मौसम विज्ञान

आर्कटिक में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुँचने की पुष्टि, नया रिकॉर्ड

संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने आर्कटिक क्षेत्र में 38 डिग्री सेल्सियस, यानि क़रीब 100 डिग्री फ़ैरेनहाइट तापमान दर्ज किये जाने की पुष्टि की है. यूएन एजेंसी का कहना है कि चरम मौसम व जलवायु पुरालेख (archives) में दर्ज आँकड़े बदलती हुई जलवायु को परिलक्षित करते हैं. 

तापमान में 'ख़तरनाक बढ़ोत्तरी' की ओर बढ़ती दुनिया - महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार

कोविड-19 महामारी के बावजूद जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार में कोई कमी नहीं आई है. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि विश्व भर में आर्थिक गतिविधियों में आए ठहराव के कारण, कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की मात्रा में अस्थाई तौर पर कुछ कमी आई थी, मगर अब यह फिर तेज़ गति से बढ़ रही है. रिपोर्ट में चेतावनी जारी की गई है कि दुनिया आने वाले वर्षों में, तापमान में ख़तरनाक बढ़ोत्तरी की ओर बढ़ रही है.

कोविड-19 के दौरान तालाबन्दियों से वायु गुणवत्ता में अल्पकालीन सुधार

कोविड-19 महामारी के दौरान लागू की गई तालाबन्दियों से, दुनिया के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता में तेज़ी से अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया, मगर वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी की वजह से होने वाले जलवायु परिवर्तन को थामने के लिये ये पर्याप्त नहीं हैं. 

पाँच दशकों में आपदाओं में पाँच गुना वृद्धि, बेहतर चेतावनी प्रणालियों से जीवनरक्षा सम्भव

पिछले 50 वर्षों में जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं से विश्व भर में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या बढ़ रही है, जिसका निर्धन देशों पर विषमतापूर्ण असर हुआ है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिये यूएन कार्यालय (UNDRR) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बावजूद, बेहतर अग्रिम चेतावनी प्रणालियों से मृतक संख्या में कमी लाने में सफलता मिली है.

आपदाओं से भारी आर्थिक व मानवीय तबाही – जल जोखिम सूची में सबसे ऊपर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि पिछले 50 वर्षों के दौरान, व्यापक स्तर पर मानवीय और आर्थिक क्षति का कारण बनने वाली त्रासदियों की सूची में जल-सम्बन्धी संकट सबसे ऊपर हैं. 

 


  

पश्चिमोत्तर अमेरिका और कैनेडा - 'असाधारण व ख़तरनाक' ताप लहर की चपेट में

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का कहना है कि पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी कैनेडा के इलाक़े, एक असाधारण और ख़तरनाक ताप लहर की चपेट में हैं. ये दुनिया का वे हिस्से है जहाँ लोग आम तौर पर ठण्डे मौसम के अभ्यस्त हैं. 

दुनिया वैश्विक तापमान में 1.5°C बढ़ोत्तरी के नज़दीक - WMO की चेतावनी

वैश्विक औसत तापमान में वार्षिक बढ़ोत्तरी, पूर्व औद्योगिक काल में तापमान के स्तर से, 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा होने की सम्भावना लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट के साथ चेतावनी भी जारी की है कि ऐसा अगले पाँच वर्षों के भीतर ही हो सकता है. रिपोर्ट दर्शाती है कि इस अवधि के दौरान, तापमान में बढ़ोत्तरी के इस स्तर को छूने की सम्भावना 40 फ़ीसदी है, और यह सम्भावना लगातार प्रबल हो रही है.

2020, अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक: यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2020 अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक रहा है और वर्ष 2016 को पीछे धकेल कर अब तक का सर्वाधिक गर्म साल साबित होने का रिकॉर्ड भी बनाने के नज़दीक था.  

मौसम सम्बन्धी घटनाओं के असर पर ध्यान केन्द्रित करना होगा

जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम और जलवायु सम्बन्धी घटनाओं की आवृत्ति, तीव्रता और गम्भीरता में बढ़ोत्तरी हुई है जिसका निर्बल समुदायों पर गहरा और ग़ैर-आनुपातिक असर हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) की एक नई रिपोर्ट में हालात की गम्भीरता की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए असरदार समय-पूर्व चेतावनी प्रणालियों में ज़्यादा संसाधन निवेश किये जाने की अहमियत को रेखांकित किया गया है. 

आर्कटिक में तापमान के नए कीर्तिमान की सम्भावना

विश्व मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने उन रिपोर्टों को अपनी स्वीकृति दे दी है जिनमें आर्कटिक सर्किल में अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है.  पिछले सप्ताहान्त रूस के एक गाँव में 38 डिग्री सेल्सियस (100.4F) तापमान दर्ज किया गया जोकि एक रिकॉर्ड है, हालाँकि अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा इस आँकड़े की सटीकता की अन्तिम पुष्टि अभी किया जाना बाक़ी है.