पत्रकार

श्रीनगर में तैनात सुरक्षाकर्मी (फ़ाइल).
Nimisha Jaiswal/IRIN

कश्मीरी मानवाधिकार पैरोकार ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा है कि भारतीय कश्मीर में मानवाधिकार पैरोकार ख़ुर्रम परवेज़ की गिरफ़्तारी और बन्दीकरण ने क्षेत्र में सिविल सोसायटी, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर भयावह प्रभाव छोड़े हैं. उन्होंने भारत सरकार से ख़ुर्रम परवेज़ की तुरन्त और बिना शर्त रिहाई की अपनी पुकार भी दोहराई है.

यूक्रेन में कुछ पत्रकार, किसी इमारत की छत पर अपना काम करते हुए.
Unsplash/Kate Bezzubets

पत्रकारों के लिये जोखिमों से हम सभी का नुक़सान – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों के लिये दंडमुक्ति का अन्त करने के अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर अपने सन्देश में कहा है कि देशों की सरकारों और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे लोगों की सुरक्षा कार्रवाई करनी होगी जो हम तक समाचार पहुँचाते हैं.

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में, नोबेल शान्ति केन्द्र
UN News/Anton Uspensky

नोबेल शान्ति पुरस्कार: ‘विजेताओं में शान्ति प्रोत्साहन में सिविल सोसायटी की शक्ति की झलक’

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस वर्ष के नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेताओं को एक बधाई सन्देश में कहा है कि रूस, यूक्रेन और बेलारूस के ये मानवाधिकार पैरोकार, “लोकतंत्र की ऑक्सीजन” का प्रतिनिधित्व करते हैं.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अफ़ग़ान राष्ट्रीय पत्रकार दिवस (मार्च 2019) के मौक़े पर वहाँ पत्रकारों के प्रति एकजुटता जताने के लिए एकत्रित मीडियाकर्मी.
UNAMA/Fardin Waezi

लोकतांत्रिक समाज के लिये मीडिया स्वतंत्रता की रक्षा किया जाना अहम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार, 15 सितम्बर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस’ के अवसर पर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं बहुलवादी मीडिया को लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला बताया है. उन्होंने अपने वीडियो सन्देश में ये भी कहा है कि दुनिया भर में लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है.

रूस की राजधानी मॉस्को का एक दृश्य
UN Photo/Paulo Filgueiras

‘रूस सरकार सिविल सोसायटी को दिन ब दिन ध्वस्त कर रही है’

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ मैरी लॉलर ने बुधवार को रूस सरकार से, मानवाधिकार पैरोकारों पर दमनकारी कार्रवाई बन्द करने का आहवान किया है. उन्होंने कहा है कि रूस सरकार, दिन ब दिन, सिविल सोसायटी को ध्वस्त कर रही है.

यूनेस्को, पत्रकारों और पत्रकारिता से सम्बन्धित काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा को सक्रियता के साथ बढ़ावा देता है.
Unsplash/Engin Akyurt

मीडिया: पाकिस्तान में पत्रकार इश्तियाक़ सोधरो की हत्या की जाँच की मांग

संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन - UNESCO की महानिदेशक ऑड्री अज़ूले ने पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त के ख़ैरपुर में, 1 जुलाई को स्थानीय पत्रकार इश्तियाक़ सोधरो की हत्या की जाँच की मांग की है.

फ़िलिपीन्स की पत्रकार मारिया रेस्सा, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद एक प्रैस वार्ता के दौरान.
© Rappler

फ़िलिपीन्स: नोबेल विजेता पत्रकार की सज़ा को पलटे जाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने फ़िलिपीन्स की नवनिर्वाचित सरकार से नोबेल पुरस्कार विजेता पत्रकार मारिया रेस्सा को छह वर्ष से अधिक कारावास की सज़ा दिये जाने के फ़ैसले को पलटने का आग्रह किया है. देश की एक अदालत ने कथित मानहानि के एक मामले में उन्हें दोषी पाये जाने के निर्णय को बरक़रार रखा है, जिसकी यूएन विशेषज्ञ ने निन्दा करते हुए समीक्षा किये जाने की मांग की है. 

दिवंगत वरिष्ठ फ़लस्तीनी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह ने इसराइली सेना के नियंत्रण में हालात की लगभग एक चौथाई शताब्दी तक कवरेज की.
Al Jazeera

‘फ़लस्तीनी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की जान लेने वाली गोली इसराइली बलों की तरफ़ से आई’

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मई में फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट में अल जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबू अकलेह को जानलेवा गोली लगने के पीछे इसराइली बलों का हाथ था और शिरीन की मौत किसी अन्धाधुन्ध फ़लस्तीनी गोलीबारी में नहीं हुई.

ब्राज़ील के अमेज़ॉन जंगलों में आग से तबाही
17ª Brigada de Infantaria de Selva

ब्राज़ील: लापता पत्रकार और कार्यकर्ता की तलाश बढ़ाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को ब्राज़ील सरकार से, एक ब्रितानी पत्रकार और एक आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता को ढूंढने के लिये प्रयास तेज़ करने का आग्रह किया है, जो लगभग एक सप्ताह पहले, अमेज़ॉन के एक दूरदराज़ वाले ख़तरनाक इलाक़े में लापता हो गए थे.

फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट के रामल्लाह में एक चौराहे पर, फ़लस्तीनी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह का बिलबोर्ड.
UN Photo/Shirin Yaseen

अल जज़ीरा की पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की हत्या की जाँच की मांग

संयुक्त राष्ट्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में, अल जज़ीरा की प्रख्यात पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की हत्या के हालात की जाँच कराए जाने की मांग की है.