महिला अधिकार

पेरिस फ़ोरम में यूएन महासचिव - लैंगिक समानता को वास्तविकता में बदलने का आहवान

महिला सशक्तिकरण के लिये संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के केन्द्र में लैंगिक समानता को रखे जाने के प्रयासों के तहत, पेरिस में तीन-दिवसीय Generation Equality Forum नामक एक कार्यक्रम की शुरुआत की है. यूएन महासचिव ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लैंगिक समानता के लिये स्थापित लक्ष्यों को हासिल किये जाने की पुकार लगाई है.

अफ़ग़ानिस्तान: हिंसा पर विराम, समावेशी शान्ति प्रक्रिया की दरकार

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने कहा है कि अफ़ग़ान जनता की पीड़ा, विस्थापन और मौतों के सिलसिले पर अब विराम लगाया जाना होगा. उन्होंने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों को देश में मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए कहा कि यह समय परिस्थितियों की समीक्षा करने और शान्ति मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये ज़रूरी प्रयासों को समर्थन दिये जाने का है.

कोविड-19: महिलाओं व लड़कियों के लिये पीढ़ियों की प्रगति खो जाने का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के विनाशकारी सामाजिक और आर्थिक प्रभावों से दुनिया भर में महिलाएँ व लड़कियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में वर्षों व कई पीढ़ियों से हो रही प्रगति को कोरोनावायरस संकट की भेंट ना चढ़ने देने के लिये व्यापक प्रयास करने की आवश्यकता होगी. 

महिलाओं पर हिंसा एक बाधा है शांतिपूर्ण भविष्य के रास्ते में

महिलाओं के प्रति हिंसा के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिंसा पीड़ितों के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इस मानवाधिकार हनन के अंत की पुकार लगाई है. बलात्कार को मानवाधिकारों का एक ऐसा गंभीर उल्लंघन क़रार दिया गया है जिसके लंबे समय के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं.

महिलाओं व लड़कियों के लिए 'बदलाव की रफ़्तार धीमी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि महिलाएँ, शांति व सुरक्षा पर आधारित एजेंडा यूएन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बने रहना चाहिए. उन्होंने सुरक्षा परिषद में मंगलवार को एक खुली बहस के दौरान दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि संकल्पों के बावजूद दुनिया भर में वास्तविक बदलाव अभी नहीं दिखाई दे रहा है और परिवर्तन की गति धीमी है.

'राजनीतिक ताक़त में कमी' झेल रही हैं महिलाएं

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने कहा है कि दुनिया भर में महिलाओं को मिलने वाली राजनीतिक भागीदारी की प्रक्रिया में प्रगति का चक्र हाल के सालों में पीछे खिसक रहा है. न्यूयॉर्क में  महिलाओं की स्थिति पर आयोग के 63वें सत्र के दौरान सत्ता में महिलाओं की भागीदारी विषय पर चर्चा हुई. 

महिला अधिकारों पर वार्षिक बैठक में बुनियादी सेवाओं पर ज़ोर

लैंगिक समानता और महिला अधिकारों पर चर्चा के नज़रिए से अहम 'कमीशन ऑन द स्टेट्स ऑफ़ वीमेन' का 63वां सत्र न्यूयॉर्क में शुरू हो गया है. पहले दिन हुई चर्चा में महिलाओं और लड़कियों को ज़रूरत पर आधारित और मानवाधिकारों के अनुरूप, मूलभूत सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की गई है.

अभिनव प्रयासों से खुल सकता है समानता का रास्ता

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की विषय वस्तु “समान सोचें, स्मार्ट बनाएं, बदलाव के लिए अन्वेषण (इनोवेशन) करें” है. दुपहिया साइकिल से लेकर इंटरनेट तक, ऐसे कई साधनों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है.  

मानवाधिकारों को चुनौतियां कई लेकिन उम्मीद कायम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए कहा है कि दुनिया के कई हिस्सों में आम जन के अधिकार ख़तरे में हैं. इसके बावजूद उन्होंने आशा का दामन नहीं छोड़ा है क्योंकि सामाजिक न्याय के लिए हो रहे सशक्त आंदोलन प्रगति लाने में सफल भी हो रहे हैं.