नस्लभेद

डरबन+20 का झरोखा

संयुक्त राष्ट्र महासभा, ऐतिहासिक डरबन सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, बुधवार, 22 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन कर रही है. इस बैठक की थीम “मुआवज़ा, नस्लीय न्याय और अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये समानता” रखी गई है. एक नज़र ‘डरबन घोषणापत्र और कार्रवाई कार्यक्रम’ की पृष्ठभूमि पर... (वीडियो फ़ीचर)

एशियाई विरोधी नफ़रत का मुक़ाबला, रचनात्मक रूप में...

कोविड – 19 महामारी शुरू होने के बाद से, अमेरिका में, एशियाई व प्रशान्त द्वीप मूल के लोगों के ख़िलाफ़ नफ़रत के अपराधों में बढ़ोत्तरी देखी गई. इस माहौल ने चित्रकार ऐमैण्डा फ़िंगबोधिपक्किया को, ऐसी जीवन्त कलाकृतियाँ प्रस्तुत करने के लिये प्रेरित किया जिनमें एशियाई मूल के लोग मुख्य विषय हैं. न्यूयॉर्क सिटी में जगह-जगह नज़र आती कलाकृतियों और सन्देशों ने, दुनिया भर में सुर्ख़ियाँ बटोरी हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

नस्लभेद: डरबन घोषणा पत्र के 20 वर्ष बाद भी, गूंज रही है नफ़रत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में कहा है कि नस्लवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये 20 वर्ष पहले एक एक ऐतिहासिक घोषणा पत्र  पारित किया गया था, लेकिन भेदभाव आज भी, हर समाज के दैनिक जीवन, संस्थानों और सामाजिक ढाँचे में जड़ें जमाए हुए  है.

'डरबन घोषणापत्र व कार्रवाई कार्यक्रम' - ऐतिहासिक सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ

संयुक्त राष्ट्र महासभा, ऐतिहासिक डरबन सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, बुधवार, 22 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन कर रही है. इस बैठक की थीम “मुआवज़ा, नस्लीय न्याय और अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये समानता” रखी गई है. एक नज़र ‘डरबन घोषणापत्र और कार्रवाई कार्यक्रम’ की पृष्ठभूमि पर... 

यहूदी-विरोधी भावना के ख़िलाफ़ संघर्ष

अमेरिका का एक यहूदी परिवार, जो एक यहूदी-विरोधी नरसंहार से उबरने की कोशिश कर रहा है. वीडियो फ़ीचर...

एशियाई विरोधी घृणा से निपटने के लिये, लचीलेपन और आशा का संचार

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद के दौर में, अमेरिका में एशियाई और प्रशान्त द्वीप के लोगों के ख़िलाफ़ घृणा अपराधों में वृद्धि ने, कलाकार ऐमेण्डा फिंगबोधिपक्किया को एशियाई विरासत के लोगों की जीवन्त कलाकृतियाँ बनाने के लिये प्रेरित किया. न्यूयॉर्क शहर के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित छवियों और उनके द्वारा दिये गए सन्देशों ने दुनिया भर में सुर्खियाँ बटोरीं.

राल्फ़ बंच: नस्लभेद विरोध के एक पुरोधा और संयुक्त राष्ट्र की एक अज़ीम हस्ती

संयुक्त राष्ट्र में, पहले अफ़्रीकी-अमेरिकी राजदूत एण्ड्रयू यंग ने इतिहास में अपनी ख़ास जगह बनाई है, मगर उन्होंने अपनी इस उपलब्धि के लिये, एक अन्य अफ़्रीकी-अमेरिकी हस्ती राल्फ़ बंच को अपना प्रेरणास्रोत बताया है. राल्फ़ बंच 50 वर्ष पहले इस दुनिया को अलविदा कह गए थे और वो नोबेल शान्ति पुरस्कार जीतने वाले, अफ़्रीकी मूल के पहले व्यक्ति थे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र का गठन होने के शुरुआती दिनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस वीडियो में, राल्फ़ बंच के जीवन पर एक नज़र...

राल्फ़ बंच: एक अन्य नस्लभेद विरोधी पुरोधा एण्ड्रयू यंग की यादों के झरोखे से

संयुक्त राष्ट्र में, पहले अफ़्रीकी-अमेरिकी राजदूत एण्ड्रयू यंग ने इतिहास में अपनी ख़ास जगह बनाई है, मगर उन्होंने अपनी इस उपलब्धि के लिये, एक अन्य अफ़्रीकी-अमेरिकी हस्ती राल्फ़ बंच को अपना प्रेरणास्रोत बताया है.

नेलसन मण्डेला: न्याय व समानता के लिये संघर्ष का पर्याय

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने नेलसन मण्डेला की 102वीं जयन्ती के अवसर पर, उन्हें साहस, करुणा और सामाजिक न्याय व समानता को बढ़ावा देने वाला एक ऐसा व्यक्ति क़रार दिया जिसने दक्षिण अफ़्रीका में नस्लवादी रंगभेद व्यवस्था का ख़ात्मा करने वाले आन्दोलन का नेतृत्व किया. 

मण्डेला दिवस: गरिमा, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिये पुकार की घण्टी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को कहा है कि नेलसन मण्डेला अन्तरराष्ट्रीय दिवस, गरिमा, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के एक इस महान वैश्विक पैरोकार के जीवन और उनकी विरासत पर फिर से ग़ौर करने और ध्यान देने का एक अवसर है.