म्याँमार

म्याँमार: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये विकट हालात, कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने म्याँमार में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये उपजी कठिन परिस्थितियों पर गहरी चिन्ता जताते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

म्याँमार में बदतर हुए हालात, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता का आग्रह

म्याँमार के लिये स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने आगाह किया है कि कोविड-19 के डेल्टा वेरिएंट के तेज़ फैलाव, संक्रमण मामलों में उछाल और बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली के बीच म्याँमार में संकट, और ज़्यादा गहरा हो रहा है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 9 जुलाई 2021

9 जुलाई 2021 के साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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म्याँमार: 'राजनैतिक संकट ने ले लिया है बहुकोणीय मानवाधिकार आपदा का रूप'

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशाल बाशेलेट ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि म्याँमार में फ़रवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता का तख़्तापलट करने के साथ जो दौर शुरू हुआ था उसने आम आबादी के ख़िलाफ़ चौतरफ़ा हमलों का रूप ले लिया है जिसका दायरा लगातार बढ़ता गया है और जो व्यवस्थित ढंग से हो रहा है.

म्याँमार: सुरक्षा परिषद में विशेष दूत, सामयिक समर्थन व कार्रवाई का आग्रह

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की विशेष दूत क्रिस्टिना श्रेनर बर्गनर ने देश में मौजूदा संकट के मद्देनज़र, सुरक्षा परिषद से ज़रूरी समर्थन और समय रहते कार्रवाई का आग्रह किया है.

रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान स्पष्ट प्रक्रिया का पालन हुआ - UNHCR

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि दुनिया भर में, शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान एकत्र जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के लिये उसके पास स्पष्ट नीतियाँ हैं, और रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान उनका पालन किया गया.

म्याँमार में 'तबाहीपूर्ण हालात', सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की प्रमुख  मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा रोकने और मानवीय संकट को गहराने से बचाने के लिये, वहाँ तेज़ होती हिंसा को रोका जाना होगा. उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि महज़ चार महीनों में, म्याँमार एक नाज़ुक लोकतंत्र से मानवाधिकारों के लिये त्रासदी बन गया है, और मौजूदा संकट के लिये सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय की जानी होगी.

म्याँमार: 'बड़े पैमाने पर मौतों' की रोकथाम के लिये कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में व्यापक पैमाने पर मौतों को टालने के लिये जल्द से जल्द अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा किये जा रहे हमलों से बचने के लिये, बड़ी संख्या में लोगों ने जंगलों में शरण ली है, उनके पास भोजन, पानी व दवा का सहारा नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

म्याँमार: सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध प्रतिबन्धों का स्वागत, अन्य देशों से कार्रवाई का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इस सप्ताह, चँद देशों की सरकारों द्वारा, म्याँमार में सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध समन्वित प्रतिबन्ध लगाये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने गुरुवार को जारी अपने वक्तव्य में अन्य देशों से अमेरिका, ब्रिटेन और कैनेडा की राह पर चलने का आहवान किया है.

बांग्लादेश: रोहिंज्या शरणार्थियों व मेज़बान समुदाय की मदद के लिये अपील

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बांग्लादेश सरकार के नेतृत्व में 94 करोड़ डॉलर की एक सहायता अपील जारी की है. इसका लक्ष्य बांग्लादेश में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों और उनके मेज़बान समुदायों की सुरक्षा, गरिमा व उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है.