नॉवल कोरोनावायरस

कोरोनावायरस: फ़ेस मास्क व अन्य एहतियाती सामग्री की मांग में आसमानी उछाल

चीन के अलावा अन्य देशों में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ  फ़ेस मास्क सहित अन्य एहतियाती सामग्री की मांग में भारी इज़ाफ़ा हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इससे उन लोगों के लिए ख़ासतौर पर ऐसी सामग्री की कमी का जोखिम बढ़ गया है जिन्हें उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. इनमें मुख्यतः स्वास्थ्यकर्मी और मरीज़ शामिल हैं.

कोरोनावायरस: संक्रमितों की संख्या में मामूली कमी, मगर अभी अंधेरे में तीर

संयुक्त राष्ट्र ने कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में मामूली सी गिरावट आने की ख़बरों का स्वागत किया है, मगर साथ ही ये भी कहा है कि इसमें बहुत ज़्यादा ख़ुशियाँ मनाने की बात नहीं है क्योंकि ख़तरा अभी कम नहीं हुआ है.

कोरोनावायरस: अफ़वाहों से सावधान रहने की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस के बारे में अफ़वाहों और ऑनलाइन माध्यमों पर दुष्प्रचार व झूठी सूचनाओं को रोकने के लिए कुछ अहतियाती उपाय किये हैं. ध्यान रहे कि मध्य चीन में कोरोनावायरस के कारण अभी तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने ग़लत जानकारी फैलाने की कोशिशों को ‘इन्फ़ोडेमिक’ क़रार दिया है.

कितना बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस?

कोरोनावायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाली एक ऐसी बीमारी का सबब है जो चीन के अलावा 18 अन्य देशों में फैल चुकी है. अभी इस वायरस के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित कर दिया है.

 

कोरोनावायरस से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब... 

कोरोनावायरस: अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडेहेनॉम घेबरेयेसस ने चीन सहित अन्य देशों में नॉवल कोरोनावायरस के मामले लगातार सामने आने के मद्देनज़र उसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक आपात स्थिति घोषित कर दिया है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा कि चीन में हालात की वजह से नहीं बल्कि अन्य देशों में परिस्थितियों को देखते हुए यह घोषणा की जा रही है.

कोरोनावायरस: संक्रमण खाड़ी क्षेत्र में भी, विश्व भर में कुल 6000 मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि कोरोनावायरस का संक्रमण अब खाड़ी क्षेत्र के देश संयुक्त अरब अमीरात तक भी पहुँच गया है. इस वायरस के संक्रमण के अधिकतर मामले अभी चीन में भी फैले हुए हैं और वहाँ 6 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से 68 मामले अन्य देशों में पाए गए हैं.

 

कोरोनावायरस पर क़ाबू पाने के लिए समय रहते समन्वित प्रयासों की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने योरोप में नॉवल कोरोनावायरस के मामलों की पुष्टि होने के बाद एक बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर इस संक्रामक बीमारी का मुक़ाबला करने का आग्रह किया है. विश्व भर में इस वायरस के संक्रमण के अब तक 1,300 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और 41 लोगों की मौत होने की रिपोर्टें हैं.  
 

कोरोनावायरस: फ़िलहाल अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी जैसे हालात नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आपात समिति ने कहा है कि चीन में कोरोनावायरस फैलने को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित करने जैसे हालात अभी नहीं बने हैं. हालांकि समिति के सदस्यों ने माना है कि चीन में इस वायरस के फैलने से हालात गंभीर हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आपात समिति में दो दिन तक गहन चर्चा के बाद भी इस विषय में एक राय नहीं बन पाई.

कोरोनावायरस के ख़तरे पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की गहन चर्चा जारी

चीन में नॉवल कोरोनावायरस फैलने से उपजी चिंता के बीच स्विट्ज़रलैंड के जिनीवा शहर में  विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपात समिति की बुधवार को हुई  बैठक बेनतीजा रही है. देर शाम तक चली इस बैठक में कोरोनावायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित करने पर फ़ैसला लिया जाना था. अब इस विषय पर गुरुवार को फिर विचार-विमर्श होगा.