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स्कूलों में बदमाशी के ख़िलाफ़ एकजुटता की ज़रूरत

स्कूलों में बढ़ती बदमाशी, साथियों को तंग करने व हिंसा जैसे मामलों की रोकथाम के लिये ठोस क़दम उठाना ज़रूरी हो गया है. बच्चों को शिक्षा का ऐसा सुरक्षित वातावरण मिलना बेहद आवश्यक है, जिससे वो अपने अनुभव साझा करने और आवश्यकता पड़ने पर मदद लेने में न हिचकिचाएँ. भारत में यूनेस्को के निदेशक, एरिक फॉल्ट और भारत की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद -  NCERT के प्रोफ़ेसर हृषिकेश सेनापति का संयुक्त ब्लॉग.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 9 अक्टूबर 2020

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कोविड-19; साइबर सुरक्षा को पुख़्ता बनाने के उपायों पर चर्चा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया एक बड़े संकट से जूझ रही है और इस माहौल में ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भरता बढ़ी है लेकिन साइबर अपराध और बाल शोषण जैसे ख़तरे भी पैदा हो गए हैं. इनकी गंभीरता के मद्देनज़र कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन माध्यमों पर बचाव व सुरक्षा के विषय पर अन्तरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) ने हाल ही में एक वेबिनार आयोजित की जिसमें डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाने, ऑनलाइन माध्यमों पर सुरक्षा बढ़ाने और युवा पीढ़ी को साइबर जोखिमों से बचाने के समाधानों पर चर्चा हुई. 

डिजिटल उपलब्धता को सार्वभौमिक बनाने की ज़रूरत

कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में लोगों के कामकाज करने, एक दूसरे के साथ मिलने-जुलने, स्कूल जाने और ज़रूरी सामान ख़रीदने के लिए दुकानों व स्टोरों पर जाने के तरीक़ों में अभूतपूर्व बदलाव ला दिए हैं, ऐसे में ये बेहद ज़रूरी हो गया है कि दुनिया भर में जो लगभग तीन अरब 60 करोड़ लोग ऑनलाइन सुविधाओं से वंचित हैं, उन्हें भी डिजिटल अभाव के अन्तर से उबारा जाए.