पेरिस समझौता

पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत

अमेरिका, पेरिस जलवायु समझौते में फिर से शामिल हो गया है. वर्ष 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इस समझौते में, अमेरिका की सक्रिय भूमिका रही थी.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत करते हुए, 19 फ़रवरी को, एक ऑनलाइन कार्यक्रम में, जलवायु परिवर्तन पर अधिक मज़बूत कार्रवाई किये जाने की अपनी पुकार दोहराई. 

उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु समझौता, हमारी आने वाली पीढ़ियों और सम्पूर्ण मानव परिवार के साथ एक क़रार है.

पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी – ‘उम्मीद भरा दिन’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी का स्वागत करते हुए, इसे दुनिया के लिये एक उम्मीद भरा दिन क़रार दिया है, जिससे महत्वाकाँक्षी वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पेरिस समझौते में वैश्विक तापमान में बढोत्तरी को रोकने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती का महत्वाकाँक्षी लक्ष्य रखा गया है. 

जलवायु परिवर्तन: यूएन प्रमुख की चेतावनी, संकल्प पूर्ति में, 2021 बहुत अहम वर्ष

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व, जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते की शर्तों के अनुसार, वैश्विक तापमान वृद्धि में कमी लाने के सहमत लक्ष्य हासिल करने के रास्ते पर अभी बहुत पीछे है. महासचिव ने,  ये चेतावनी भरी बात, जलवायु संकट से बचने में, ज़्यादा महत्वाकाँक्षी प्रतिबद्धताएँ हासिल करने की अपनी कोशिशों के तहत, सोमवार को कही. 

पेरिस जलवायु समझौता: एक नज़र

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन ने पेरिस जलवायु समझौते में, फिर से शामिल होने की घोषणा की है. पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने, वर्ष 2020 में, अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से हटा लिया था. इस सन्दर्भ में, पेरिस जलवायु समझौता एक बार फिर से ज़ोरदार चर्चा में आ गया है. यहाँ प्रस्तुत है - कुछ बुनियादी जानकारी...

 

2020, अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक: यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2020 अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक रहा है और वर्ष 2016 को पीछे धकेल कर अब तक का सर्वाधिक गर्म साल साबित होने का रिकॉर्ड भी बनाने के नज़दीक था.  

कोविड-19: संकट से पुनर्बहाली, प्रकृति के साथ समरसता क़ायम करने का अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उबरने की प्रक्रिया दुनिया के लिये अपना रास्ता बदलने और मानवता को एक सामान्य पथ पर आगे बढ़ाने का अवसर है, जहाँ प्रकृति के साथ टकराव के बजाय सामंजस्य स्थापित किया जा सके. यूएन प्रमुख ने सोमवार को ‘एक ग्रह’ (One Planet) शिखर वार्ता में विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए, पृथ्वी व उसके संसाधनों का दोहन किये जाने के दुष्परिणामों के प्रति आगाह किया है. 

CAS-20: नए महत्वाकाँक्षी लक्ष्य, जलवायु आपदा घोषित करने की पुकार भी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 में विश्व नेताओं से अपील की है कि वो अपने यहाँ तब तक जलवायु आपदा घोषित कर दें जब तक कि कार्बन निष्पक्षता का लक्ष्य नहीं हासिल कर लिया जाता है. विभिन्न देशों ने कार्बन उत्सर्जन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये नई योजनाओं, नीतियों और समय सीमा के महत्वाकाँक्षी लक्ष्यों की घोषणा की है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 पर विशेष सामग्री

'नैट-ज़ीरो' की दौड़, और दुनिया इस पर क्यों निर्भर है!

अनेक देशों ने, आने वाले वर्षों में "शून्य उत्सर्जन" का लक्ष्य हासिल करने के मक़सद से, हाल ही में अपने कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने के लिये प्रतिबद्धताओं की घोषणा की है. यह शब्द आज दुनिया भर में गूँज रहा है और इसे अक्सर जलवायु परिवर्तन और इससे होने वाली तबाही से निपटने के लिये एक आवश्यक क़दम के रूप में देखा जाता है.

कोविड-19 की अपेक्षा ज़्यादा गम्भीर होंगे जलवायु व्यवधान के दुष्परिणाम – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा की पाँचवी वर्षगाँठ की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा है कि आज लिये जाने वाले निर्णय दुनिया के लिये अगले 30 वर्षों और उसे परे की दिशा को तय करेंगे. महासचिव ने आगाह किया कि अगर हम इन लक्ष्यों को पाने में विफल रहते हैं तो फिर अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और लोगों के जीवन में उत्पन्न होने वाला व्यवधान कोविड-19 के दुष्प्रभावों को भी पीछे छोड़े देगा. 

कार्बन तटस्थता हासिल करने के प्रयासों की गति बढ़ाने पर ज़ोर

वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने के लिये संकल्पित देशों की सरकारों और व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है लेकिन दुनिया अब भी उस लक्ष्य की प्राप्ति से दूर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में प्रयासों की पैरवी के लिये सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर दिया है.