पेरिस समझौता

CAS-20: नए महत्वाकाँक्षी लक्ष्य, जलवायु आपदा घोषित करने की पुकार भी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 में विश्व नेताओं से अपील की है कि वो अपने यहाँ तब तक जलवायु आपदा घोषित कर दें जब तक कि कार्बन निष्पक्षता का लक्ष्य नहीं हासिल कर लिया जाता है. विभिन्न देशों ने कार्बन उत्सर्जन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये नई योजनाओं, नीतियों और समय सीमा के महत्वाकाँक्षी लक्ष्यों की घोषणा की है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 पर विशेष सामग्री

'नैट-ज़ीरो' की दौड़, और दुनिया इस पर क्यों निर्भर है!

अनेक देशों ने, आने वाले वर्षों में "शून्य उत्सर्जन" का लक्ष्य हासिल करने के मक़सद से, हाल ही में अपने कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने के लिये प्रतिबद्धताओं की घोषणा की है. यह शब्द आज दुनिया भर में गूँज रहा है और इसे अक्सर जलवायु परिवर्तन और इससे होने वाली तबाही से निपटने के लिये एक आवश्यक क़दम के रूप में देखा जाता है.

कोविड-19 की अपेक्षा ज़्यादा गम्भीर होंगे जलवायु व्यवधान के दुष्परिणाम – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा की पाँचवी वर्षगाँठ की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा है कि आज लिये जाने वाले निर्णय दुनिया के लिये अगले 30 वर्षों और उसे परे की दिशा को तय करेंगे. महासचिव ने आगाह किया कि अगर हम इन लक्ष्यों को पाने में विफल रहते हैं तो फिर अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और लोगों के जीवन में उत्पन्न होने वाला व्यवधान कोविड-19 के दुष्प्रभावों को भी पीछे छोड़े देगा. 

कार्बन तटस्थता हासिल करने के प्रयासों की गति बढ़ाने पर ज़ोर

वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने के लिये संकल्पित देशों की सरकारों और व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है लेकिन दुनिया अब भी उस लक्ष्य की प्राप्ति से दूर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में प्रयासों की पैरवी के लिये सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर दिया है.

WHO: पथभ्रष्ट राष्ट्रवाद को नकारने और घावों पर मरहम लगाने का लम्हा 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सदस्य देशों को आगाह किया है पाँच वर्ष पहले जलवायु परिवर्तन और ग़रीबी से निपटने के जिन समझौतों पर महत्वपूर्ण समझौते हुए थे, उन पर कार्रवाई वैश्विक एकजुटता के अभाव में अवरुद्ध हो गई है. उन्होंने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के सत्र को सम्बोधित करते हुए अमेरिका में निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को बधाई देते हुए उनके साथ काम करने के अवसर का स्वागत किया है.