पोलियो

अफ़ग़ानिस्तान में पोलियो टीकाकरण अभियान को तालेबान का समर्थन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएन बाल कोष – यूनीसेफ़ ने, अफ़ग़ानिस्तान में, घर-घर जाकर सभी बच्चों को पोलियो ख़ुराकें पिलाने का अभियान फिर शुरू किये जाने को, तालेबान नेतृत्व द्वारा समर्थन दिये जाने के फ़ैसले का स्वागत किया है.

अफ़ग़ानिस्तान: पाँच स्वास्थ्यकर्मियों की गोली मारकर हत्या; हमलों की कड़ी निन्दा

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नांगरहार प्रान्त में, पोलियो टीकाकरण मुहिम में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों पर सिलसिलेवार हमलों को बर्बर क़रार देते हुए उनकी कड़े शब्दों में निन्दा की है. इन हमलों में पाँच स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है और चार अन्य घायल हुए हैं. 

यूएन के नेतृत्व में वैश्विक प्रतिरक्षण - पाँच करोड़ ज़िन्दगियों की रक्षा का लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक वैश्विक प्रतिरक्षण रणनीति सोमवार को पेश की गई है, जिसके ज़रिये पाँच करोड़ से अधिक बच्चों को जीवनरक्षक टीके लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है. यूएन एजेंसियों ने सचेत किया है कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधान से बड़ी संख्या में ख़सरा, पीत ज्वर और डिप्थीरिया समेत अन्य बीमारियों के महत्वपूर्ण टीके नहीं मिल पाए हैं, और इन हालात को बदले जाने की ज़रूरत है.

कोविड-19: दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में टीकाकरण की अभूतपूर्व तैयारी 

भारत, इण्डोनेशिया सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान की तैयारियाँ चल रही हैं जिनमें विश्व स्वास्थ्य संगठन का क्षेत्रीय कार्यालय हरसम्भव सहायता प्रदान कर रहा है. इस क्षेत्र में स्थित देशों में पोलियो उन्मूलन अभियान में सफलता मिली थी और उस मुहिम के अनुभव व सबक़ का इस्तेमाल कोरोनावायरस से निपटने के लिये भी किया जा रहा है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 6 नवम्बर 2020

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पोलियो और ख़सरा जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिये 'तत्काल कार्रवाई' की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण में आए व्यवधान के कारण लाखों बच्चों के पोलियो और ख़सरा का जोखिम बहुत बढ़ गया है. ये दोनों बेहद घातक बीमारियाँ हैं मगर ये भी सही है कि इन्हें रोका जा सकता है.

कोविड-19 के बावजूद पोलियो के ख़िलाफ़ मुहिम

पाकिस्तान में यूनीसेफ़ की एक स्टाफ़ सदस्य हुसना गुल कोविड-19 वायरस का संक्रमण होने के बाद के हालात से जूझते हुए भी ये सुनिश्चित करने में जी-जान से जुटी हुई हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को पोलियो से बचाने वाली दवाई पिलाई जी सके.

कोविड-19: पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में फिर शुरू हुआ पोलियो टीकाकरण अभियान

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से टीकाकरण अभियानों में आए व्यवधान के बाद पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में पोलियो उन्मूलन अभियान फिर शुरू हो गए हैं. महामारी के कारण पोलियो टीकाकरण कार्यक्रमों की रफ़्तार थमने से लगभग पाँच करोड़ बच्चे पोलियो वैक्सीन की ख़ुराक से दूर थे और दोनों देशों में पोलियो के नए मामले सामने आए थे. 

कोविड-19 से लड़ने की धुन में टीकाकरण ना छूट जाए

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि साल 2019 में दुनिया भर में लगभग एक करोड़ 30 लाख बच्चों को अनेक तरह की बीमारियों से बचाने वाले टीके नहीं लगवाए गए थे. इसलिए संगठन ने तमाम देशों की सरकारों से टीकाकरण सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि ख़ासतौर से कोविड-19 महामारी के माहौल में टीकाकरण में किसी भी तरह की बाधा बहुत से बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकती है.

'पोलियो उन्मूलन यूएन की प्राथमिकता'

इंसानों को विकलांग बनाने वाली और संभवतः घातक बीमारी से बचाने के लिए पाकिस्तान में लाखों बच्चों को वैक्सीन पिलाने का अभियान ज़ोर-शोर से चलाया गया है. विश्व भर में पोलियो के प्रकोप के कुछ आख़िरी ठिकानों में पाकिस्तान भी शामिल है.