पर्यावरण

इथियोपिया में विस्थापितों के लिये बनाए गए एक शिविर में रहने के लिये पहुँची एक महिला.
© UNFPA Ethiopia/Paula Seijo

हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका में सूखा: महिलाओं व लड़कियों की मदद के लिये 11.3 करोड़ डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने बुधवार को कहा है कि हॉर्न अफ़्रीका क्षेत्र में सूखा - समुदायों को प्रभावित कर रहा है, मगर महिलाओं व लड़कियों को अस्वीकार्य स्तर की बहुत भारी क़ीमत अदा करनी पड़ रही है. यूएन जनसंख्या कल्याण एजेंसी ने क्षेत्र की सूखा प्रभावित महिलाओं व लड़कियों की ज़रूरतें पूरी करने की ख़ातिर, 11 करोड़ 37 लाख डॉलर की रक़म जुटाने की अपील भी जारी की है.

मिस्र के शर्म अल शेख़ में आयोजित कॉप27 के दौरान, जलवायु कार्यकर्ता, कृषि क्षेत्र में अनुकूलन में मदद के लिये और ज़्यादा संसाधन निवेश की मांग करते हुए.
Laura Quinones

अनुकूलन या भुखमरी: कॉप27 - जलवायु परिवर्तन सन्दर्भ में कृषि चुनौतियों व समाधानों पर ध्यान

विकासशील देशों के लघु किसान, दुनिया भर की खाद्य सामग्री का लगभग एक तिहाई उगाते हैं, मगर उन्हें अब भी जलवायु वित्त का केवल 1.7 प्रतिशत हिस्सा ही मिलता है, और उन्हें सूखा, बाढ़ों, तूफ़ानों और अन्य तरह की आपदाओं से जूझना पड़ता है.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, मिस्र के शर्म अल शेख़ में, कॉप27 को सम्बोधित करते हुए.
UNFCCC/Kiara Worth

‘सहयोग या नाश’: कॉप27 में, यूएन प्रमुख की जलवायु एकजुटता समझौते की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को यूएन जलवायु सम्मेलन कॉप27 के दौरान दो दिवसीय जलवायु क्रियान्वयन सम्मेलन का उदघाटन करते हुए, धनी और विकासशील देशों के बीच, क्षमताओं की एकजुटता के वास्ते एक ऐतिहासिक समझौते का आहवान किया है. उन्होंने साथ ही दुनिया को कार्बन उत्सर्जनों में कमी करने, ऊर्जा प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने और जलवायु आपदा को टालने के रास्ते पर आगे बढ़ाने की पुकार भी लगाई है.

कच्चे तेल के शोधन से निकलने वाले उत्सर्जन, जीवाश्म ईंधन के कुल उत्सर्जनों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
© Unsplash/Zbynek Burival

ऊर्जा कम्पनियों की मीथेन उत्सर्जन कटौती में प्रगति, मगर आँकड़े स्पष्ट नहीं - यूनेप

संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण एजेंसी (UNEP) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर की 80 से ज़्यादा तेल व गैस कम्पनियों ने अपने मीथेन उत्सर्जन को कम करने और उसे मापने के लिये संकल्प व्यक्त किया है. ध्यान रहे कि मीथेन गैस वैश्विक तापमान वृद्धि में दूसरे सबसे बड़ा कारक है.

जीवाश्म ईंधन संयंत्र, ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के सबसे बड़े प्रदूषक हैं.
© Unsplash/Marcin Jozwiak

जलवायु परिवर्तन: हमारे वातावरण में, कार्बन डाइ ऑक्साइड और मीथेन पहुँची रिकॉर्ड स्तर पर

संयुक्त राष्ट्र के मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने एक नई रिपोर्ट में कहा है कि पृथ्वी का तापमान बढ़ाने वाली तीन मुख्य ग्रीनहाउस गैसों – कार्बन डाइ ऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का वातावरण में स्तर, वर्ष 2021 के दौरान नई रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गया.

यमन में विस्थापित लोगों के लिये बनाए गए एक शिविर में, कुछ बच्चे, पानी की बौछारों का आनन्द लेते हुए.
© UNICEF/Gabreez

यूनीसेफ़: ‘गर्म हवा 2050 तक, लगभग हर बच्चे को प्रभावित करने के पथ पर’

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष UNICEF ने  मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि गर्म हवा अनेक देशों में एक अपरिहार्य स्वास्थ्य आपदा बन चुकी है, मगर नए आँकड़ों से संकेत मिलता है कि दरअसल गर्म हवा, वर्ष 2050 तक पृथ्वी पर मौजूद लगभग हर बच्चे को प्रभावित करने के रास्ते पर अग्रसर है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, भारत के गुजरात प्रदेश में, पर्यावरण के लिये जीवनशैलियाँ पहल #LiFE की शुरुआत के मौक़े पर अपनी बात कहते हुए.
United Nations

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश की भारत यात्रा की झलकियाँ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत की यात्रा की है जिस दौरान उन्होंने मुम्बई व गुजरात का दौरा किया. उन्होंने मुम्बई में 26 नवम्बर 2008 को हुए आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके अलावा गुजरात में प्रथम पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित गाँव - मोढेरा का भी दौरा किया और सौर्य मन्दिर भी देखा. उन्होंने इस मौक़े पर, पर्यावरण के लिये जीवनशैलियाँ नामक पहल #LiFE का भी आरम्भ किया...

घर में सोलर पैनल लगवाने के बाद गडवी कैलाशबेन को घर खर्चे में काफ़ी राहत मिली है.
UN News

भारत: प्रथम पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित गाँव से, हरित ऊर्जा, स्थिरता और आत्मनिर्भरता का संचार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान, गुजरात में एक आदर्श परियोजना स्थल का दौरा किया, जिसे हाल ही में भारत का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित गाँव घोषित किया गया है. महासचिव ने नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिये ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल समुदाय का जीवन बदलेगा, बल्कि इस तरह की पहलें, जलवायु कार्रवाई के लिये भी अहम हैं.

भारत गणराज्य के प्रधान मंत्री के साथ महासचिव की बैठक
UN Photo/Ishan Tankha

भारत बहुपक्षवाद और टिकाऊ विकास में एक विश्वसनीय साझीदार, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन गुरूवार को कहा है कि भारत बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने और संयुक्त राष्ट्र के टिकाऊ विकास व शान्तिरक्षा अभियानों में एक विश्वसनीय साझीदार है. उन्होंने भारत द्वारा पर्यावरण के लिये जीवनशैलियाँ पहल (#LiFE) शुरू किये जाने के मौक़े पर तमाम मानवता से अपनी अर्थव्यवस्थाओं और जीवन-शैलियों में इस तरह से बदलाव करने की प्रतिज्ञा लेने को कहा जिससे सभी लोग पृथ्वी के संसाधन न्यायसंगत रूप से साझा कर सकें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही ख़र्च करें.