प्राकृतिक आपदा

केनया में सूखे से प्रभावित इलाक़े में एक महिला अपने बच्चे के साथ.
© UNICEF/Oloo

सूखे का संकट: बेहतर प्रबन्धन और सहनक्षमता विकास पर बल

मरुस्थलीकरण से निपटने के लिये संयुक्त राष्ट्र सन्धि (UNCCD) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सूखा प्रबन्धन के विषय में, मानवता एक दोराहे पर खड़ी है, और सूखे की घटनाओं में कमी लाने के लिये जल्द से जल्द रोकथाम उपाय किये जाने की आवश्यकता है.  

15 जनवरी 2022 को टोंगा में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सूनामी लहरों से क्षति हुई है.
© UNICEF/Consulate of the Kingdom of Tonga

टोंगा: समुद्री ज्वालामुखी विस्फोट व सूनामी से 80% आबादी प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों में समन्वय के लिये कार्यालय (OCHA) ने कहा है कि बीते सप्ताहान्त, टोंगा के द्वीपों पर ज्वालामुखी विस्फोट और उससे भड़की सूनामी के कारण, 12 हज़ार से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं. 

यूएन महासभा के 76वें सत्र के लिये अध्यक्ष, अब्दुल्ला शाहिद.
UN Photo/Eskinder Debebe

2022: महासभा प्रमुख ने पेश की प्राथमिकताएँ, आशा व एकजुटता का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के लिये अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने, कोविड-19 संक्रमण मामलों में उछाल के बीच, एकजुटता और आशा के संचार पर बल दिया है. उन्होंने महासभा सत्र के इस वर्ष बचे शेष हिस्से के लिये अपनी प्राथमिकताओं का ख़ाका भी प्रस्तुत किया है. 

फ़िलिपीन्स में सुपर टाइफ़ून राई से बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि हुई है.
© UNICEF

फ़िलिपीन्स: सुपर टाइफ़ून ‘राई’ से भीषण तबाही, प्रभावितों तक राहत पहुँचाने के प्रयास

फ़िलिपीन्स में शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ान, ‘सुपर टाइफ़ून राई’ से बड़े पैमाने पर तबाही होने की ख़बरों के बीच, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, ज़रूरतमन्दों व प्रभावितों तक सहायता पहुँचाने के कार्य में हाथ बँटा रही हैं. इस आपदा से 18 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 200 से ज़्यादा लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है.

फ़िलीपीन्स के अलबे प्रान्त में चक्रवाती तूफ़ान गोनी से भारी तबाही हुई. (फ़ाइल)
OCHA/Martin San Diego

एशिया-प्रशान्त: जटिल संकटों से निपटने के लिये कारगर रणनीति का आहवान

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवँ सामाजिक आयोग (UNESCAP) की एक समिति की बैठक में देशों की सरकारों से बीमारियों, आपदाओं व जलवायु परिवर्तन के तिहरे संकटों से निपटने के लिये प्रयासों में तेज़ी लाने का आहवान किया गया है. 

पूर्वी व दक्षिणी अफ़्रीकी देशों में बाढ़, सूखने और अन्य जलवायु आपदाओं की संख्या बढ़ी है.
UNDP/Arjen van de Merwe

जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ बड़ी चुनौती – सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि वैश्विक जलवायु संकट के कारण, जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ पहले से कहीं ज़्यादा गहन व गम्भीर हो रही हैं, जिससे ज़िन्दगियों व आजीविकाओं पर जोखिम बढ़ रहा है. 

वर्ष 2019 में मोज़ाम्बीक़ में चक्रवाती तूफ़ान इडाई से भीषण तबाही हुई.
WFP/Deborah Nguyen

गहन प्राकृतिक आपदाओं में तेज़ी - कृषि क्षेत्र पर सर्वाधिक असर

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के नए और अभूतपूर्व रूपों का, कृषि उद्योग पर भीषण असर हुआ है. यूएन कृषि एजेंसी ने गुरुवार को जारी अपनी एक नई रिपोर्ट में यह बात कही है.   
 

मेडागास्कर के दक्षिणी हिस्से में लगातार सूखा पड़ने, कोविड-19 और अशान्ति के हालात ने, पहले से ही मौजूद खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के हालात को और नाज़ुक बना दिया है.
WFP/Tsiory Andriantsoarana

मेडागास्कर में सूखा के कारण, लोग कीड़े-मकौड़े खाने तक को मजबूर

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने शुक्रवार को कहा है कि मेडागास्कर के दक्षिणी हिस्से में कई वर्षों से सूखा पड़ने के कारण भुखमरी लगातार बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र की लगभग आधी आबादी यानि लगभग 15 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इन हालात ने बहुत परिवारों को कीड़े-मकौड़े तक खाने को विवश कर दिया है.

बांग्लादेश में भारी बारिश के बाद उफ़नती नदी को पार करता एक बच्चा.
UNICEF/Thomas Nybo

एशिया-पैसेफ़िक देशों में प्राकृतिक आपदाओं की विकराल चुनौती

एशिया और पैसेफ़िक क्षेत्र में पर्यावरण क्षरण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के बदलते स्वरूपों और उनके घातक प्रभावों से ऐसी विनाशकारी घटनाओं के बार-बार होने की आशंका बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में स्थित देशों के लिए ऐसी आपदाओं का समय पर अनुमान लगाना और उनसे निपटने के लिए ज़रूरी तैयारी कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती का संकेत है.

बांग्लादेश में भारी बारिश के बाद उफ़नती नदी को पार करता एक बच्चा.
UNICEF/Thomas Nybo

दक्षिण एशिया में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त, अनेक की मौत

भारत, नेपाल और बांग्लादेश में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 93 बच्चों की मौत हो चुकी है और लाखों लोगों की ज़िंदगियों पर जोखिम मंडरा रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.  साथ ही एहतियाती उपाय करने का आग्रह किया गया है.