पानी

मिस्र की राजधानी काहिरा की एक निर्धन बस्ती में एक लड़की, नल से पानी पीते हुए.
© UNICEF/Shehzad Noorani

सबको सुरक्षित पेजयल उपलब्धता की ख़ातिर, संसाधन निवेश वृद्धि पर बल

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों और साझीदारों की सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देशों की सरकारों को, जल उपलब्धता सुनिश्चित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने की ख़ातिर, सुरक्षित पेयजल प्रणालियों के निर्माण में और ज़्यादा संसाधन निवेश करने होंगे.

पाकिस्तान में बाढ़ के पानी से गुज़रती एक युवती.
UNICEF/Asad Zaidi

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ से भारी तबाही

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ शुरू होने के महीनों बाद भी, लाखों लोग व्यापक दायरे में प्रभावित हैं, और ये बाढ़ अभी अपना आकार कम करती नज़र नहीं आ रही है. एक वीडियो रिपोर्ट..

पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त में भीषण बाढ़ से जलमग्न एक गाँव.
© UNICEF/Asad Zaidi

पाकिस्तान बाढ़: ‘पानी उतरने में लग सकते हैं छह महीने'

संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसियों ने मंगलवार को कहा है कि पाकिस्तान में अब भी लाखों लोग भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं, जो अभी अपना आकार कम करती नज़र नहीं आ रही है.

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता एजेंसी - WFP, पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में सहायता पहुँचाने की मुहिम के तहत, बलूचिस्तान प्रान्त में खाद्य वितरण से पहले आकलन में जुटी हुई है.
WFP Pakistan

पाकिस्तान: ‘नवीनतम जलवायु आपदा’ के बाद, यूएन एजेंसियों द्वारा मदद में तेज़ी

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कोष (CERF) ने शुक्रवार को 70 लाख डॉलर की रक़म जारी करने की घोषणा करते हुए कहा है कि इस राशि से पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ का मुक़ाबला करने के प्रयासों को मज़बूती मिलेगी, जोकि लगभग एक दशक में बहुत भीषण बाढ़ है.

बांग्लादेश में बच्चों को तैराकी सिखाए जाते हुए.
© UNICEF/Munem Wasif

WHO: डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिये, ‘कम से कम एक चीज़’ करने की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को कहा है कि दुनिया भर में, हर साल पानी में डूबने से, दो लाख 36 हज़ार से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो जाती है और ये, एक वर्ष से 24 वर्ष आयु वर्ग में मौत होने के प्रमुख कारणों में से एक है. संगठन ने हर किसी से, ज़िन्दगियाँ बचाने की ख़ातिर, “कम से कम एक चीज़” अवश्य करने की पुकार लगाई है. 

स्वीडन के स्टॉकहोम में Fridays for Future वैश्विक हड़ताल में, युवा जलवायु कार्यकर्ता शिरकत करते हुए.
© UNICEF/Christian Åslund

पर्यावरण के लिये ज़्यादा कार्रवाई हो, वरना पृथ्वी के 'मानव बलिदान का क्षेत्र' बन जाने का जोखिम

मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण को एक प्रमुख मुद्दा बनाने के लिये, विश्व का पहला सम्मेलन, पाँच दशक पहले स्वीडन में हुआ था, तब से ये समझ बढ़ी है कि अगर इनसानों ने पृथ्वी की देखभाल करने में कोताही बरती, तो ये ग्रह मानव बलिदान का क्षेत्र बनकर रह जाएगा. पृथ्वी की रक्षा के लिये आगे की कार्रवाई पपर चर्चा करने के लिये, इस सप्ताह स्टॉकहोम में ताज़ा विचार-विमर्श शुरू होने वाला है, उस सन्दर्भ में सोमवार को, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ऐसे कहीं ज़्यादा विशाल प्रयासों की आवश्यकता है जिनके ज़रिये हर साल लाखों ज़िन्दगियाँ बचाई जा सकें.

जॉर्डन के ज़ाआतारी शरणार्थी शिविर में पानी पहुँचाने वाले नैटवर्क से लेकर पानी पीता हुआ एक बच्चा.
© UNICEF/Christopher Herwig

2030 तक अरबों लोगों के जल व स्वच्छता सेवाओं से वंचित होने का जोखिम

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर तुरन्त भारी मात्रा में रक़म का इन्तज़ाम नहीं किया गया तो दुनिया भर में वर्ष 2030 तक अरबों लोगों के सामने जीवनदायक स्वच्छ पानी, स्वच्छता और साफ़-सफ़ाई सेवाओं की क़िल्लत का जोखिम मंडरा रहा होगा.

भारत के ग्रामीण इलाक़े में घड़े में पानी भर कर लाती महिला.
UNICEF/Parelkar

भारत में बेकार जा रहे पानी की री-सायकलिंग

भारत के चेन्नई शहर में जल की कमी की समस्या का समाधान तलाश करने के लिये, विश्व बैंक की सहायता से अपशिष्ट जल की री-सायकलिंग की जा रही है. चेन्नई, पानी की री-सायकलिंग करने वाला भारत का पहला शहर है.  भारत में विश्व बैंक के सीनियर म्यूनिसिपल इंजीनियर, पूनम अहलूवालिया और सीनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ रघु केसवन का ब्लॉग.

अमेरिका के फ़्लोरिडा प्रान्त के तट के पास एक प्रकाश-घर (लाइट हाउस)
Coral Reef Image Bank/David Gros

मौसम संगठन की चेतावनी - अभूतपूर्व जोखिम की ज़द में हैं समुद्र

संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर के समुद्रों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवन रक्षक निगरानी प्रणालियों और पूर्व चेतावनी देने वाली सेवाओं में, कोविड-19 महामारी के कारण जो व्यवधान आया है, उन्हें फिर से मुस्तैद बनाए जाने की ज़रूरत है, ताकि तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले और जोखिम का सामना करने वाले समुदायों की रक्षा की जा सके.

दुनिया भर के अनेक स्थानों पर, पीने के साफ़ पानी की भारी क़िल्लत है.
World Bank/Arne Hoel

जल दिवस: इस संसाधन की असली क़ीमत पहचानने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र, सोमवार, 22 मार्च को विश्व जल दिवस मना रहा है जिस दौरान, इस वैश्विक चर्चा को बढ़ावा दिया जा रहा है कि दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों में, लोग जल संसाधनों की किस तरह क़द्र करते हैं.