लाख लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं और उन्हें, बढ़ती भुखमरी व हताशा के बीच, पोषण सहायता पहुँचाने के प्रबन्ध किये जा रहे हैं.

वेनेज़ुएला: बच्चों के लिये पोषक आहार की आपूर्ति पर समझौता

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने वेनेज़ुएला की सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसके तहत सबसे निर्बल समुदायों के बच्चों के लिये, स्कूलों में पौष्टिक आहार सुनिश्चित किया जा सकेगा. मंगलवार को इस आशय की घोषणा की गई है. हाल के समय में वेनेज़ुएला को गम्भीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ा है और देश में बाल कुपोषण के मामले बढ़े हैं.

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लगभग 1.9 अरब लोग स्वस्थ ख़ुराकों से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस महामारी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों के कारण, एशिया प्रशान्त क्षेत्र में, लगभग दो अरब लोगों को भोजन की सम्पूर्ण और स्वस्थ ख़ुराकें नहीं मिल पा रही हैं. 

कोविड-19: खाद्य असुरक्षा और विस्थापन बढ़े

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी शुरू होने के समय ही रिकॉर्ड स्तर पर रही वैश्विक भुखमरी और आबादी के विस्थापन की स्थिति और ज़्यादा ख़राब हो सकती है क्योंकि प्रवासी जन व बाहर से भेजी जाने वाली रक़म पर निर्भर लोगों को अपने परिवारों की गुज़र-बसर चलाने की ख़ातिर कामकाज पाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा.

करोड़ों को भरपेट भोजन मयस्सर नहीं, कोविड-19 बना मुसीबतों का पहाड़

वर्ष 2020 के दौरान भी दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीने के लिये काफ़ी बुनियादी भोजन ख़ुराक भी मयस्सर नहीं है क्योंकि जलवायु परिवर्तन और आर्थिक समस्याओं ने विश्व भर में भुखमरी का स्तर बढ़ा दिया है, और कोविड-19 महामारी ने तो ग़रीबी में मुसीबतों का पहाड़ ही खड़ा कर दिया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक ताज़ा रिपोर्ट में ये चिन्ता ज़ाहिर की गई है.

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिये पोषक पदार्थ

Take home rations ऐसे ऊर्जावान खाद्य पदार्थ होते हैं, जो पोषण सुनिश्चित करने के मक़सद से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खिलाए जाते हैं.

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शिक्षा: गर्म भोजन और कुछ ‘पौष्टिक पाउडर’

विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) भारत में एक ऐसा अनूठा कार्यक्रम चला रहा है, जिसके तहत स्कूल के बच्चों को सरकारी अपरान्ह भोजन योजना के साथ-साथ, पूर्ण पोषण सुनिश्चित करने के लिये विटामिन और खनिजों से भरपूर पोषक सहायक ख़ुराक दी जाती है. बच्चे प्यार से इसे ‘जादुई बुरादा’ कहते हैं. 

नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान है सर्वोत्तम आहार

शनिवार, 1 अगस्त, को ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ की शुरुआत हुई है जिसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने एक साझा अपील जारी करके स्तनपान से होने वाले फ़ायदों और उसके सही तरीक़ों से जुड़ी अहम जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिये परामर्श सेवाएँ सुनिश्चित किये जाने की पुकार लगाई है. यूएन एजेंसी के मुताबिक नवजात शिशुओं को जन्म के बाद पहले छह महीनों में सिर्फ़ स्तनपान कराना चाहिये और उसके बाद भी लगभग दो साल तक स्तनपान जारी रखने के प्रयास करने चाहिये.

भुखमरी के बढ़ते दायरे से टिकाऊ विकास लक्ष्य के लिए गहराती चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि बीते पाँच वर्षों में भुखमरी व कुपोषण के विभिन्न रूपों का शिकार लोगों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई है और कोविड-19 महामारी से यह समस्या और भी ज़्यादा विकराल रूप धारण कर सकती है. मौजूदा  हालात में टिकाऊ विकास एजेण्डा के तहत भुखमरी का अन्त करने का लक्ष्य पाने का रास्ता और भी ज़्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक सेहतमन्द आहार को किफ़ायती बनाने और करोड़ों लोगों तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने से स्वास्थ्य ख़र्चों को घटाने में मदद मिल सकती है. 

कोविड-19: खाद्य असुरक्षा का गहराता साया, तत्काल उपायों की पुकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 से पहले ही लाखों-करोड़ों लोग भुखमरी और कुपोषण का शिकार थे लेकिन कोरोनावायरस संकट से हालात और बदतर हो सकते हैं, तत्काल कार्रवाई की नहीं की गई तो वैश्विक खाद्य आपात स्थिति पैदा हो सकती है.  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति पर गहरी चिन्ता जताते हुए मंगलवार को एक नीति-पत्र जारी किया है जिसमें इस चुनौती से निपटने के नीतिगत रास्ते सुझाए गए हैं.