मिशेल बाशेलेट

अन्याय का सामना करने के लिये उठ खड़े हों, मिशेल बाशेलेट की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का नया सत्र जिनीवा में मंगलवार को शुरू हुआ जिसमें सदस्य देशों ने निजी तौर पर इसमें शिरकत की. यूएन मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तमाम देशों से आग्रह किया कि वो हर जगह अन्याय का मुक़ाबला करने के लिये हर सम्भव प्रयास व उपाय करने में कोई कमी ना छोड़ें.

भारत में आंतरिक प्रवासियों की दशा पर चिंता, एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मशेल बाशेलेट ने कहा है कि भारत में कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए लॉकडाउन यानी तालंबादी की अचानक हुई घोषणा से बुरी तरह प्रभावित हुए लाखों अंदरूनी प्रवासियों की विशाल तकलीफ़ें देखकर वो बहुत चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि इन कामगारों को लॉकडाउन की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर अपने कामकाज के स्थानों को छोड़कर अपने घरों व मूल स्थानों के लिए रवाना होना पड़ा क्योंकि उनके पास भोजन व घर का किराया देने के लिए धन नहीं बचा था.

दुनिया भर में बिगड़ रही है मानवाधिकारों की स्थिति: मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया है कि दुनिया भर में बहुपक्षवाद के लिए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता, अलबत्ता मानवाधिकारों के सार्वभौमिक घोषणा-पत्र में हुई ऐतिहासिक सहमतियों को मज़बूत करने के लिए सदस्य देशों के साथ मिल-जुलकर काम किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को महासभा की तीसरी कमेटी के सामने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए ये बात कही. इस कमेटी पर दुनिया भर में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों से निपटने की ज़िम्मेदारी है.

'हम अपना भविष्य ख़ुद ही तबाह कर रहे हैं'- मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की जिनीवा में सोमवार को वार्षिक बैठक मानवाधिकार उच्चायुक्त की इस चेतावनी के साथ शुरू हुई कि अमेजॉन में लगी भीषण आग ना सिर्फ़ जंगलों को जला रही है, बल्कि “हम भी अपने भविष्य को तबाह कर रहे हैं, सच में”.

'दुनिया भर में संकटों के बावजूद मानवाधिकार मुद्दे सबकी ज़िम्मेदारी'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अशांति व हिंसा के मद्देनज़र वैश्विक पुकार लगाते हुए कहा है कि सभी संबद्ध पक्ष हिंसा को छोड़कर संयम से काम लें और मुक्त व समावेशी संवाद को प्राथमिकता दें. मानवाधिकार उच्चायुक्त के पद पर एक वर्ष पूरा करने के मौक़े पर बुधवार को जिनीवा में प्रेस से बातचीत में उन्होंने ये आहवान किया.