पुर्तगाल

भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञानों के लिये मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह, पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे यूएन महासागर सम्मेलन में शिरकत के दौरान.
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महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे यूएन महासागर सम्मेलन में, भारत ने भी शिरकत की है और देश के एक मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने, लिस्बन में, महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ गिनाई हैं. वीडियो...

हरित क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ बहुत प्रभावी प्रकृति आधारित समाधान हैं.
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टिकाऊ नील अर्थव्यवस्था, लघु देशों और तटीय आबादी के लिये बहुत अहम

दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी समुद्री तटवर्ती इलाक़ों में रहती है या उनके पास रहती है, तो उस आबादी की आजीविका को ध्यान में रखते हुए, लिस्बन में हो रहे यूएन महासगार सम्मेलन के दूसरे दिन, मंगलवार को, टिकाऊ महासागर आधारित अर्थव्यवस्थाओं और तटीय पारिस्थितिकियों के प्रबन्धन पर ध्यान केन्द्रित किया गया.

समुद्री कछुए की सात प्रजातियाँ, हर एक प्रशान्त में बसती हैं और 100 से ज़्यादा देशों में उनके घोसले हैं.
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महासागर क्यों अहम है?

ऑस्ट्रेलियाई गायक-गीतकार कोडी सिम्पसन, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और दुनिया भर के लोगों के साथ मिलकर यह घोषणा कर रहे हैं कि ग्रह और उसके सभी निवासियों के स्वास्थ्य के लिये, महासागर बहुत महत्वपूर्ण है.