नागरिक समाज

शान्ति प्रयासों में युवजन के लिये अर्थपूर्ण अवसर मुहैया कराने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युवा-समावेशी शान्ति प्रक्रियाओं के मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय वैश्विक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा है कि शान्ति निर्माण व उसे बनाए रखने में युवजन अर्थपूर्ण योगदान दे सकते हैं और उन्हें इसके लिये अवसर उपलब्ध कराने होंगे. 

नेपाल: संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया के ज़रिये, जवाबदेही व मुआवज़ा सुनिश्चित किये जाने पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने नेपाल में एक दशक लम्बी हिंसा पर विराम लगाने वाले शान्ति समझौते के संकल्पों को वास्तविकता में पूरा किया जाने की आवश्यकता पर बल दिया है. यूएन एजेंसी का मानना है कि संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया के ज़रिये मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में जवाबदेही और पीड़ितों के लिये मुआवज़ा तय करने से, स्थाई शान्ति की ज़मीन तैयार करने में मदद मिलेगी. 

व्यवसाय व मानवाधिकारों पर मार्गदर्शक सिद्धान्तों के लिये 'असाधारण लम्हा'

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि पहले से ज़्यादा संख्या में कम्पनियाँ, मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये संकल्प ले रही हैं, इसके बावजूद ख़ामियाँ व चुनौतियाँ बरक़रार हैं.

थाईलैण्ड: शाही परिवार के 'निरादर' आरोपों पर क़ानून का बढ़ता इस्तेमाल चिन्ताजनक

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने थाईलैण्ड में ऐसे क़ानूनों (lèse-majesté) के बढ़ते इस्तेमाल पर गम्भीर चिन्ता ज़ाहिर की है जिनमें लोगों को शाही परिवार के कथित निरादर के आरोपों में कड़ी सज़ाएँ सुनाई जा रही है. यूएन विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि इन क़ानूनों के इस्तेमाल से नागरिकों के लिये स्थान सिकुड़ रहा है और बुनियादी अधिकारों के इस्तेमाल के लिये ख़तरा पैदा हो गया है.   

यमन: बेहतर भविष्य के लिये योजना की बुनियाद हैं जनता की चिन्ताएँ व आशाएँ

यमन में सरकार और अन्सार अल्लाह के बीच हिंसक संघर्ष छठे वर्ष में प्रवेश कर रहा है. देश में हिंसा और अस्थिरता का यमनी नागरिकों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है. यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने यूएन न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में देश में मौजूदा हालात और चुनौतियों व लम्बे समय से शान्ति बहाली के लिये किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की है...

मानवाधिकार उच्चायुक्त ने बुरुंडी में कार्यालय बंद होने पर अफ़सोस जताया

मंगलवार को जारी एक वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने बुरुंडी में यूएन मानवाधिकार कार्यालय के बंद होने पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है. बुरुंडी की सरकार के निर्णय के चलते दो दशकों पहले शुरू हुए इस कार्यालय को बंद करना पड़ा है.