महासभा

यूएन महासभा में क्या होता रहता है!

संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह (जनरल डिबेट) के दौरान जगमगाती चकाचौंध के बीच दुनिया भर के लोगों और मीडिया का ध्यान इसी पर केंद्रित हो जाता है. मगर जब ये सप्ताह समाप्त होने के साथ ही चकाचौंध कुछ धीमी पड़ती है तो महासभा का विस्तृत कामकाज जारी रहता है जो ये सदन अपनी मुख्य समितियों के माध्यम से करती है. यूएन महासभा मुख्य रूप में विचार-विमर्श और चर्चा के केंद्र है और इस विश्व संगठन का बहुत सारा कामकाज इन्हीं समितियों के ज़रिए किया जाता है.

 

इमरान ख़ान: कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खुले टकराव की चेतावनी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार, 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश भारत के साथ खुले टकराव की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी. महासभा के 74वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जब विवादित क्षेत्र कश्मीर में लगभग दो महीनों से लगाया हुआ कर्फ्यू उठाएगा तो वहाँ ख़ूनख़राबा होने के बहुत आसार हैं.

इसराइल: ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती

इसराइल के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए एकजुट होना चाहिए. 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की 'विनाशकारी डिजिटल भविष्य' के बारे में चेतावनी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के उच्च स्तरीय खंड को अपना संबोधन मुख्य रूप से आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते ख़तरों की तरफ़ पर केंद्रित किया. साथ ही उन्होंने ब्रेक्ज़िट का भी संक्षिप्त ज़िक्र किया जिसमें इसकी तुलना ग्रीस की एक पौराणिक कथा के साथ की.  यूरोपीय संघ की सदस्यता समाप्त करके इस ढाँचे से बाहर आने के ब्रिटेन के फ़ैसले को ब्रेक्ज़िट कहा जा रहा है. 

हमें समस्याओं का हल चाहिए, ना कि निराशा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद - बांडे ने कहा है कि मुख्यालय में एक बार फिर विश्व नेताओं का एकत्र होना इस महान व बहुपक्षीय विश्व संस्था की इस प्रासंगिक हक़ीक़त को दिखाता है.

महासभा अध्यक्ष के अनूठे हथौड़े की अनूठी कहानी

अगर आप संयुक्त राष्ट्र महासभा की कार्यवाही को नज़दीकी से देखते होंगे तो आपने ध्यान दिया होगा कि महासभा के अध्यक्ष कार्यवाही संचालित करने के लिए एक हथौड़े का इस्तेमाल करते हैं. ये आइसलैंड की तरफ़ से एक अनूठा तोहफ़ा है और इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है.

सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्यों का चुनाव कर लिया है. इन देशों के नाम हैं – सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनैडाइन्स, एस्तोनिया, निजेर, ट्यूनिशिया और वियतनाम. इनमें सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनैडाइन्स अभी तक का सबसे छोटा राष्ट्र है जिसे सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता मिली है.

येरूशलम नहीं है बिकाऊ: महमूद अब्बास

  • फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा, येरूशलम नहीं है बिकाऊ, पूर्वी येरूशलम ही रहेगी फ़लस्तीन की राजधानी
  • मानवाधिकार परिषद ने म्यंमार में रोहिंज्या मुसलमानों के दमन की जाँच के लिए बनाई एक स्वतंत्र व्यवस्था
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