महिलाएँ

कोविड से पुनर्बहाली के दौरान, कम ही महिलाएँ लौट पाएंगी रोज़गार में

संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी – ILO की सोमवार को जारी एक नई अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जो रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज ख़त्म हो गए, संकट से उबरने यानि पुनर्बहाली के प्रयासों के दौरान फिर से रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या, पुरुषों की तुलना में कम होगी. 

सभी के लिये प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के भीषण प्रभावों में – महिलाओं के प्रजनन अधिकारों में भारी गिरावट होना भी देखा गया है.

जनसंख्या दिवस: कोविड का यौन व प्रजनन स्वास्थ्य पर गहरा असर

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने कहा है कि कुछ महिलाओं के लिये, ये दौर मातृत्व को टाल देने के लिये मजबूर होने का रहा है, जबकि कुछ अन्य को, स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने के कारण, अनचाहा गर्भधारण करना पड़ा है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 9 जुलाई 2021

9 जुलाई 2021 के साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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वर्ष 2026 तक लैंगिक समानता की रफ़्तार तेज़ करने के लिये अहम संकल्प

पेरिस में ऐतिहासिक पीढ़ी समानता फ़ोरम शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था - यूएन वीमैन की अध्यक्षा की इस घोषणा के साथ सम्पन्न हुआ कि जब पुरुष किसी कमरे के भीतर बैठकर शान्ति वार्ताएँ करते हैं तो महिलाएँ भी वहीं नज़दीक गलियारों में बैठी होती हैं. लैंगिक विषमताओं और अन्य तरह के अन्यायों से निपटने का संकल्प भी, इस फ़ोरम में लिया गया.

शान्तिरक्षकों के साहस व समर्पण को श्रृद्धांजलि – युवजन की भूमिका पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को न्यूयॉर्क मुख्यालय में चार हज़ार से अधिक, उन सभी शान्तिरक्षकों को श्रृद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने वर्ष 1948 से, यूएन के झण्डे तले, वैश्विक शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राण निछावर किए हैं. यूएन प्रमुख ने शनिवार, 29 मई, को अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस से पहले आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा, युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बग़ैर शान्ति को हासिल नहीं किया जा सकता.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 30 अप्रैल 2021

30 अप्रैल 2021 के इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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ब्रिटेन से सहायता राशि में 85% की कटौती से, महिलाओं व लड़कियों पर गम्भीर प्रभाव

संयुक्त राष्ट्र की यौन व प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी – UNFPA ने गुरूवार को कहा कि ब्रिटेन द्वारा, संयुक्त राष्ट्र के परिवार नियोजन कार्यक्रम को दी जाने वाली सहायता राशि में इस वर्ष 85 प्रतिशत की कटौती करने का जो इरादा ज़ाहिर किया गया है उसके कारण, दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों व उनके परिवारों के लिये भयानक परिणाम होंगे.

उज्ज्वल भविष्य के लिये, लड़कियों को प्रोद्योगिकी से जोड़ना होगा, यूएन का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, जबकि सूचना और संचार प्रोद्योगिकी (आईसीटी) अति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तो आधी दुनिया, इण्टरनेट जुड़ाव से वंचित है. उन्होंने, गुरूवार, 22 अप्रैल को, आईसीटी में लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि इण्टरनेट से वंचित रहने वालों में, ज़्यादातर महिलाएँ और लड़कियाँ हैं, और वो भी विकासशील देशों में ज़्यादा.

यूनीसेफ़ की चेतावनी, फ़िलहाल टीगरे में संकट का कोई अन्त नज़र नहीं आ रहा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में, लगभग छह महीने पहले संघर्ष छिड़ने के बाद, बड़े पैमाने पर आम लोगों का उत्पीड़न किये जाने की, बहुत परेशान करने वाली ख़बरें लगातार आ रही हैं.