महासागर

गहराई में समाई दुर्लभ प्रवाल भित्तियों की हुई खोज, 'एक कलाकृति के समान'

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक वैज्ञानिक मिशन ने फ्रेंच पोलेनेशिया में ताहिती तट के पास दुनिया की सबसे बड़ी प्रवाल भित्तियों (Coral reefs) में से एक की खोज की है. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने गुरूवार को बताया कि गोताखोरों ने 30 से 65 मीटर तक की गहराई तक जाकर इसका पता लगाया है.

पिछले सात वर्ष, सर्वाधिक गर्म साल साबित होने की राह पर - WMO

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने आगाह किया है कि वायुमण्डल में ग्रीनहाउस गैसों की रिकॉर्ड स्तर पर सघनता ने, दुनिया को अनिश्चितता भरे हालात की ओर धकेल दिया है. यूएन एजेंसी की नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात वर्ष, अब तक के सर्वाधिक गर्म साल साबित होने के रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं. 

वर्ष 2030 तक, प्लास्टिक प्रदूषण दोगुना होने की राह पर - UNEP

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट में महासागरों और अन्य जल क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण की तेज़ी से बढ़ती मात्रा पर चिन्ता जताई गई है, जिसके वर्ष 2030 तक दोगुना हो जाने का अनुमान है. यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से 10 दिन पहले जारी इस रिपोर्ट में प्लास्टिक को भी एक जलवायु समस्या क़रार दिया गया है.   

समुद्री तापमान में वृद्धि - एक दशक में 14 फ़ीसदी मूँगा चट्टानों को नुक़सान

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2009 और 2018 के बीच, समुद्री तापमान में बढ़ोत्तरी जारी रहने की वजह से विश्व की 14 फ़ीसदी प्रवाल भित्तियाँ या मूंगा चट्टानें (coral reefs) ख़त्म हो गई हैं. 

टिकाऊ विकास व भावी पीढ़ियों के लिये महासागरों की स्वास्थ्य-रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चिन्ता जताई है कि बढ़ते प्रदूषण व तापमान और हद से ज़्यादा मछलियाँ पकड़े जाने से महासागर और जैवविविधता पर भीषण असर हो रहा है. उन्होंने इस वर्ष, ‘विश्व महासागर दिवस’ पर अपने सन्देश में आगाह किया है कि कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली प्रयासों में, प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त और भावी पीढ़ियों की भलाई के लिये महासागरों का स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाना होगा.  

समुद्रों में प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिये ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक आयोग (UNESCAP) ने अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर, समुद्रों में प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिये, एक विज्ञान-आधारित ई-लर्निंग पाठ्यक्रम शुरू किया है. मंगलवार, 8 जून, को  'विश्व महासागर दिवस' के अवसर पर पेश इस पाठ्यक्रम के ज़रिये उन अत्याधुनिक टैक्नॉलॉजी और तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी, जिनकी सहायता से शहरी और समुद्री पर्यावरण में प्लास्टिक कचरे को मापने के साथ-साथ उसकी निगरानी की जा सकती है.

विश्व महासागर दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व महासागर दिवस पर अपने सन्देश में प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त करने की पुकार लगाई है. उन्होंने ध्यान दिलाया है कि मौजूदा और भावी पीढ़ियों के लिये, हमारे महासागरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के मद्देनज़र यह महत्वपूर्ण है...

महासागरों के बग़ैर पृथ्वी पर मानव जीवन असम्भव - महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि महासागरों पर मंडराते संकट पर पार पाने के लिये, स्पष्ट, रूपान्तरकारी और व्यावहारिक समाधानों का तत्काल सहारा लिया जाना होगा.  उन्होंने वर्ष 2022 में महासागरों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से पहले की तैयारियों के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई परिदृश्य नहीं है जिसमें पृथ्वी पर महासागरों के बग़ैर जीवन की कल्पना की जा सके.

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रगति, मगर जैवविविधता की रक्षा ज़रूरी

अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण प्राप्त क्षेत्रों के विषय में तय लक्ष्यों पर व्यापक प्रगति दर्ज की है, मगर इन क्षेत्रों की गुणवत्ता के सम्बन्ध में निर्धारित संकल्पों को साकार नहीं किया जा सका है, और जैवविविधता की रक्षा पर भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और उसके साझीदार संगठनों द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई है.   

महासागर से मिलने वाले लाभों पर मानवीय गतिविधियों का नकारात्मक असर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से बेहतर ढंग से उबरने और टिकाऊ विकास व जलवायु कार्रवाई पर सहमत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, महासागरों के प्रति समझ का दायरा बढ़ाना बेहद अहम है. यूएन प्रमुख ने महासागरों को पृथ्वी की जीवनरक्षक प्रणाली क़रार देते हुए बुधवार को इस विषय में एक नई रिपोर्ट जारी की है, जो दर्शाती है कि मानवीय गतिविधियों के कारण महासागर को नुक़सान पहुँच रहा है.