महिलाधिकार

बीजिंग सम्मेलन की 25वीं वर्षगाँठ - महिला अधिकारों के वादों को पूरा करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि यदि देसों ने कोविड-19 के दुष्प्रभावों से निपटने के लिये अभी कार्रवाई नहीं की तो लैंगिक समानता के मुद्दे पर हुई प्रगति मुश्किल में पड़ जाएगी. यूएन महासचिव ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर ऐतिहासिक चौथे विश्व सम्मेलन की 25वीं वर्षगाँठ पर गुरूवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकारों का आहवान किया कि महामारी पर जवाबी कार्रवाई और पुनर्बहाली प्रक्रिया के केन्द्र में महिलाओं को रखना होगा. 

बीजिंग सम्मेलन: 25 वर्ष बाद भी उस एक्शन मंच की महत्ता नहीं हुई है कम

महिलाओं की प्रगति और पुरुषों के साथ उनकी बराबरी सुनिश्चित करने के मुद्दे पर हुए ऐतिहासिक बीजिंग विश्व सम्मेलन को 25 वर्ष गुज़र जाने के बाद भी उसकी महत्ता कम नहीं हुई है. महिला प्रगति व सशक्तिकरण के लिये काम करने वाली यूएन संस्था – यूएन वीमैन की कार्यकारी निदेशक फ़ूमज़िले म्लाम्बो न्गक्यूका ने शुक्रवार को ये बात ध्यान दिलाई. 

मानवाधिकार परिषद: महिलाधिकारों का एजेंडा अभी 'अधूरा है'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने 'बीजिंग घोषणापत्र' की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि महिला अधिकारों कि दिशा में हुई प्रगति पर संतुष्ट होकर नहीं बैठा जा सकता. विश्व भर में महिला अधिकारों के सामने चुनौतियों पैदा हो रही हैं.

'शांतिरक्षा अभियानों के केंद्र' में महिलाओं को रखना है लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि शांतिरक्षा अभियानों के केंद्र में महिला अधिकारों, आवाज़ों और भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए और प्रयास किए जाने होंगे. सुरक्षा परिषद में इस विषय पर चर्चा में उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला शांतिरक्षकों के होने से दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलती है. 

टिकाऊ विकास लक्ष्य-5: लैंगिक समानता

लैंगिक असमानता, मानव इतिहास में अन्‍याय का एक सबसे निरन्‍तर और व्‍यापक रूप है. महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कामकाज और राजनीतिक और आर्थिक प्रक्रिया में समान प्रतिनिधित्व दुनिया में बड़ा बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा सकता है.  2030 टिकाऊ विकास एजेंडे का पांचवा लक्ष्य  महिलाओं के प्रति हर तरह के भेदभाव और हिंसा का अंत करने तथा उन्हें आर्थिक संसाधनों पर समान अधिकार सुनिश्चित करने पर केंद्रित है.