प्रतिरक्षण

नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में एक चार साल की बच्ची को MR वैक्सीन की ख़ुराक दी जा रही है.
© UNICEF/Laxmi Prasad Ngakhusi

तीन दशकों में बाल टीकाकरण की सर्वाधिक सुस्त रफ़्तार, लाखों ज़िन्दगियों पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा शुक्रवार को जारी किये गए आधिकारिक आँकड़े दर्शाते हैं कि बाल टीकाकरण दरों में निरन्तर दर्ज की जा रही गिरावट, पिछले 30 वर्षों में सबसे अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार ढाई करोड़ से अधिक नवजात शिशु इन जीवनरक्षक टीकों से वंचित हैं. 

ओमिक्रॉन वैरीएण्ट के मद्देनज़र, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने टीकाकरण की गति तेज़ करने का आग्रह किया है.
UN News

कोविड-19: 'नुवैक्सोविड' वैक्सीन को आपात प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिये 'नुवैक्सोविड' (Nuvaxovid™) वैक्सीन के आपात प्रयोग को मंज़ूरी दे दी है. योरोपीय औषधि एजेंसी (EMA) द्वारा वैक्सीन की समीक्षा किये जाने और उसे स्वीकृति दिये जाने के बाद यह घोषणा की गई है.  

 

भारत के कोहिमा में एक महिला को कोविड-19 वैक्सीन की ख़ुराक दी जा रही है.
© UNICEF/Tiatemjen Jamir

कोविड-19 वैक्सीन की जमाखोरी से महामारी के लम्बा खिंचने की आशंका, WHO की चेतावनी

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि सदस्य देश, वैक्सीन वितरण के लिये यूएन समर्थित ‘कोवैक्स’ पहल के बजाय, टीकों की आपूर्ति को अपने क़ाबू में ही रखने का निर्णय लेते हैं, तो वैश्विक महामारी का ख़ात्मा ना हो पाने का जोखिम बढ़ जाएगा.

घाना के एक स्वास्थ्य केंद्र में एक नर्स, सिरींज में वैक्सीन भर रही है.
© UNICEF/Nyani Quarmyne

कोविड-19: वैश्विक टीकाकरण के लिये सिरींज की क़िल्लत, होने की आशंका

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन उत्पादन में वृद्धि के प्रयासों के समानान्तर, टीके लगाए जाने के लिये ज़रूरी सिरींज की सुलभता भी बढ़ाई जानी होगी. यूएन एजेंसी ने अगले वर्ष नियमित टीकाकरण अभियानों के लिये सुइयों की वैश्विक स्तर पर क़िल्लत होने की आशंका जताई है. 

बांग्लादेश में राष्ट्रीय टीकाकरण मुहिम के तहत एक बच्चे को ख़सरा व रूबेला से बचाव के लिये टीके लगाये जा रहे हैं.
© UNICEF/Jannatul Mawa

यूएन के नेतृत्व में वैश्विक प्रतिरक्षण - पाँच करोड़ ज़िन्दगियों की रक्षा का लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक वैश्विक प्रतिरक्षण रणनीति सोमवार को पेश की गई है, जिसके ज़रिये पाँच करोड़ से अधिक बच्चों को जीवनरक्षक टीके लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है. यूएन एजेंसियों ने सचेत किया है कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधान से बड़ी संख्या में ख़सरा, पीत ज्वर और डिप्थीरिया समेत अन्य बीमारियों के महत्वपूर्ण टीके नहीं मिल पाए हैं, और इन हालात को बदले जाने की ज़रूरत है.

26 वर्षीय मामा ब्वान्गा अपने बच्चे को कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य के एक स्वास्थ्य केंद्र में लाई हैं.
UNICEF/Brown

कोविड-19 से लड़ाई के दौरान ‘जीवनरक्षक टीकों का भी रखें ध्यान’

विश्व भर में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ रहा है, मेडिकल सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और परिवहन तंत्र में व्यवधान आने से सप्लाई चेन पर अभूतपूर्व असर देखने को मिल रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि इन हालात में अन्य जीवनरक्षक टीकों की अहमियत को नहीं भूला जाना चाहिए.