महामारी

कोविड-19: जी-20 समूह की बैठक से पहले आपसी एकजुटता और समर्थन का आहवान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस सप्ताहान्त जी-20 समूह के नेताओं के बीच होने वाली बैठक से पहले एकजुटता और सहयोग की अहमियत को फिर रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सन्देश स्प्ष्ट है... कोविड-19 से पुनर्बहाली को समावेशी होना होगा, निर्बलों के लिये ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, और इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को टिकाऊ व जलवायु कार्रवाई के नज़रिये से महत्वाकाँक्षी बनाना होगा. 

महामारी लम्बी खिंचने से एक पूरी पीढ़ी के भविष्य पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से संक्रमित होने वाले बच्चों में लक्षण तो मामूली ही नज़र आ रहे हैं, लेकिन संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, साथ ही उनकी शिक्षा और पोषण पर भी दीर्घकालीन प्रभाव बढ़ रहा है, और युवाओं की एक पूरी पीढ़ी का स्वास्थ्य व रहन-सहन उनके पूरे जीवन को ही बदल देने वाला होने की आशंका है. 

डीआर काँगो: इबोला के फैलाव पर पूरी तरह क़ाबू पाने में मिली सफलता 

काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) की सरकार ने देश में घातक इबोला वायरस का प्रकोप ख़त्म होने की घोषणा की है. सरकार ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य साझीदार संगठनों के समर्थन से पाँच महीने की जवाबी कार्रवाई के बाद  इस आशय की घोषणा की है.

कोविड-19: बढ़ते संक्रमण के बीच इसराइल-फ़लस्तीन के बीच तालमेल का स्वागत 

मध्य पूर्व में कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में कई सप्ताहों तक दर्ज हुई गिरावट के बाद वैश्विक महामारी के मामले एक बार फिर बढ़ रहे हैं. मध्य क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी निकोलाय म्लादैनॉफ़ ने मौजूदा हालात के मद्देनज़र इसराइल के साथ समन्वय फिर शुरू करने के फ़लस्तीनी प्राधिकरण के निर्णय का स्वागत किया है. 

जबरन धन उगाही, जैविक युद्ध और आतंकवाद: चरमपंथी उठा रहे हैं महामारी का फ़ायदा

संयुक्त राष्ट्र अन्तर-क्षेत्रीय अपराध एवँ न्याय शोध संस्थान (UNICRI) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि अपराधी तत्व और हिंसक चरमपंथी, कोविड-19 महामारी का फ़ायदा, अपना जाल और पहुँच बढ़ाने के लिये कर रहे हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसी साज़िशी कहानियाँ भी फैल रही हैं जिनमें वायरस को हथियार बनाया जा रहा है और सरकारों में भरोसे को कमज़ोर किया जा रहा है.

कोविड-19: फैलते संक्रमण के बीच ‘बेफ़िक्र’ होकर बैठने का समय नहीं 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सचेत किया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में वैक्सीन परीक्षणों के उत्साहजनक नतीजों और सम्भावित नए औज़ारों से उपजी उम्मीद के बावजूद,  यह समय संतुष्ट हो कर बैठ जाने का नहीं है.    

जलवायु परिवर्तन: कार्बन तटस्थता की ओर ऊँची छलाँग लगाने की पुकार

ऐसे समय जब विश्व भर में वैश्विक महामारी कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयास किये जा रहे हैं, सभी देशों के पास जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने का भी अवसर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनॉमिक फ़ोरम’ के तीसरे वार्षिक सत्र के दौरान प्रभावशाली हस्तियों को वर्चुअल रूप से सम्बोधित करते हुए कोरोनावायरस संकट से उबरते समय जलवायु कार्रवाई को भी ध्यान में रखने की अहमियत पर बल दिया है.  

कोविड-19: सार्वजनिक स्वास्थ्य में 'अल्प-निवेश के दुष्परिणाम' उजागर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोरोनावायरस संकट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में लम्बे समय से चली आ रही निवेश की कमी को उजागर किया है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि समाजों में स्वास्थ्य के महत्व पर पुनर्विचार किये जाने की ज़रूरत है. 

दो दशकों में ख़सरा के सर्वाधिक मामले दर्ज – दो लाख से ज़्यादा की मौत

ख़सरा बीमारी के कारण वर्ष 2019 में दो लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है और पिछले 23 सालों में सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किये गये हैं. गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और बीमारियों पर नियन्त्रण के लिये अमेरिकी विभाग (CDC) की साझा रिपोर्ट दर्शाती है कि एक दशक में वैक्सीन की पर्याप्त कवरेज में मिली विफलता की वजह से ख़सरा के मामलों में तेज़ी देखी गई है.

राष्ट्रविहीनता के अन्त के लिये राजनैतिक इच्छाशक्ति पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने विश्व नेताओं से वर्ष 2024 तक राष्ट्रविहीनता के उन्मूलन के लिये निडर और तत्पर प्रयासों की पुकार लगाई है. हाल के वर्षों में राष्ट्रविहीन लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिये उल्लेखनीय प्रयास किये गये हैं लेकिन कोरोनावायरस संकट काल में उनके लिये चुनौतियाँ और भी गहरी हुई हैं.