नस्लवाद

नस्लवाद पर बेबाकी: कोविड संकट और 'हेट स्पीच' के बावजूद, आशा की किरण

ई टैण्डाई ऐश्यूम बेबाक हैं, अपनी बात ईमानदारी और मज़बूती से कहती हैं, और सत्ता के सामने सच बोलती हैं. वह, सरकारों को यह बताने के लिये मशहूर हैं कि उन्हें ज़ेनोफ़ोबिया, नस्लभेद और असहिष्णुता के तमाम रूपों पर अपना कामकाज और व्यवहार कैसे बेहतर बनाना होगा.

डरबन सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ - संगीत के ज़रिये प्रेरणा का संचार

नस्लवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक डरबन घोषणा और कार्रवाई कार्यक्रम (डीडीपीए) की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, "किंग क्लेव" नामक नई संगीत रचना, एक सुरमयी प्रेरणा प्रदान कर रही है. यह प्रस्तुति इस विश्वास पर आधारित है कि "मानवता आपस में गहराई से जुड़ी है" और "हम एक हैं."

डरबन+20 का झरोखा

संयुक्त राष्ट्र महासभा, ऐतिहासिक डरबन सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, बुधवार, 22 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन कर रही है. इस बैठक की थीम “मुआवज़ा, नस्लीय न्याय और अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये समानता” रखी गई है. एक नज़र ‘डरबन घोषणापत्र और कार्रवाई कार्यक्रम’ की पृष्ठभूमि पर... (वीडियो फ़ीचर)

अफ़्रीकी मूल के लोगों का नया स्थाई फ़ोरम - जनरल असेम्बली में प्रस्ताव पारित

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सदियों से नस्लवाद, नस्लभेद और दासता से पीड़ित रहे अफ़्रीकी मूल के लोगों के जीवन में बेहतरी लाने पर केन्द्रित एक नए मंच की स्थापना की है.

मानव तस्करी: कोविड संकट काल में लाखों पर जोखिम, कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को सदस्य देशों से मानव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करने का आहवान किया है. मानव तस्करी के पीड़ितों में एक तिहाई बच्चे हैं.  

जियॉर्ज फ़्लॉयड हत्या मामले में अदालत के फ़ैसले का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने अमेरिका में जियॉर्ज फ़्लायड हत्या मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी डेविड शॉविन को दोषी क़रार दिये जाने के फ़ैसले का स्वागत किया है. यूएन मानवाधिकार कार्यालय प्रमुख ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा कि इस मुक़दमे का कोई अन्य फ़ैसला, न्याय का उपहास रहा होता.

सहिष्णुता के लिये रोड मैप

बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के लिये यूनेस्को नई दिल्ली कार्यालय में निदेशक और प्रतिनिधि, एरिक फ़ॉल्ट का मानना है कि नस्लवाद दूर करने के लिये केवल अच्छी नीयत ही काफ़ी नहीं हैं, बल्कि नस्ल-विरोधी कार्रवाई भी ज़रूरी है.

एशियाई-विरोधी हिंसा में उभार पर ‘गहरी चिन्ता’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एशियाई और एशियाई मूल के लोगों के विरुद्ध हिंसा में उभार पर गहरी चिन्ता ज़ाहिर की है. वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान नस्लवादी घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले सप्ताह, अमेरिका के अटलांटा शहर में एक अकेले बन्दूकधारी ने, आठ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतकों में, एशियाई मूल की छह महिलाएँ भी हैं.

सभी क्षेत्रों व समाजों में व्याप्त है ‘नस्लवाद की दुखदायी बुराई’ 

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मौजूदा दौर का नस्लवाद, सदियों के औपनिवेशवाद और दासताकरण (Enslavement) में गहराई से समाया हुआ है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने, रविवार, 21 मार्च, को नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस से पहले, शुक्रवार को यूएन महासभा में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए,  नस्लवाद से निपटने और नस्लीय न्याय सुनिश्चित करने की पुकार लगाई है. 

महामारी के बाद की दुनिया - असमानता व नस्लवाद के ख़ात्मे का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने नस्लवाद, भेदभाव, और विदेशियों के प्रति नापसन्दगी व डर से उपजी सामाजिक व आर्थिक विषमताओं को उजागर किया है. यूएन प्रमुख ने गुरुवार को सदस्य देशों को सम्बोधित करते हुए महामारी से पुनर्बहाली में ज़्यादा समावेशी समाज बनाए जाने का आहवान किया है.