महिलाएँ

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिये ‘दिशा’

भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और आइकिया फाउण्डशन की ‘दिशा’ परियोजना के तहत दस लाख महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है. इसमें संरक्षकों का दल बनाकर, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है. भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रैज़िडेंट रैप्रैज़ेटेटिव, शोको नोडा की क़लम से...

जलवायु मुद्दे पर एकल शुरूआत ने खोले बदलाव के विशाल दरवाज़े

अमेरिका की एक 18 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता सोफ़िया कियान्नी ने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा है वो पर्यावरण रुचि नहीं रखने वाले हर व्यक्ति को जलवायु कार्यकर्ता के रूप में तब्दील कर देने की ख़्वाहिशमन्द हैं. सोफ़िया कियान्नी का परिवार मूलतः ईरान से है और वो ख़ुद उन सात युवाओं में शामिल हैं जिन्हें दुनिया भर से महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के पर्यावरण पर युवा सलाहकारों के समूह में शामिल किया गया है.

उत्तर कोरिया: हिरासत में रखी गई महिलाओं की व्यथा को बयाँ करती नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) द्वारा मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (उत्तर कोरिया) छोड़कर जाने वाली और फिर देश को लौटने के लिये मजबूर की गईं ऐसी महिलाओं के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराई गई है जिन्हें यातना देने, उनके साथ यौन हिंसा व बुरा बर्ताव करने के अलावा उनके अन्य मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया.

कोविड-19: उबरने के प्रयासों में महिलाओं की व्यापक भागीदारी ज़रूरी

ऐसे में जबकि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिये निर्धारित संसाधन भी कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने में इस्तेमाल किये जा रहे हैं तो मंगलवार को इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के लिये 25 वर्ष पहले तय किये गए लक्ष्यों को हासिल करने की रफ़्तार किस तरह तेज़ की जाए. इस चर्चा में सरकारों के प्रतिनिधि, सिविल सोसायटी नेताओं, कम्पनियों के शीर्ध अधिकारियों और शैक्षिक विशेषज्ञों ने वर्चुअल माध्यमों से शिरकत की.

कोविड-19: वर्तमान स्थिति पर चिन्तन और भविष्य के आकलन का समय

जनसंख्या के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश भारत भी कोविड संकट से जूझ रहा है. अपनी विशिष्ट संस्कृति और जनसंख्या समूहों के कारण यहाँ की चुनौतियाँ भी अभूतपूर्व हैं. एक अरब 37 करोड़ की आबादी वाला ये देश दुनिया की सबसे युवा आबादी का भी प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में, कोविड-19 के ख़त्म होने के बाद देश के सकारात्मक पहलुओं को समन्वित करके, किस तरह चुनौतियों से निपटा जाए – 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर इन्हीं मुद्दों पर प्रकाश डालता भारत में यूएनएफ़पीए की प्रतिनिधि, अर्जेंटीना मातावेल का ब्लॉग.

महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ लैंगिक हिंसा का ख़ात्मा ज़रूरी

महिला पत्रकारों को अपने कामकाज के दौरान विशेष ख़तरों का सामना करना पड़ता है, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषज्ञ ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को बताया है कि सरकारों को महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए और अधिक क़दम उठाने की ज़रूरत है. 

भारत में 'तेजस्विनी' महिलाएँ

तेजस्विनी का मतलब है "कान्तिवान महिला." भारत के महाराष्ट्र राज्य में तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनीं दस लाख महिलाएँ, वास्तव में सशक्त हैं, कान्तिवान हैं. आईएफ़एडी के महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘तेजस्विनी’ के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय विकास, तकनीकी कौशल और वित्त में प्रशिक्षण दिया गया, जिससे इन महिलाओं ने अभूतपूर्व व्यावसायिक सफलता हासिल की है. अब कोविड-19 संकट के दौरान, ये महिलाएँ बदलती जरूरतों के अनुसार अपने कामकाज में बदलाव लाकर व्यवसायों को आगे बढ़ा रही हैं. देखिये वीडियो फ़ीचर...
 

लड़कियों व महिलाओं पर कुप्रथाओं के दुष्प्रभाव

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफ़पीए) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल लाखों लड़कियों को ऐसी प्रथाओं का सामना करना पड़ता है जिससे उन्हें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से नुक़सान पहुँचता है, और उनके परिवारों, दोस्तों व समुदायों को इस स्थिति की जानकारी होती है और उनकी सहमति भी.

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यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 3 जुलाई 2020

  • कोविड-19 महामारी से वैश्विक शान्ति और सुरक्षा पर गहरा असर, युद्ध विराम की वैश्विक अपील के समर्थन में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित.
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