नस्लभेद

एशियाई विरोधी घृणा से निपटने के लिये, लचीलेपन और आशा का संचार

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद के दौर में, अमेरिका में एशियाई और प्रशान्त द्वीप के लोगों के ख़िलाफ़ घृणा अपराधों में वृद्धि ने, कलाकार ऐमेण्डा फिंगबोधिपक्किया को एशियाई विरासत के लोगों की जीवन्त कलाकृतियाँ बनाने के लिये प्रेरित किया. न्यूयॉर्क शहर के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित छवियों और उनके द्वारा दिये गए सन्देशों ने दुनिया भर में सुर्खियाँ बटोरीं.

नेलसन मण्डेला: न्याय व समानता के लिये संघर्ष का पर्याय

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने नेलसन मण्डेला की 102वीं जयन्ती के अवसर पर, उन्हें साहस, करुणा और सामाजिक न्याय व समानता को बढ़ावा देने वाला एक ऐसा व्यक्ति क़रार दिया जिसने दक्षिण अफ़्रीका में नस्लवादी रंगभेद व्यवस्था का ख़ात्मा करने वाले आन्दोलन का नेतृत्व किया. 

मण्डेला दिवस: गरिमा, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिये पुकार की घण्टी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को कहा है कि नेलसन मण्डेला अन्तरराष्ट्रीय दिवस, गरिमा, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के एक इस महान वैश्विक पैरोकार के जीवन और उनकी विरासत पर फिर से ग़ौर करने और ध्यान देने का एक अवसर है.

ब्रिटेन: श्वेत वर्चस्व को सामान्य बताने की कोशिश करने वाली रिपोर्ट की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने ब्रिटेन सरकार द्वारा समर्थित एक रिपोर्ट की यह कहते हुए निन्दा की है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को और ज़्यादा झूठ के आवरण में, व तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और इससे नस्लवाद व नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है.

सहिष्णुता के लिये रोड मैप

बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के लिये यूनेस्को नई दिल्ली कार्यालय में निदेशक और प्रतिनिधि, एरिक फ़ॉल्ट का मानना है कि नस्लवाद दूर करने के लिये केवल अच्छी नीयत ही काफ़ी नहीं हैं, बल्कि नस्ल-विरोधी कार्रवाई भी ज़रूरी है.

नस्लभेद रूपी विष को ख़त्म करने के लिये, सामूहिक संकल्प की दरकार

ऐसे समय में जबकि कोविड-19 महामारी ने, नस्लभेद और भेदभाव को अपना सिर उठाने के लिए उर्वरक भूमि मुहैया कराई है, संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन – यूनेस्को की प्रमुख ऑड्री अज़ूले ने सोमवार को तमाम देशों से “इस कठिन दौर में” एकजुटता दिखाने का आहवान किया है. 

गहराई से बैठे नस्लवाद से निपटने के लिये 'व्यवस्थागत उपायों की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR0 की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफ़्रीकी मूल के व्यक्तियों के विरुद्ध क्रूरता और भेदभावपूर्व बर्ताव अब भी जारी है. उन्होंने कहा कि पुलिस हिंसा व क्रूरता से तब तक नहीं निपटा जा सकता, जब तक प्रणाली में समाए हुई नस्लवाद को दूर करने के लिये प्रणालीगत उपायों को नहीं अपनाया जाता. मानवाधिकार परिषद में शुक्रवार को अफ़्रीकी मूल के व्यक्तियों के ख़िलाफ़ पुलिस हिंसाक के मुद्दे पर चर्चा हुई है.

संयुक्त राष्ट्र के भीतर नस्लवाद का मुक़ाबला करने के लिये सम्वाद

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संगठन के कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए इस विश्व संस्था में नस्लवाद का मुक़ाबला किये जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. गुरूवार को इस सम्बोधन में उन्होंने नस्लवाद पर विचार-विमर्श का एक सिलसिला भी शुरू किया.

यूएन के वरिष्ठ अधिकारियों की नस्लभेद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक पुकार

संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीकी या अफ्रीकी मूल के लगभग 20 बहुत वरिष्ठ पदाधिकारियों के एक समूह ने एक ऐसे वक्तव्य पर अपनी निजी हैसियत में हस्ताक्षर किए हैं जिसमें लम्बे समय से और बहुत गहराई से जारी नस्लभेद पर अपनी हताशा ज़ाहिर करते हुए निन्दा करने से भर से कहीं आगे बढ़कर और ज़्यादा कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है. शुक्रवार को जारी इस वक्तव्य पर दस्तख़त करने वाले ये वरिष्ठ पदाधिकारी सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश को रिपोर्ट करते हैं.

'अमेरिका को गहरी जड़ जमाए नस्लवाद को ख़त्म करना होगा'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि जो लोग अमेरिका में गहराई से जड़ जमाए और समाज के लिए एक बीमारी बन चुके ढाँचागत नस्लवाद को ख़त्म करने के लिए अपनी आवाज़ बुलन्द कर रहे हैं, उनकी आवाज़ों को सुना और समझा जाना होगा, ताकि देश नस्लवाद और हिन्सा के अपने पीड़ादायक इतिहास के चंगुल से बाहर निकल सके.