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इनसानियत की ताक़त से, कोविड-19 और जलवायु चुनौती से निपटा जा सकता है

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने, मंगलवार को, वार्षिक ‘जनरल डिबेट’ की शुरुआत करते हुए, कोरोनावायरस महामारी के बहुत ही दुख भरे दिनों को याद किया है, जिस दौरान, “नगर व बस्तियाँ बन्द करने पड़े थे और किसी वैक्सीन का विकास व उसकी उपलब्धता एक सपना भर ही था”, और विश्व भर के लोग किस तरह, असाधारण रूप में एक साथ आए, “जो पहले कभी नहीं देखा गया”.

यूएन महासभा का 76वाँ सत्र, पाँच प्रमुख बातें जो चर्चा में रहेंगी

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 76वाँ सत्र, 14 सितम्बर को शुरू हो गया है, और यह 2020 के पूर्ण वर्चुअल सत्र से बहुत अलग होगा. यूएन महासभा के 76वें सत्र पर भी कोविड-19 की परछाई तो रहेगी, लेकिन यह देशों के नेताओं को (कुछ को व्यक्तिगत रूप से) सामने नज़र आ रही वैश्विक चुनौतियों को सम्बोधित करने से नहीं रोक पाएगी. यहाँ प्रस्तुत हैं ऐसे पाँच तथ्य, जो आपको 2021 की "हाइब्रिड" महासभा के बारे में जानकारी के लिये महत्वपूर्ण होंगे.

'एक बेहतर कल बनाने में सभी की है अहम भूमिका'

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने दुनिया भर के हर एक इनसान से, कोरोनावायरस महामारी का ख़ात्मा करने, और एक समावेशी व टिकाऊ भविष्य बनाने की ख़ातिर, एकजुट होकर काम करते रहने का आग्रह किया है. 

महासभा: जनरल डिबेट सम्पन्न, कोविड-19 के कारण 75वाँ सत्र इतिहास में दर्ज

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष (PGA) वोल्कान बोज़किर ने जनरल डिबेट का समापन करते हुए कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि वैश्विक नेता व प्रतिनिधि महासभा के वार्षिक सत्र में व्यक्तिगत मौजूदगी के साथ शिरकत नहीं कर पाए. मंगलवार को उन्होंने कहा कि फिर भी कोविड-19 से बचने के लिये किये गए ऐहतियाती उपाय बहुपक्षवाद को उच्चतम स्तर पर होने से नहीं रोक पाए.