मल्टीमीडिया

यूएन दिवस: सभी के लिये बेहतर दुनिया

संयुक्त राष्ट्र दिवस (24 अक्टूबर) पर महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी के लिये एक बेहतर दुनिया का साझा सपना साकार करने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों को जीवन्त रखने और दशकों के दौरान हासिल की गई प्रगति को आगे बढ़ाने की अपील की है. वीडियो सन्देश...

#PledgetoPause: दुष्प्रचार पर लगाम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने विश्व भर के लोगों से आग्रह किया है कि वे कोई भी ऑनलाइन सन्देश या सामग्री शेयर करने से पहले #PledgetoPause यानि पल भर रुक कर सोचने का संकल्प लें. झूठी सूचना व ग़लत जानकारी फैलने से रोकने के लिये ये अभियान शुरू किया गया है. यह पहल लोगों के आचरण में बदलाव लाने के उस व्यापक अभियान के तहत शुरू की गई है जिसका उद्देश्य तेज़ी से फैलती अफवाहों के बढ़ते असर को रोकने में मदद के लिये, सोशल मीडिया के इस्तेमाल का नया चलन शुरू कराना है.

#दुनिया, जो हम चाहते हैं...

#दुनिया जो हम चाहते हैं, 75 ऐसी तस्वीरों का विशेष संकलन है जो 130 से ज़्यादा देशों से प्राप्त हुई 50 हज़ार तस्वीरों में से चुनी गई हैं. ये संकलन दरअसल यूएन महासचिव की उस पुकार के जवाब में जुटाया गया है जिसमें उन्होंने दुनिया भर में लोगों से भविष्य के लिये उनकी प्राथमिकताओं उनके विचार सीधे भेजने के लिये कहा था. इस वीडियो में वर्चुअल प्रदर्शनी #TheWorldWeWant यानि '#दुनिया, जो हम चाहते हैं', से कुछ विजेता तस्वीरें पेश की गई हैं जिनमें हम सभी भविष्य के लिये साझा उम्मीदें और सपने संजोए हुए हैं. इस फ़ोटो प्रतियोगिता का आयोजन यूएन75 के समर्थन में मोबाइल ऐप - Agora ने किया था.

 

पूरी वर्चुअल प्रदर्शनी देखने के लिये यहाँ क्लिक करें

 

बाधाओं से परे: फ़ातिमा ख़ामिस का शान्ति मिशन

सूडानी मूल की फ़ातिमा ख़ामिस  मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में असाधारण योगदान कर रही हैं. कड़ी परम्पराओं वाले समाज में शिक्षा के लिये रास्ता बनाना और एक इजीनियर के रूप में काम करना फ़ातिमा ख़ामिस के लिये आसान नहीं रहा है, मगर उन्होंने बहुत सी बाधाएँ पार की हैं. उनकी कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी - शान्ति ही मेरा मिशन है - वीडियो श्रंखला में...

खाद्य सप्ताह पर महासचिव का सन्देश

विश्व खाद्य सप्ताह पर यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का सन्देश...

ओह, मैंने फिर शेयर कर दिया !!!

Misinformation यानि दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने का मक़सद हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना होता है, और हम में से बहुत से लोगों ने भी कुछ ना कुछ ऐसे सन्देश या जानकारी ज़रूर शेयर की होगी है यानि आगे बढ़ाई होगी जिसके बारे में बाद में मालूम हुआ होगा कि वो सच या सही नहीं थी. इस वीडियो में एक हल्के-फ़ुल्के अन्दाज़ में मगर बहुत सटीक बात कहने की कोशिश की गई है कि हम कितनी आसानी से दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने के भागीदार बन जाते हैं. ये सोचना बहुत अहम और ज़रूरी है कि ग़लत जानकारी या 'फ़ेक न्यूज़' को फैलने से रोकने के लिये क्या किया जा सकता है...


 

प्लास्टिक के विकल्प की तलाश

संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये विभिन्न देशों के 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इन्हीं में से एक हैं, बांग्लादेश के ज़हीन रज़ीन. टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान देने के बारे में उनके काम, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में उनके विचार, उन्हीं की ज़ुबानी... (वीडियो)

'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' पर यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए.  

यूएन खाद्य एजेंसी WFP को नोबेल पुरस्कार, महासचिव का बधाई सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने वीडियो सन्देश में नोबेल पुरस्कार समिति के निर्णय पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए विश्व खाद्य कार्यक्रम को खाद्य असुरक्षा के मोर्चे पर विश्व की पहली खाद्य संस्था के रूप में बयाँ किया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

शान्ति की ख़ातिर ख़ास करने की चाह: हुमा ख़ान

दक्षिण सूडान में तैनात, UNMISS की वरिष्ठ महिला सुरक्षा सलाहकार, हुमा ख़ान ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहितत उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू किया गया. शान्तिरक्षक की भूमिका में हुमा ख़ान ने क्या-कुछ सीखा, क्या योगदान किया – सुनिये उनकी ज़ुबानी...